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सेवायोजकों की याचिका पर अब दो अगस्त सुनवाई करेगा हाईकोर्ट
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रफ़रोजाबाद ! चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों की हड़ताल के दौरान कारखानों में पसरा पड़ा सन्नाटा (फाइल फोटो)
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। दो वर्षों में चूड़ी जुड़ाई की दरों में हुई करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि को लेकर दायर उद्योगपतियों की याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट इलाहाबाद में सुनवाई नहीं हो सकी। हालांकि याचिका पर फिरोजाबाद के चूड़ी उद्योग जगत, श्रमिक संगठन व श्रम विभाग के अधिकारियों की नजरें सुबह से शाम तक गढ़ी रहीं। इस मामले में अब दो अगस्त को सुनवाई होगी।
वर्ष 2019 से छह मई 2021 के मध्य तक चूड़ी जुड़ाई की दरों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। वर्ष 2019-20 में प्रति सैकड़ा तोड़ा जुड़ाई की दर करीब 1800 रुपये प्रति सैकड़ा तोड़ा निर्धारित थी लेकिन श्रमिकों की लामबंदी के बाद तत्कालीन डीएम सेल्वा कुमारी जे. के निर्देश पर डीएलसी आगरा की अध्यक्षता में गठित त्रिपक्षीय कमेटी ने उक्त जुड़ाई दर में सर्वसम्मति से बढ़ोत्तरी करते हुए प्रति सैकड़ा तोड़ा जुडाई की दर 2400 रुपये की गई। वहीं गत छह मई 2021 को जारी शासनादेश के अनुसार चूड़ी जुड़ाई की दर प्रति सैकड़ा तोड़ा 3000 रुपये निर्धारित की गई है। दो वर्षों की अवधि में प्रति सैकड़ा तोड़ा हुई लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी को फिरोजाबाद के कांच चूड़ी निर्माता कारखानेदार स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उपरोक्त बढोत्तरी के विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट में विगत दिनों अलग-अलग सेवायोजकों द्वारा कुल पांच याचिकायें दायर की हैं। इन्हीं में से एक पीयरलैस ऑटो इंडस्ट्रीज द्वारा दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई होनी थी। उद्योग जगत की माने तो उक्त याचिका पर समयाभाव के चलते सुनवाई नहीं हो सकी है। न्यायालय द्वारा याचिका पर सुनवाई के लिए आगामी दो अगस्त की तिथि निर्धारित की है।
इन इकाईयों की ओर से दायर की गई थीं याचिकाएं
मैसर्स शिवचरन लाल-अंबिका प्रसाद, पीयरलैस ऑटो इंडस्ट्रीज, बापू ग्लास इंडस्ट्रीज, दुर्गेश ग्लास के अलावा व्यक्तिगत तौर पर मनीष गर्ग आदि द्वारा दायर की गई हैं।
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जुड़ाई की नई दर निर्धारण के संबंध में दाखिल याचिका के बारे में अभी कोई जानकारी नही है। जानकारी करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
अरुण कुमार सिंह, सहायक श्रमायुक्त
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वर्ष 2019 से छह मई 2021 के मध्य तक चूड़ी जुड़ाई की दरों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। वर्ष 2019-20 में प्रति सैकड़ा तोड़ा जुड़ाई की दर करीब 1800 रुपये प्रति सैकड़ा तोड़ा निर्धारित थी लेकिन श्रमिकों की लामबंदी के बाद तत्कालीन डीएम सेल्वा कुमारी जे. के निर्देश पर डीएलसी आगरा की अध्यक्षता में गठित त्रिपक्षीय कमेटी ने उक्त जुड़ाई दर में सर्वसम्मति से बढ़ोत्तरी करते हुए प्रति सैकड़ा तोड़ा जुडाई की दर 2400 रुपये की गई। वहीं गत छह मई 2021 को जारी शासनादेश के अनुसार चूड़ी जुड़ाई की दर प्रति सैकड़ा तोड़ा 3000 रुपये निर्धारित की गई है। दो वर्षों की अवधि में प्रति सैकड़ा तोड़ा हुई लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी को फिरोजाबाद के कांच चूड़ी निर्माता कारखानेदार स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उपरोक्त बढोत्तरी के विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट में विगत दिनों अलग-अलग सेवायोजकों द्वारा कुल पांच याचिकायें दायर की हैं। इन्हीं में से एक पीयरलैस ऑटो इंडस्ट्रीज द्वारा दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई होनी थी। उद्योग जगत की माने तो उक्त याचिका पर समयाभाव के चलते सुनवाई नहीं हो सकी है। न्यायालय द्वारा याचिका पर सुनवाई के लिए आगामी दो अगस्त की तिथि निर्धारित की है।
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इन इकाईयों की ओर से दायर की गई थीं याचिकाएं
मैसर्स शिवचरन लाल-अंबिका प्रसाद, पीयरलैस ऑटो इंडस्ट्रीज, बापू ग्लास इंडस्ट्रीज, दुर्गेश ग्लास के अलावा व्यक्तिगत तौर पर मनीष गर्ग आदि द्वारा दायर की गई हैं।
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जुड़ाई की नई दर निर्धारण के संबंध में दाखिल याचिका के बारे में अभी कोई जानकारी नही है। जानकारी करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
अरुण कुमार सिंह, सहायक श्रमायुक्त