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कृष्ण के रूप में उजमा फारुकी ने पाई प्रशंसा
Amar Ujala
Updated Wed, 24 Aug 2016 12:16 AM IST
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कृष्ण के रूप में उजमा ने पाई प्रशंसा
- फोटो : Amar Ujala
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- ब्राइट स्कालर्स एकेडमी में कृष्ण रूप सज्जा
- प्रतियोगिता द्वारा प्रेम और समरसता का संदेश
उजमा नहीं जानती कि कृष्ण कौन हैं। लेकिन उसके माता-पिता को बखूबी पता है कि कृष्ण को मानने वालों का धर्म अलग है। इसके बाद भी उन्होंने बच्ची को कृष्ण के रूप में सजाया और अपनी बाइक पर बैठाकर चल दिए स्कूल।
ब्राइट स्कालर्स एकेडमी में यूकेजी की छात्रा उजमा फ ारुकी की मां उसे गोद में लेकर पहुंचीं। बुरक ा पहनी मां की गोद में बैठे बालकृष्ण ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। स्कूल में जन्माष्टमी समारोह धूमधाम से मनाया गया। कृष्ण के स्वरूप और उनकी लीलाओं की झांकी से स्कूल का परिसर चहक गया। रूप सज्जा प्रतियोगिता में कृष्ण, राधा या उनका सखा बनने के लिए बच्चों ने गजब का उत्साह दिखाया लेकिन उनके मम्मी-पापा भी पीछे नहीं रहे। तमाम अभिभावकों ने अपने बच्चे को सजाने के लिए सबसे अलग मेकअप और परिधान चुना। कृष्ण और राधा के रूप में सजे बच्चों के बीच सुंदर वेशभूषा के लिए तपस्या, आज्ञा, अपेक्षा, शैल, प्रयांश, रिचा, आकृति एवं ओम तोमर सहित अन्य बच्चों को सराहना मिली। उधर बच्चों की भीड़ के बीच उजमा फारूकी ने प्रशंसा प्राप्त की। इस नन्हीं मुस्लिम छात्रा की मां ने कहा कि इतने छोटे बच्चों को मजहबी एकता के लिए मिल जुल कर रहना सिखाने में मुझे कोई आपत्ति नहीं है। बच्चे ने मेकअप किया है। अगर कोई उसे कृष्ण कहे तो इसमें बुरा क्या है। निर्णायक मीरा दौनेरिया एवं पुष्पा पाल ने विद्यालय के प्रयास की सराहना की। निदेशक संजय शर्मा ने कहा कि बच्चों को प्रेम और सहिष्णुता का पाठ पढ़ाना विद्यालय की सफलता है। कृष्ण रूप में प्रबंधक प्रवेश कुमार, सेक्शन हेड नमिता सिंह एवं व्यवस्थापक दिलीप कुमार और ब्रजेश सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।
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- प्रतियोगिता द्वारा प्रेम और समरसता का संदेश
उजमा नहीं जानती कि कृष्ण कौन हैं। लेकिन उसके माता-पिता को बखूबी पता है कि कृष्ण को मानने वालों का धर्म अलग है। इसके बाद भी उन्होंने बच्ची को कृष्ण के रूप में सजाया और अपनी बाइक पर बैठाकर चल दिए स्कूल।
ब्राइट स्कालर्स एकेडमी में यूकेजी की छात्रा उजमा फ ारुकी की मां उसे गोद में लेकर पहुंचीं। बुरक ा पहनी मां की गोद में बैठे बालकृष्ण ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। स्कूल में जन्माष्टमी समारोह धूमधाम से मनाया गया। कृष्ण के स्वरूप और उनकी लीलाओं की झांकी से स्कूल का परिसर चहक गया। रूप सज्जा प्रतियोगिता में कृष्ण, राधा या उनका सखा बनने के लिए बच्चों ने गजब का उत्साह दिखाया लेकिन उनके मम्मी-पापा भी पीछे नहीं रहे। तमाम अभिभावकों ने अपने बच्चे को सजाने के लिए सबसे अलग मेकअप और परिधान चुना। कृष्ण और राधा के रूप में सजे बच्चों के बीच सुंदर वेशभूषा के लिए तपस्या, आज्ञा, अपेक्षा, शैल, प्रयांश, रिचा, आकृति एवं ओम तोमर सहित अन्य बच्चों को सराहना मिली। उधर बच्चों की भीड़ के बीच उजमा फारूकी ने प्रशंसा प्राप्त की। इस नन्हीं मुस्लिम छात्रा की मां ने कहा कि इतने छोटे बच्चों को मजहबी एकता के लिए मिल जुल कर रहना सिखाने में मुझे कोई आपत्ति नहीं है। बच्चे ने मेकअप किया है। अगर कोई उसे कृष्ण कहे तो इसमें बुरा क्या है। निर्णायक मीरा दौनेरिया एवं पुष्पा पाल ने विद्यालय के प्रयास की सराहना की। निदेशक संजय शर्मा ने कहा कि बच्चों को प्रेम और सहिष्णुता का पाठ पढ़ाना विद्यालय की सफलता है। कृष्ण रूप में प्रबंधक प्रवेश कुमार, सेक्शन हेड नमिता सिंह एवं व्यवस्थापक दिलीप कुमार और ब्रजेश सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।
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