{"_id":"580a64f34f1c1b453d703a3e","slug":"training-had-been-going-on-for-trafficking-women","type":"story","status":"publish","title_hn":"तस्करी के लिए नहीं ट्रेनिंग पर जा रहीं थीं युवतियां ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तस्करी के लिए नहीं ट्रेनिंग पर जा रहीं थीं युवतियां
अमर उजाला
Updated Sat, 22 Oct 2016 12:27 AM IST
विज्ञापन
तस्करी के लिए नहीं ट्रेनिंग पर जा रहीं थीं युवतियां
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तस्करी के लिए नहीं ट्रेनिंग पर जा रहीं थीं युवतियां
मुरी एक्सप्रेस से गुरुवार को उतारी गई सभी युवतियों को पूछताछ और छानबीन के बाद छोड़ा गया
अमर उजाला ब्यूरो
टूंडला। मूरी एक्सप्रेस से ले जायी जा रहीं युवतियों की मानव तस्करी की सूचना झूठी साबित हुई। युवतियों को एक एनजीओ द्वारा कौशल मिशन विकास योजना के तहत उड़ीसा से लुधियाना में एक टैक्सटाइल्स कंपनी में ट्रेनिंग कर नौकरी के लिए ले जाया जा रहा था। उड़ीसा देवधर के डीएम व एसपी से फैक्स द्वारा मिले संदेश व जांच के बाद उन्हें शुक्रवार को मूरी एक्सप्रेस ही रवाना कर दिया गया। गलत सूचना के कारण 20 घंटे तक वह मानसिक प्रताड़ना झेलती रहीं। एनजीओ ने इस मामले को मानवाधिकार आयोग तक ले जाने की बात कही है।
बताते चलें गुरूवार रात करीब आठ बजे उत्तर प्रदेश के गृह सचिव ने रेलवे पुलिस अधीक्षक आगरा को जानकारी दी थी कि मुरी एक्सप्रेस में 18 से 23 साल की ढाई दर्जन युवतियों को मानव तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है।
हायर अथोरिटी से मिली सूचना पर एसपी रेलवे ने स्वयं टूंडला पहुंचते हुए जीआरपी, आरपीएफ के साथ ट्रेन के कोच एस-3 व एस-6 से 28 युवतियों को उतार लिया था। इसके साथ ही एनजीओ व इरिका कंपनी के पदाधिकारी व एक महिला को हिरासत में ले लिया था। रेलवे पुलिस के साथ ही सिविल पुलिस को बुलाकर गहना से पूछताछ की गयी थी।
विज्ञापन
पूछताछ के दौरान एनजीओ के मैनेजर राजकुमार व सहायक हिमांशु व सहयोगी कुमारी रिंकु एवं इरिका के ट्रेनर चिन्मयानंद ने बताया कि वह युवतियों ने उनके एनजीओ से दीनदयाल उपाध्याय एनजीओ के माध्यम से ग्रामीण कौशल विकास मिशन से ट्रेनिंग ली है। इरिका के माध्यम से लुधियाना की ट्रैक्सटाइल कंपनी में ट्रेनिंग के साथ नौकरी के लिए ले जायी जा रहीं हैं, किंतु इस बीच युवतियों अलग-अलग वयान देने से शक और भी गहरा गया था। इस पर रेलवे पुलिस ने देवधर उडीसा के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने सभी युवतियों को क्लीन चिट दे दी। शुक्रवार शाम युवतियों को मुरी एक्सप्रेस से ही लुधियाना के लिए रवाना कर दिया गया।जीआरपी प्रभारी ब्रजमोहन ने बताया कि रांची के वैद्यनाथ एनजीओ ने गृहसचिव उप्र को मानव तस्करी की सचूना दी थी।
