{"_id":"570a5d824f1c1ba153c810e3","slug":"to-be-loved-by-everyone-in-the-world","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुनियां के हर आदमी से प्यार हो जाए...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुनियां के हर आदमी से प्यार हो जाए...
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 10 Apr 2016 11:06 PM IST
विज्ञापन
Poet a poet recites poetry at the conference
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साहित्य एवं समाज सेवा को समर्पित संस्था शीतल द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन एक रिसोर्ट में किया गया। इसमें कवियों ने कविता पाठ कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ दिल्ली से आए गीतकार विवेक रफीक ने एक कविता - हमारा काश कुछ ऐसा या रब किरदार हो जाए, हमें दुनियां के हर एक आदमी से प्यार हो जाए सुनाकर किया। दिल्ली के ही कवि भाषी मुल्तानी ने यह कहकर खूब हंसाया- छोटी-छोटी बात पर जो लाल-पीला हो गया, समझ लीजिए उसका कोई पेच ढीला हो गया। दिल्ली के ही कवि सुलेख साथी ने कहा- बेसहारों को सहारा चाहिए, आदमी को प्यारा चाहिए। कवि सुरजीत सिंह नशीला ने पढ़ा- प्यार से बढ़कर दुनियां में सच पूछो कोई हथियार नहीं। कवि प्रेमस्वरूप पारस ने कहा- इस जहां के सभी भेद खो जाएंगे, फासले जो भी हैं दूर हो जाएंगे। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता निरंकारी कवि महात्मा सुलेख साथी ने की, जबकि मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह व विशिष्ट अतिथि पूर्व अपर न्यायाधीश सुरेश सिंह यादव एवं संरक्षक सुमन वर्मा थीं। संचालन डॉ. अशोक अनुरागी ने किया। इसके अलावा रामकुमार सेवक, सुनील त्रिपाठी निराला, डॉ. अरुण, अनिल कुमार, विनोद राजयोगी, गिरीश फलक, ओमप्रकाश बेबरिया ने भी कविता पाठ किया। अंत में संरक्षक सुमन वर्मा ने आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
कवि सम्मेलन का शुभारंभ दिल्ली से आए गीतकार विवेक रफीक ने एक कविता - हमारा काश कुछ ऐसा या रब किरदार हो जाए, हमें दुनियां के हर एक आदमी से प्यार हो जाए सुनाकर किया। दिल्ली के ही कवि भाषी मुल्तानी ने यह कहकर खूब हंसाया- छोटी-छोटी बात पर जो लाल-पीला हो गया, समझ लीजिए उसका कोई पेच ढीला हो गया। दिल्ली के ही कवि सुलेख साथी ने कहा- बेसहारों को सहारा चाहिए, आदमी को प्यारा चाहिए। कवि सुरजीत सिंह नशीला ने पढ़ा- प्यार से बढ़कर दुनियां में सच पूछो कोई हथियार नहीं। कवि प्रेमस्वरूप पारस ने कहा- इस जहां के सभी भेद खो जाएंगे, फासले जो भी हैं दूर हो जाएंगे। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता निरंकारी कवि महात्मा सुलेख साथी ने की, जबकि मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह व विशिष्ट अतिथि पूर्व अपर न्यायाधीश सुरेश सिंह यादव एवं संरक्षक सुमन वर्मा थीं। संचालन डॉ. अशोक अनुरागी ने किया। इसके अलावा रामकुमार सेवक, सुनील त्रिपाठी निराला, डॉ. अरुण, अनिल कुमार, विनोद राजयोगी, गिरीश फलक, ओमप्रकाश बेबरिया ने भी कविता पाठ किया। अंत में संरक्षक सुमन वर्मा ने आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन