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शहादत पर जनप्रतिनिधियों ने व्यक्त नहीं की संवेदना
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 27 Jun 2016 10:54 PM IST
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शहीद के परिवारीजनों को सांत्वना देती डीएम
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जिले में पांच विधानसभाओं में पांच विधायक हैं। एक सांसद और दो एमएलसी हैं लेकिन एक भी जनप्रतिनिधि देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीद वीर सिंह के गांव नगला केवल में संवेदना व्यक्त करने नहीं पहुंचा। रविवार को शहीद के अंतिम संस्कार के समय हजारों की भीड़ नगला केवल में जमा थी। जिले और मंडल के आलाधिकारियों के साथ-साथ सीआरपीएफ के सैन्य अफसर मौजूद थे लेकिन वहां किसी भी विधायक ने जाना जरूरी नहीं समझा। परिवारीजनों, रिश्तेदार और ग्रामीणों इससे दुखी हैं। सोमवार शाम को जरूर एमएलसी डा. दिलीप यादव, भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद एसपी सिंह बघेल, पूर्व विधायक झाऊलाल यादव नगला केवल पहुंचे। हालांकि देर शाम पूर्व सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल ने पहुंचकर शहीद के परिवारीजनों को सांत्वना दी।
मैनपुरी रोड स्थित नगला केवल में अब पूरी तरह से खामोशी छाई हुई है। सोमवार सुबह अपने मकान के बाहर चबूतरे पर शहीद वीर सिंह के वृद्ध पिता रामसनेही लाल, भाई रंजीत, पुत्री रजनी, पुत्र रमनदीप व संदीप के साथ अन्य परिवारीजन और रिश्तेदार गुमसुम बैठे हुए थे। उनसे मिलने वाले लोगों का तांता लगा था। इनमें विभिन्न सामाजिक संगठन और राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे। शहीद के परिवार से कोई भी विधायक, सांसद मिलने नहीं पहुंचा। रविवार शाम को जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप छोटू जरूर अंतिम संस्कार के समय नगला केवल पहुंच गए थे। शहीद वीर सिंह के रिश्तेदार अशोक कुमार के मन में कसक थी। उन्होंने कहा 24 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है। शहीद के परिवार को तसल्ली के दो शब्द कहने भी कोई जन प्रतिनिधि अब तक गांव नहीं आए हैं। वहीं शहीद के अंतिम संस्कार के समय शासन का कोई मंत्री तक नहीं आया। उनका दर्द था कि यदि सरकार शहीद के परिवार की मान मर्यादा नहीं रखेगी, सहयोग नहीं करेगी तो कौन अपने बच्चों को सेना में भेजेगा? कैसे देश की सुरक्षा होगी? इसी बीच पहुंचे समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष शराफत अली को भी उन्होंने अपना दर्द बताया। नगर अध्यक्ष ने कहा कि वह इस संबंध में सांसद अक्षय यादव को अवगत कराएंगे। हालांकि शाम को एमएलसी डा. दिलीप यादव, भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद एसपी सिंह बघेल, पूर्व विधायक झाऊलाल यादव ने नगला केवल पहुंच कर शहीद के परिवारीजनों को ढांढस बंधाया।
आसमान भी रोया
शहीद की शहादत पर आसमान भी रोया। देर रात शहीद की अंत्येष्टि के बाद रात एक बजे बारिश हुई। बारिश के चलते सुबह तक चिता ठंडी नहीं हुई थी। चिता ठंडी होने के बाद ही फूल चुनने का कार्य संपन्न हुआ। इसी स्थान पर शहीद का स्मारक बनाकर मूर्ति लगाई जाएगी।
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हम शहीद के अंतिम दर्शन करने आए हैं
रात को अंत्येष्टि स्थल पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे। मनीष, प्रमोद व उमेश जो कि शिकोहाबाद से शहीद वीर सिंह की अंत्येष्टि में शामिल होने आए थे ने बताया कि अमरनाथ की यात्रा वह लोग प्रतिवर्ष करते हैं। वहां आतंकवादियों से हम लोगों की सुरक्षा यह जवान ही करते हैं। हमें अखबार से जानकारी मिली थी। हम देश की रक्षा करने वाले इस शहीद के अंतिम दर्शन करने आए हैं। वहीं अमर उजाला में प्रकाशित खबर को लोगों ने पढ़ा और सराहा।