वर्जन--
राउरकेला के डीएम व एसएसपी का संयुक्त फैक्स टूंडला में प्राप्त हुआ था, जिसमें उन्होंने मुरी एक्सप्रेस में सवार 30 सदस्यीय दल के बारे में जानकारी दी थी कि वे लोग ट्रेनिंग करके लुधियाना की अरिहंत नामक कंपनी में जॉब के लिए जा रहे हैं। कई घंटे की पूछताछ में भई लड़के-लड़कियों से कुछ संदेहजनक बात निकलकर नहीं आई। इसके बाद पूरे दल को क्लीनचिट देकर गंतव्य को रवाना कर दिया गया।
अजय कुमार, एसपी रेलवे, आगरा
बाक्स--
टीवी चैनलों पर खबर देख परिजन की अटकी सांसे
टूंडला ब्यूरो। टीवी चैनलों पर युवतियों को मानव तस्करी के लिए ले जाने की खबर चलने होने के बाद उनके परिजनों की सांसे अटक गयीं। युवतियों के परिजन उनसे मोबाइल पर बात करते रहे। इसके साथ ही उनकी सलामती के लिए जीआरपी टूंडला से संपर्क कर जानकारी करते रहे। पुलिस द्वारा सही जवाब न मिलने के कारण परिजन खासे परेशान रहे।
मानवाधिकार से करेंगे शिकायत
टूंडला ब्यूरो। एनजीओ संचालकों का कहना है कि जिन चैनलों द्वारा उन्हें मानव तस्करी के रूप में दिखाया गया है। उनके विरूद्ध वह कोर्ट में जाएंगे। इसके साथ ही पुलिस के विरुद्ध मानवाधिकार आयोग में शिकायत करेंगे।
20 घंटे तक रहीं मानसिक रूप से परेशान युवतियां
टूूंडला ब्यूरो। प्रदेश के गृह सचिव के माध्य से मिली सूचना के बाद गुरुवार देररात्रि पौने 10 बजे युवतियों को ट्रेन से उतारा गया था। इस बीच पुलिस ने तरह-तरह के सवाल पूछे तथा परिजनों द्वारा फोन कर जानकारी करने से करीब 20 घंटे तक मानसिक तनाव में रहीं। हालांकि दोपहर दो बजे करीब उन्हें सबकुछ सही होने की सूचना दी गयी थी, किंतु जब ट्रेन में बैठी तब उन्होंने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
मुरी एक्सप्रेस से गुरुवार को उतारी गई सभी युवतियों को पूछताछ और छानबीन के बाद छोड़ा गया
अमर उजाला ब्यूरो
टूंडला। मूरी एक्सप्रेस से ले जायी जा रहीं युवतियों की मानव तस्करी की सूचना झूठी साबित हुई। युवतियों को एक एनजीओ द्वारा कौशल मिशन विकास योजना के तहत उड़ीसा से लुधियाना में एक टैक्सटाइल्स कंपनी में ट्रेनिंग कर नौकरी के लिए ले जाया जा रहा था। उड़ीसा देवधर के डीएम व एसपी से फैक्स द्वारा मिले संदेश व जांच के बाद उन्हें शुक्रवार को मूरी एक्सप्रेस ही रवाना कर दिया गया। गलत सूचना के कारण 20 घंटे तक वह मानसिक प्रताड़ना झेलती रहीं। एनजीओ ने इस मामले को मानवाधिकार आयोग तक ले जाने की बात कही है।
बताते चलें गुरूवार रात करीब आठ बजे उत्तर प्रदेश के गृह सचिव ने रेलवे पुलिस अधीक्षक आगरा को जानकारी दी थी कि मुरी एक्सप्रेस में 18 से 23 साल की ढाई दर्जन युवतियों को मानव तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है।
विज्ञापन
