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हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सुनाई सजा
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फिरोजाबाद। अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट जय सिंह पुंडीर ने थाना रसूलपुर क्षेत्र के ग्राम मोढ़ा में 21 वर्ष पूर्व भैंस चोरी के दौरान ग्रामीण की हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर बीस-बीस हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो-दो वर्ष का कठोर कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक की पत्नी को देने का आदेश दिया है।
थाना रसूलपुर के ग्राम मोढ़ा में छह एवं सात जुलाई 1999 की रात्रि में कक्षा बनियान गिरोह ने धावा बोला था। मुन्नीदेवी द्वारा शोर मचाए जाने पर उनके पति राम सिंह बदमाशों को पकड़ने के लिए दौड़े थे। बदमाशों द्वारा फायरिंग में राम सिंह की मौके पर मौत हो गई थी। इस घटना के संबंध में महेशचंद्र के द्वारा थाना रसूलपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना करने के साथ थाना मटसेना के करकौली निवासी सत्तार उर्फ सलाफी, जिला एटा थाना बागवाला के नगला देशी निवासी सलीम उर्फ फकीरा एवं गनियां के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया था। मामला सुनवाई के लिए अपर जिला जज एवं विशेष जज एससीएसटी एक्ट जय सिंह पुंडीर के न्यायालय में पहुंचा। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने वरिष्ठ नागरिक एवं गरीब होने का हवाला देते हुए बचाव का प्रयास किया लेकिन शासन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि राम सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने के साथ ज्ञान देवी एवं धनदेवी की भैंस चोरी की गई। यह जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। अपर जिला जज एवं विशेष जज एससीएसटी एक्ट जय सिंह पुंडीर ने साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर सलीम, गनियां एवं सत्तार को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा एवं बीस-बीस हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 307,394 एवं 411 में दोषी मानते हुए सजा सुनाने के साथ ही सात-सात हजार का अलग से अर्थदंड लगाया है।
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थाना रसूलपुर के ग्राम मोढ़ा में छह एवं सात जुलाई 1999 की रात्रि में कक्षा बनियान गिरोह ने धावा बोला था। मुन्नीदेवी द्वारा शोर मचाए जाने पर उनके पति राम सिंह बदमाशों को पकड़ने के लिए दौड़े थे। बदमाशों द्वारा फायरिंग में राम सिंह की मौके पर मौत हो गई थी। इस घटना के संबंध में महेशचंद्र के द्वारा थाना रसूलपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना करने के साथ थाना मटसेना के करकौली निवासी सत्तार उर्फ सलाफी, जिला एटा थाना बागवाला के नगला देशी निवासी सलीम उर्फ फकीरा एवं गनियां के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया था। मामला सुनवाई के लिए अपर जिला जज एवं विशेष जज एससीएसटी एक्ट जय सिंह पुंडीर के न्यायालय में पहुंचा। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने वरिष्ठ नागरिक एवं गरीब होने का हवाला देते हुए बचाव का प्रयास किया लेकिन शासन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि राम सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने के साथ ज्ञान देवी एवं धनदेवी की भैंस चोरी की गई। यह जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। अपर जिला जज एवं विशेष जज एससीएसटी एक्ट जय सिंह पुंडीर ने साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर सलीम, गनियां एवं सत्तार को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा एवं बीस-बीस हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 307,394 एवं 411 में दोषी मानते हुए सजा सुनाने के साथ ही सात-सात हजार का अलग से अर्थदंड लगाया है।
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