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प्रधानमंत्री का संबोधन सुनने में बिजली बनीं बाधक
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Fri, 14 Apr 2017 11:31 PM IST
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गांव से लेकर शहर तक टीवी पर प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।
संविधान शिल्पी बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर की 126 वीं जन्म जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिधन पर जोर दिया। बिना नेट के चलने वाले भीम एप को लांच कर इसके प्रयोग की जानकारी दी। जिला मुख्यालय से तहसील ब्लाकों और ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री के संबोधन को सीधा सुना गया। कहीं टीवी तो कहीं कंप्यूटर स्क्रीन प्रयोग किए गए। हालांकि कई पंचायतों में सचिव नहीं पहुंचे।
डीएम नेहा शर्मा ने प्रधानमंत्री के संबोधन सुनाने के लिए जिला, तहसील, ब्लाक मुख्यालयों के साथ सभी पंचायतों में सचिव को व्यवस्था करने के आदेश दिए थे लेकिन ग्रामीण अंचल में सचिवों ने रुचि नहीं दिखाई। कई प्रधानों को कार्यक्रम तक की जानकारी नहीं थी।
ग्रामीण अंचल में कहीं टीवी चली तो कहीं बिजली ने मजा किरकिरा कर दिया। खैरगढ़ पंचायत की प्रधान रतन गुप्ता और खैय्यातान के प्रधान चेतराम ने ऐसी कोई सूचना होने से इंकार किया। हाथवंत में प्रधान सपना मिश्रा ने घर पर पीएम के संबोधन को सुना और सुनाया। प्रतापपुर गांव की प्रधान राममूर्ति देवी ने भी प्रधानमंत्री का संबोधन सुनाने की व्यवस्था की लेकिन बिजली गुल होने के कारण ग्रामीण अधूरा संबोधन सुन सके। जसराना क्षेत्र के ग्राम पंचायत जौनामई की मजरा औरंगाबाद में सचिव मौजूद नहीं थे। प्रधान राजाराम कठेरिया ने घर पर प्रधानमंत्री के संबोधन को सुनाने की व्यवस्था की गई थी। इसकी शुरूआत होती इससे पूर्व बिजली गुल हो गई। प्रधान जब जेनरेटर की व्यवस्था की तो केबल के नेटवर्क गायब हो गए। नारखी ब्लाक में यही स्थिति रही।
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पीएम को नहीं सुन सके ग्रामीण.....
-औरंगाबाद निवासी क्षेत्रपाल ने कहा प्रधानमंत्री का संबोधन बिजली के अभाव के कारण नहीं सुन सके। हमें खुशी भीम एप के माध्यम से भ्रष्टाचार रुकेगा। पीएम एवं सीएम को ही चाहिए कि बिजली आपूर्ति को सुधारें। अवनीश कुमार ने कहा सरकार का संदेश गांव तक पहुंच नहीं पा रहा है। बिजली की किल्लत और नेट का अभाव ही सबसे बड़ी वाधक है। स्मार्ट फोन हमारे पास है नहीं जिसे सुन सकें।
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डीएम नेहा शर्मा ने प्रधानमंत्री के संबोधन सुनाने के लिए जिला, तहसील, ब्लाक मुख्यालयों के साथ सभी पंचायतों में सचिव को व्यवस्था करने के आदेश दिए थे लेकिन ग्रामीण अंचल में सचिवों ने रुचि नहीं दिखाई। कई प्रधानों को कार्यक्रम तक की जानकारी नहीं थी।
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ग्रामीण अंचल में कहीं टीवी चली तो कहीं बिजली ने मजा किरकिरा कर दिया। खैरगढ़ पंचायत की प्रधान रतन गुप्ता और खैय्यातान के प्रधान चेतराम ने ऐसी कोई सूचना होने से इंकार किया। हाथवंत में प्रधान सपना मिश्रा ने घर पर पीएम के संबोधन को सुना और सुनाया। प्रतापपुर गांव की प्रधान राममूर्ति देवी ने भी प्रधानमंत्री का संबोधन सुनाने की व्यवस्था की लेकिन बिजली गुल होने के कारण ग्रामीण अधूरा संबोधन सुन सके। जसराना क्षेत्र के ग्राम पंचायत जौनामई की मजरा औरंगाबाद में सचिव मौजूद नहीं थे। प्रधान राजाराम कठेरिया ने घर पर प्रधानमंत्री के संबोधन को सुनाने की व्यवस्था की गई थी। इसकी शुरूआत होती इससे पूर्व बिजली गुल हो गई। प्रधान जब जेनरेटर की व्यवस्था की तो केबल के नेटवर्क गायब हो गए। नारखी ब्लाक में यही स्थिति रही।
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पीएम को नहीं सुन सके ग्रामीण.....
-औरंगाबाद निवासी क्षेत्रपाल ने कहा प्रधानमंत्री का संबोधन बिजली के अभाव के कारण नहीं सुन सके। हमें खुशी भीम एप के माध्यम से भ्रष्टाचार रुकेगा। पीएम एवं सीएम को ही चाहिए कि बिजली आपूर्ति को सुधारें। अवनीश कुमार ने कहा सरकार का संदेश गांव तक पहुंच नहीं पा रहा है। बिजली की किल्लत और नेट का अभाव ही सबसे बड़ी वाधक है। स्मार्ट फोन हमारे पास है नहीं जिसे सुन सकें।