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12 वर्षो के लंबे इंतजार के बाद भी अधर ट्रांसपोर्ट नगर
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रफ़रोजाबाद ! ट्रांसपोर्ट नगर नहीं होने के कारण राजा का ताल स्थित सर्विस रोड पर खड़े लोडिंग वाहन
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने एवं कारोबारियों को सहूलियत दिलाने को करीब 12 वर्ष पूर्व शुरू हुई ट्रांसपोर्ट नगर स्थापना की कवायद आज भी अधूरी है। ताजा स्थिति में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए भूमि अधिग्रहण तो हो गया। लेकिन आगे की कार्रवाई अभी भी गति नहीं पकड़ पा रही है। जनप्रतिनिधियों ने भी इसके लिए ठोस पहल नहीं की।
वर्ष 2010 में फिरोजाबाद से टूंडला की ओर जाने वाले पुराने हाईवे से सटे गांव गुदांऊ में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापना को भूमि चिह्नित की गई थी। शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने, कांच व अन्य कारोबार को बढ़ावा देने के लिये शुरू हुई कवायद अभी भी अधूरी है। कई बार ट्रांसपोर्ट नगर के लिए बात लोगों ने उठाई, लेकिन कोई भी नतीजा नहीं निकला। जनप्रतिनिधियों ने भी इसे लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई। गुदांऊ में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापना को अधिग्रहित करीब 15.5 हेक्टेयर भूमि आज भी जस की तस है। लगभग 12 वर्षों से चल रही इस पूरी कवायद का प्रथम चरण किसानों को मुुआवजा भुगतान, छोटे-मोटे निर्माण कार्य अभी भी अधूरे पडे़ हैं। विप्रा. के अधीन बनने वाले ट्रांसपोर्ट नगर स्थापना में हो रही देरी का खामियाजा आज भी शहर की जनता खास तौर पर आंतरिक इलाकों में सैकड़ों चूड़ी गोदाम संचालकों व कारोबारी जगत को भुगतना पड़ रहा है। नौ एंट्री के कारण व्यवसायिक वाहन शहर के आंतरिक इलाकों में प्रवेश नहीं कर पाते।
ट्रांसपोर्ट विकसित हो तो, यहां जाम से मिले मुक्ति-
हनुमान गढ़, दुर्गानगर, शीतलखां रोड, कोटला चुंगी, नगला बरी, रामनगर, पैमेश्वर गेट के अलावा रसूलपुर आदि आबादी के लिहाज से काफी घने हैं। व्यवसायिक दृष्टिकोण अथवा चूड़ी कारोबार की भरमार होने के चलते सैकड़ों ट्रांसपोर्ट कंपनी भी संचालित हैं। हल्के व भारी वाहनों के साथ ही हाथठेला आवागमन के कारण इन इलाकों में रोज जाम लगता है।
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टीटीजेड में जाम नहीं लगे, स्पष्ट हैं निर्देश-
टीटीजेड एरिया में वायु गुणवत्ता सुधार को किसी भी चौराहा पर जाम नहीं लगने देने के स्पष्ट निर्देश हैं। लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर विकसित नहीं होने के कारण शहर के प्रमुुख चौराहा जैन मंदिर, कंपनी बाग चौराहा, स्टेेशन रोड, शीतल खां और चौराहा नालबंदान रसूलपुर चौराहा पर आयेदिन जाम लगता है।
ट्रांसपोर्ट कंपनी संचालकों की बात-
हम भी चहाते हैं कि ट्रांसपोर्ट नगर जल्द विकसित हो। कारण दिन में नो एंट्री के कारण लोडिंग वाहन सड़कों पर खडे़ रहते हैं। इससे हमें माल की लोडिंग-अनलोडिंग में दिक्कत आती है। वाहन स्वामी को भी लोडिंग-अनलोडिंग का हर्जाना देना पड़ता है।
अनुभव माहेश्वरी सीएमओ ट्रांसपोर्ट
एक जगह पर ही लोडिंग-अनलोडिंग होने से व्यापारी व हल्के वाहनों को आवागमन सहूलियत होगी। साथ ही दूसरे राज्यों व जिला से आने वाले व्यवसायिक वाहन चालकों द्वारा पुलिस चालान काटने जैसी समस्या का भी समाधान होगा।
गौरीशंकर मंगला गौरी ट्रांसपोर्ट
ट्रांसपोर्ट नगर स्थापना संबंधी कार्यवाही तेजी से निपटाई जा रही हैं। भूमि अधिग्रहण के साथ ही छोटी दुकानों व गोदाम आदि के आवंटन की प्रक्रिया भी तेजी पूरी की जा रही है। उम्मीद है कि उक्त परियोजना जल्द ही पूरी होगी।
कप्तान सिंह एक्सईएन विप्रा.
