{"_id":"5846fe4c4f1c1b104f4488a6","slug":"the-market-began-to-rise-slowly","type":"story","status":"publish","title_hn":"धीरे-धीरे उठने लगा बाजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धीरे-धीरे उठने लगा बाजार
अमर उजाला ब्यूूराे, फीराेजाबाद
Updated Tue, 06 Dec 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
मंगल बाजार में खूब भीड़ उमड़ी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराे फीराेजाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी से प्रभावित कारोबार में अभी दम तो नहीं पड़ी है लेकिन जरूरी वस्तुओं का बाजार सामान्य होता जा रहा है। जरूरत की चीजों की खरीददारी में हफ्तों बाद तेजी आई है। कैश फ्लो की स्थिति सामान्य होने पर बाजार को उठने में देर नहीं लगेगी।
नोटबंदी को 28 दिन बीत चुके हैं, लेकिन कैश फ्लो सामान्य नहीं है। इससे बाजार अभी नोटबंदी से पहली वाली रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। जेब में भरपूर पैसा नहीं है, लोग जरूरत का सामान ही खरीद रहे हैं। परचून, जनरल मर्चेंट की दुकानों पर ग्राहक बढ़े हैं। शीत लहर और सहालग के चलते रेडीमेड बाजार भी उठने लगा है। हालांकि सामान्य दिनों की तुलना में दुकानदारी 40 प्रतिशत ही है। बजरिया में परचून दुकानदारों ने बताया कि 500 का नोट अभी पूरी तरह से लेना बंद नहीं है, लेकिन शुरू में जितनी अधिक संख्या में लेकर माल दे रहे थे उस पर अंकुश लगा दिया है। 500 का पूरा कोई सामान लेता है तो पांच सौ रुपये का पुराना नोट लेते हैं।
पूरी तरह से सामान्य होने में लगेगा वक्त
किराना दुकानदार आलोक मित्तल का कहना है कि बाजार कुछ-कुछ उठने लगा है। लोग सीमित मात्रा में परचून का सामान खरीद रहे हैं। सहालग का सामान उधारी में ही गया। बाजार पूरी तरह से सामान्य होने में अभी काफी समय लग जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नोटबंदी को 28 दिन बीत चुके हैं, लेकिन कैश फ्लो सामान्य नहीं है। इससे बाजार अभी नोटबंदी से पहली वाली रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। जेब में भरपूर पैसा नहीं है, लोग जरूरत का सामान ही खरीद रहे हैं। परचून, जनरल मर्चेंट की दुकानों पर ग्राहक बढ़े हैं। शीत लहर और सहालग के चलते रेडीमेड बाजार भी उठने लगा है। हालांकि सामान्य दिनों की तुलना में दुकानदारी 40 प्रतिशत ही है। बजरिया में परचून दुकानदारों ने बताया कि 500 का नोट अभी पूरी तरह से लेना बंद नहीं है, लेकिन शुरू में जितनी अधिक संख्या में लेकर माल दे रहे थे उस पर अंकुश लगा दिया है। 500 का पूरा कोई सामान लेता है तो पांच सौ रुपये का पुराना नोट लेते हैं।
विज्ञापन
पूरी तरह से सामान्य होने में लगेगा वक्त
किराना दुकानदार आलोक मित्तल का कहना है कि बाजार कुछ-कुछ उठने लगा है। लोग सीमित मात्रा में परचून का सामान खरीद रहे हैं। सहालग का सामान उधारी में ही गया। बाजार पूरी तरह से सामान्य होने में अभी काफी समय लग जाएगा।
विज्ञापन