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व्यापारियों ने बंद से किया किनारा, कांग्रेस को ‘वाम’ का सहारा
ब्यूरो, अमर उजाला,फीरोजाबाद
Updated Sun, 27 Nov 2016 11:45 PM IST
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भाजपा नाोट बंदी के समर्थ्न में
- फोटो : अमर उजाला
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फीरोजाबाद।
नोटबंदी के खिलाफ भारत बंद व्यापारी नेताओं ने किनारा कर लिया है। सपा - बसपा सहित कई राजनैतिक दलों ने भी हाथ पीछे खींच लिए हैं। भारत बंद को सफल बनाने के लिए कांग्रेस के कार्यकर्ता आक्रोश जुलूस निकालेंगे। वामदल गांधीपार्क में धरना प्रदर्शन का ज्ञापन सौंपेंगे।
नोट बंदी के खिलाफ विपक्षी दलों ने 28 नवंबर को विरोध दिवस मनाने का फैसला कर भारत बंद का आह्वान किया था। व्यापारी नेताओं ने बंदी के समर्थन से दूरी बना ली है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (मिश्रा गुट) के राष्ट्रीय सचिव रवींद्रलाल तिवारी ने कहा प्रधानमंत्री ने 50 दिन का समय मांगा है। हमें 50 दिन तो इंतजार करना चाहिए। हालांकि अभी व्यापारी समाज को दिक्कत है। समय पूरा होने के बाद दिक्कत खत्म नहीं हुई तो व्यापारी आंदोलन करेगा। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय संयोजक बीएस गुप्ता ने कहा पीएम का निर्णय बहुत अच्छा है। बाजार पूरी ही तरह से खुला रहेगा। यदि कोई आह्वान करेगा तो व्यापारी नहीं मानेंगे। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल (कंछल गुट) के जिलाध्यक्ष अनिल मैनेजर ने कहा हमारा बंद का कोई समर्थन नहीं हैं। बसपा के जोन कोआर्डिनेटर हेमंत प्रताप सिंह ने कहा नोट की बंदी से आम जनता, व्यापारी व गरीब तबके की परेशानी बढ़ी है। बसपा सुप्रीमो बहन मायावती ने संसद एवं संसद के बाहर जनता की परेशानी की लड़ाई को लड़ा हैं, परंतु 28 नवंबर को विरोध का कोई कार्यक्रम नहीं हैं।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महानगर अध्यक्ष गुलाम जीलानी ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर 28 नवंबर को पूर्वाह्न 11 बजे अंबेडकर पार्क रसूलपुर से नोटबंदी के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च नालबंद चौराहा, नाले की पुलिया, सदर बाजार से होते हुए जैन मंदिर पर समाप्त होगा। इधर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वख्तयार अहमद सिद्दीकी ने कहा कि नोटबंदी के खिलाफ 28 नवंबर को सुबह दस बजे गांधीपार्क में धरना प्रदर्शन होगा। प्रदर्शन में काफी संख्या में मजदूर शामिल होंगे।
नोटबंदी के खिलाफ भारत बंद व्यापारी नेताओं ने किनारा कर लिया है। सपा - बसपा सहित कई राजनैतिक दलों ने भी हाथ पीछे खींच लिए हैं। भारत बंद को सफल बनाने के लिए कांग्रेस के कार्यकर्ता आक्रोश जुलूस निकालेंगे। वामदल गांधीपार्क में धरना प्रदर्शन का ज्ञापन सौंपेंगे।
नोट बंदी के खिलाफ विपक्षी दलों ने 28 नवंबर को विरोध दिवस मनाने का फैसला कर भारत बंद का आह्वान किया था। व्यापारी नेताओं ने बंदी के समर्थन से दूरी बना ली है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (मिश्रा गुट) के राष्ट्रीय सचिव रवींद्रलाल तिवारी ने कहा प्रधानमंत्री ने 50 दिन का समय मांगा है। हमें 50 दिन तो इंतजार करना चाहिए। हालांकि अभी व्यापारी समाज को दिक्कत है। समय पूरा होने के बाद दिक्कत खत्म नहीं हुई तो व्यापारी आंदोलन करेगा। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय संयोजक बीएस गुप्ता ने कहा पीएम का निर्णय बहुत अच्छा है। बाजार पूरी ही तरह से खुला रहेगा। यदि कोई आह्वान करेगा तो व्यापारी नहीं मानेंगे। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल (कंछल गुट) के जिलाध्यक्ष अनिल मैनेजर ने कहा हमारा बंद का कोई समर्थन नहीं हैं। बसपा के जोन कोआर्डिनेटर हेमंत प्रताप सिंह ने कहा नोट की बंदी से आम जनता, व्यापारी व गरीब तबके की परेशानी बढ़ी है। बसपा सुप्रीमो बहन मायावती ने संसद एवं संसद के बाहर जनता की परेशानी की लड़ाई को लड़ा हैं, परंतु 28 नवंबर को विरोध का कोई कार्यक्रम नहीं हैं।
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महानगर अध्यक्ष गुलाम जीलानी ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर 28 नवंबर को पूर्वाह्न 11 बजे अंबेडकर पार्क रसूलपुर से नोटबंदी के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च नालबंद चौराहा, नाले की पुलिया, सदर बाजार से होते हुए जैन मंदिर पर समाप्त होगा। इधर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वख्तयार अहमद सिद्दीकी ने कहा कि नोटबंदी के खिलाफ 28 नवंबर को सुबह दस बजे गांधीपार्क में धरना प्रदर्शन होगा। प्रदर्शन में काफी संख्या में मजदूर शामिल होंगे।
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