जिले में ये हैं जनप्रतिनिधि
अक्षय यादव (सांसद सपा), हरिओम यादव (विधायक सपा), रामवीर यादव (विधायक सपा), राकेश बाबू एडवोकेट (विधायक बसपा), मनीष असीजा (विधायक भाजपा), ओम प्रकाश वर्मा (विधायक सपा), डा. दिलीप यादव (एमएलसी सपा), डा. असीम यादव (एमएलसी सपा)। इसके अलावा नौ ब्लाकों में जनता के चुने ब्लाक प्रमुख भी हैं।
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मैनपुरी रोड स्थित नगला केवल में अब पूरी तरह से खामोशी छाई हुई है। सोमवार सुबह अपने मकान के बाहर चबूतरे पर शहीद वीर सिंह के वृद्ध पिता रामसनेही लाल, भाई रंजीत, पुत्री रजनी, पुत्र रमनदीप व संदीप के साथ अन्य परिवारीजन और रिश्तेदार गुमसुम बैठे हुए थे। उनसे मिलने वाले लोगों का तांता लगा था। इनमें विभिन्न सामाजिक संगठन और राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे। शहीद के परिवार से कोई भी विधायक, सांसद मिलने नहीं पहुंचा। रविवार शाम को जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप छोटू जरूर अंतिम संस्कार के समय नगला केवल पहुंच गए थे। शहीद वीर सिंह के रिश्तेदार अशोक कुमार के मन में कसक थी। उन्होंने कहा 24 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है। शहीद के परिवार को तसल्ली के दो शब्द कहने भी कोई जन प्रतिनिधि अब तक गांव नहीं आए हैं। वहीं शहीद के अंतिम संस्कार के समय शासन का कोई मंत्री तक नहीं आया। उनका दर्द था कि यदि सरकार शहीद के परिवार की मान मर्यादा नहीं रखेगी, सहयोग नहीं करेगी तो कौन अपने बच्चों को सेना में भेजेगा? कैसे देश की सुरक्षा होगी? इसी बीच पहुंचे समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष शराफत अली को भी उन्होंने अपना दर्द बताया। नगर अध्यक्ष ने कहा कि वह इस संबंध में सांसद अक्षय यादव को अवगत कराएंगे। हालांकि शाम को एमएलसी डा. दिलीप यादव, भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद एसपी सिंह बघेल, पूर्व विधायक झाऊलाल यादव ने नगला केवल पहुंच कर शहीद के परिवारीजनों को ढांढस बंधाया।
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आसमान भी रोया
शहीद की शहादत पर आसमान भी रोया। देर रात शहीद की अंत्येष्टि के बाद रात एक बजे बारिश हुई। बारिश के चलते सुबह तक चिता ठंडी नहीं हुई थी। चिता ठंडी होने के बाद ही फूल चुनने का कार्य संपन्न हुआ। इसी स्थान पर शहीद का स्मारक बनाकर मूर्ति लगाई जाएगी।
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हम शहीद के अंतिम दर्शन करने आए हैं
रात को अंत्येष्टि स्थल पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे। मनीष, प्रमोद व उमेश जो कि शिकोहाबाद से शहीद वीर सिंह की अंत्येष्टि में शामिल होने आए थे ने बताया कि अमरनाथ की यात्रा वह लोग प्रतिवर्ष करते हैं। वहां आतंकवादियों से हम लोगों की सुरक्षा यह जवान ही करते हैं। हमें अखबार से जानकारी मिली थी। हम देश की रक्षा करने वाले इस शहीद के अंतिम दर्शन करने आए हैं। वहीं अमर उजाला में प्रकाशित खबर को लोगों ने पढ़ा और सराहा।
जिले में ये हैं जनप्रतिनिधि
अक्षय यादव (सांसद सपा), हरिओम यादव (विधायक सपा), रामवीर यादव (विधायक सपा), राकेश बाबू एडवोकेट (विधायक बसपा), मनीष असीजा (विधायक भाजपा), ओम प्रकाश वर्मा (विधायक सपा), डा. दिलीप यादव (एमएलसी सपा), डा. असीम यादव (एमएलसी सपा)। इसके अलावा नौ ब्लाकों में जनता के चुने ब्लाक प्रमुख भी हैं।