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वर्ष 2010 में फिरोजाबाद से टूंडला की ओर जाने वाले पुराने हाईवे से सटे गांव गुदांऊ में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापना को भूमि चिह्नित की गई थी। शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने, कांच व अन्य कारोबार को बढ़ावा देने के लिये शुरू हुई कवायद अभी भी अधूरी है। कई बार ट्रांसपोर्ट नगर के लिए बात लोगों ने उठाई, लेकिन कोई भी नतीजा नहीं निकला। जनप्रतिनिधियों ने भी इसे लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई। गुदांऊ में ट्रांसपोर्ट नगर स्थापना को अधिग्रहित करीब 15.5 हेक्टेयर भूमि आज भी जस की तस है। लगभग 12 वर्षों से चल रही इस पूरी कवायद का प्रथम चरण किसानों को मुुआवजा भुगतान, छोटे-मोटे निर्माण कार्य अभी भी अधूरे पडे़ हैं। विप्रा. के अधीन बनने वाले ट्रांसपोर्ट नगर स्थापना में हो रही देरी का खामियाजा आज भी शहर की जनता खास तौर पर आंतरिक इलाकों में सैकड़ों चूड़ी गोदाम संचालकों व कारोबारी जगत को भुगतना पड़ रहा है। नौ एंट्री के कारण व्यवसायिक वाहन शहर के आंतरिक इलाकों में प्रवेश नहीं कर पाते।
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ट्रांसपोर्ट विकसित हो तो, यहां जाम से मिले मुक्ति-
हनुमान गढ़, दुर्गानगर, शीतलखां रोड, कोटला चुंगी, नगला बरी, रामनगर, पैमेश्वर गेट के अलावा रसूलपुर आदि आबादी के लिहाज से काफी घने हैं। व्यवसायिक दृष्टिकोण अथवा चूड़ी कारोबार की भरमार होने के चलते सैकड़ों ट्रांसपोर्ट कंपनी भी संचालित हैं। हल्के व भारी वाहनों के साथ ही हाथठेला आवागमन के कारण इन इलाकों में रोज जाम लगता है।
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टीटीजेड में जाम नहीं लगे, स्पष्ट हैं निर्देश-
टीटीजेड एरिया में वायु गुणवत्ता सुधार को किसी भी चौराहा पर जाम नहीं लगने देने के स्पष्ट निर्देश हैं। लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर विकसित नहीं होने के कारण शहर के प्रमुुख चौराहा जैन मंदिर, कंपनी बाग चौराहा, स्टेेशन रोड, शीतल खां और चौराहा नालबंदान रसूलपुर चौराहा पर आयेदिन जाम लगता है।
ट्रांसपोर्ट कंपनी संचालकों की बात-
हम भी चहाते हैं कि ट्रांसपोर्ट नगर जल्द विकसित हो। कारण दिन में नो एंट्री के कारण लोडिंग वाहन सड़कों पर खडे़ रहते हैं। इससे हमें माल की लोडिंग-अनलोडिंग में दिक्कत आती है। वाहन स्वामी को भी लोडिंग-अनलोडिंग का हर्जाना देना पड़ता है।
अनुभव माहेश्वरी सीएमओ ट्रांसपोर्ट
एक जगह पर ही लोडिंग-अनलोडिंग होने से व्यापारी व हल्के वाहनों को आवागमन सहूलियत होगी। साथ ही दूसरे राज्यों व जिला से आने वाले व्यवसायिक वाहन चालकों द्वारा पुलिस चालान काटने जैसी समस्या का भी समाधान होगा।
गौरीशंकर मंगला गौरी ट्रांसपोर्ट
ट्रांसपोर्ट नगर स्थापना संबंधी कार्यवाही तेजी से निपटाई जा रही हैं। भूमि अधिग्रहण के साथ ही छोटी दुकानों व गोदाम आदि के आवंटन की प्रक्रिया भी तेजी पूरी की जा रही है। उम्मीद है कि उक्त परियोजना जल्द ही पूरी होगी।
कप्तान सिंह एक्सईएन विप्रा.