हायर अथोरिटी से मिली सूचना पर एसपी रेलवे ने स्वयं टूंडला पहुंचते हुए जीआरपी, आरपीएफ के साथ ट्रेन के कोच एस-3 व एस-6 से 28 युवतियों को उतार लिया था। इसके साथ ही एनजीओ व इरिका कंपनी के पदाधिकारी व एक महिला को हिरासत में ले लिया था। रेलवे पुलिस के साथ ही सिविल पुलिस को बुलाकर गहना से पूछताछ की गयी थी।
विज्ञापन
पूछताछ के दौरान एनजीओ के मैनेजर राजकुमार व सहायक हिमांशु व सहयोगी कुमारी रिंकु एवं इरिका के ट्रेनर चिन्मयानंद ने बताया कि वह युवतियों ने उनके एनजीओ से दीनदयाल उपाध्याय एनजीओ के माध्यम से ग्रामीण कौशल विकास मिशन से ट्रेनिंग ली है। इरिका के माध्यम से लुधियाना की ट्रैक्सटाइल कंपनी में ट्रेनिंग के साथ नौकरी के लिए ले जायी जा रहीं हैं, किंतु इस बीच युवतियों अलग-अलग वयान देने से शक और भी गहरा गया था। इस पर रेलवे पुलिस ने देवधर उडीसा के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने सभी युवतियों को क्लीन चिट दे दी। शुक्रवार शाम युवतियों को मुरी एक्सप्रेस से ही लुधियाना के लिए रवाना कर दिया गया।जीआरपी प्रभारी ब्रजमोहन ने बताया कि रांची के वैद्यनाथ एनजीओ ने गृहसचिव उप्र को मानव तस्करी की सचूना दी थी।
वर्जन--
राउरकेला के डीएम व एसएसपी का संयुक्त फैक्स टूंडला में प्राप्त हुआ था, जिसमें उन्होंने मुरी एक्सप्रेस में सवार 30 सदस्यीय दल के बारे में जानकारी दी थी कि वे लोग ट्रेनिंग करके लुधियाना की अरिहंत नामक कंपनी में जॉब के लिए जा रहे हैं। कई घंटे की पूछताछ में भई लड़के-लड़कियों से कुछ संदेहजनक बात निकलकर नहीं आई। इसके बाद पूरे दल को क्लीनचिट देकर गंतव्य को रवाना कर दिया गया।
अजय कुमार, एसपी रेलवे, आगरा
बाक्स--
टीवी चैनलों पर खबर देख परिजन की अटकी सांसे
टूंडला ब्यूरो। टीवी चैनलों पर युवतियों को मानव तस्करी के लिए ले जाने की खबर चलने होने के बाद उनके परिजनों की सांसे अटक गयीं। युवतियों के परिजन उनसे मोबाइल पर बात करते रहे। इसके साथ ही उनकी सलामती के लिए जीआरपी टूंडला से संपर्क कर जानकारी करते रहे। पुलिस द्वारा सही जवाब न मिलने के कारण परिजन खासे परेशान रहे।
मानवाधिकार से करेंगे शिकायत
टूंडला ब्यूरो। एनजीओ संचालकों का कहना है कि जिन चैनलों द्वारा उन्हें मानव तस्करी के रूप में दिखाया गया है। उनके विरूद्ध वह कोर्ट में जाएंगे। इसके साथ ही पुलिस के विरुद्ध मानवाधिकार आयोग में शिकायत करेंगे।
20 घंटे तक रहीं मानसिक रूप से परेशान युवतियां
टूूंडला ब्यूरो। प्रदेश के गृह सचिव के माध्य से मिली सूचना के बाद गुरुवार देररात्रि पौने 10 बजे युवतियों को ट्रेन से उतारा गया था। इस बीच पुलिस ने तरह-तरह के सवाल पूछे तथा परिजनों द्वारा फोन कर जानकारी करने से करीब 20 घंटे तक मानसिक तनाव में रहीं। हालांकि दोपहर दो बजे करीब उन्हें सबकुछ सही होने की सूचना दी गयी थी, किंतु जब ट्रेन में बैठी तब उन्होंने राहत की सांस ली।