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एआरटीओ कार्यालय में हंगामा, ट्रक मालिक को पीटा
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फिरोजाबाद। मंगलवार शाम जिला मुख्यालय स्थित सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ। ट्रक मालिक ने एआरटीओ प्रशासन व कर्मचारियों पर बंधक बनाकर डंडे से पीटने का आरोप लगाया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया।
ट्रक मालिक संतोष अग्रवाल का कहना है कि वह मूलरुप से शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के मोहल्ला कटरा मीरा के रहने वाले हैं और वर्तमान में आगरा में निवास करते हैं। उनके ट्रक पर करीब 61 हजार का टैक्स बकाया होने के साथ ही 32 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया था। जो कोरोना काल के कारण जमा नहीं कर सके। ऐसे में कुल राशि 93 हजार रुपये हो गई थी। अर्थदंड माफ कराने के लिए वह आगरा आरटीओ के यहां से पत्र लिखवाकर लाए थे।
टैक्स जमा करने के लिए वह दोपहर को सहायक संभागीय परिवहन विभाग के कार्यालय पहुंचा और एआरटीओ राजेश कर्दम को आरटीओ आगरा द्वारा लिखा गया पत्र देने के साथ ही अर्थदंड माफ करने का निवेदन किया। आरोप है इसी बात को लेकर एआरटीओ ने अभद्रता शुरु कर दी। विरोध करने पर आफिस में बंधक बनाकर पीटना शुरु कर दिया। शोरगुल होने पर काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। भीड़ एकत्रित होने पर कमरा नंबर पांच में ले जाकर बंधक बनाने के साथ ही कर्मचारियों के साथ लाठी-डंडे से पिटाई कराई। पुलिस मौके पर पहुंची तब कहीं जाकर मामला शांत होने पर उसको छोड़ा गया।
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वहीं एआरटीओ प्रशासन राजेश कर्दम का कहना है कि वह अर्थदंड माफ कराने के लिए दबाव बना रहा था। मना करने पर विवाद हुआ था। मारपीट और बंधक बनाने का आरोप गलत है। वहीं थानाध्यक्ष मटसेना अंजीश कुमार का कहना है कि इस तरह को कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
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ट्रक मालिक संतोष अग्रवाल का कहना है कि वह मूलरुप से शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के मोहल्ला कटरा मीरा के रहने वाले हैं और वर्तमान में आगरा में निवास करते हैं। उनके ट्रक पर करीब 61 हजार का टैक्स बकाया होने के साथ ही 32 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया था। जो कोरोना काल के कारण जमा नहीं कर सके। ऐसे में कुल राशि 93 हजार रुपये हो गई थी। अर्थदंड माफ कराने के लिए वह आगरा आरटीओ के यहां से पत्र लिखवाकर लाए थे।
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टैक्स जमा करने के लिए वह दोपहर को सहायक संभागीय परिवहन विभाग के कार्यालय पहुंचा और एआरटीओ राजेश कर्दम को आरटीओ आगरा द्वारा लिखा गया पत्र देने के साथ ही अर्थदंड माफ करने का निवेदन किया। आरोप है इसी बात को लेकर एआरटीओ ने अभद्रता शुरु कर दी। विरोध करने पर आफिस में बंधक बनाकर पीटना शुरु कर दिया। शोरगुल होने पर काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। भीड़ एकत्रित होने पर कमरा नंबर पांच में ले जाकर बंधक बनाने के साथ ही कर्मचारियों के साथ लाठी-डंडे से पिटाई कराई। पुलिस मौके पर पहुंची तब कहीं जाकर मामला शांत होने पर उसको छोड़ा गया।
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वहीं एआरटीओ प्रशासन राजेश कर्दम का कहना है कि वह अर्थदंड माफ कराने के लिए दबाव बना रहा था। मना करने पर विवाद हुआ था। मारपीट और बंधक बनाने का आरोप गलत है। वहीं थानाध्यक्ष मटसेना अंजीश कुमार का कहना है कि इस तरह को कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है।