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पिछड़ा वर्ग का चेहरा हैं सुरक्षित सीट से जीते बघेल

Sun, 19 Mar 2017 11:34 PM IST
दीपक जैन
दीपक जैन Updated Sun, 19 Mar 2017 11:34 PM IST
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The face of the backward class will be won by a safe seat.
एसपी सिंह बघेल
 प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल पिछड़ा वर्ग का चेहरा हैं और उनकी इस वर्ग पर पकड़ भी है, लेकिन चुनाव वह सुरक्षित सीट टूंडला से जीते। 2014 में बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए बघेल को पार्टी ने शुरू से ही काफी महत्व दिया है। फिरोजाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ाया, लेकिन वह प्रोफेसर रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव से चुनाव हार गए, इसके बाद भी पार्टी में उनका कदम कम नहीं हुआ और पार्टी ने उन्हें पिछड़ा वर्ग मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। विधान सभा चुनाव में स्टार प्रचारक बनाया। अब विधान सभा चुनाव जीतने पर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया है।  
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जलेसर लोकसभा क्षेत्र से तीन बार सपा से सांसद रहे प्रो. बघेल वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान बसपा में शामिल हो गए थे। चुनाव में अखिलेश यादव और डिंपल यादव के खिलाफ दम दिखाने पर बसपा ने उन्हें राज्यसभा भेजा था। प्रो. बघेल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा में शामिल हुए। उस समय वह बसपा से राज्यसभा सदस्य थे और दो साल का उनका कार्यकाल शेष था।  भाजपा और संघ के बडे़ नेताओं से बघेल की नजदीकी बढ़ती गई।  विधानसभा चुनाव आने पर आगरा और अलीगढ़ मंडल में बघेलों के साथ-साथ निषाद, लोधे और कुशवाह वोट बैंक को साधने के लिए भाजपा ने टूंडला सीट से बघेल को विधानसभा चुनाव लड़ाया। बघेल मुख्यत: पिछड़ा वर्ग से आते हैं लेकिन बघेल की उपजाति गड़रिया अनुसूचित जाति में शामिल है। पिछड़ा वर्ग का चेहरा होने के बाद भी अनुसूचित जाति के उनके प्रमाणपत्र ने चुनाव में तुरुप के पत्ते का काम किया। हालांकि उनके प्रमाणपत्र पर काफी हंगामा भी हुआ, शिकायतें भी हुईं लेकिन पत्रावलियां उनके पक्ष में थी। लिहाजा बघेल सुरक्षित सीट पर चुनाव लडे़ और जीत गए।  बघेल को भाजपा ने स्टार प्रचारक बनाया गया और उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई। चुनाव में बघेलों के गढ़ में चुनावी सभा कराने के लिए बघेल को पार्टी ने हेलीकाप्टर भी मुहैया कराया। जिले की पांच सीटों के साथ-साथ आगरा की सीटों और अलीगढ़ मंडल की सीटों पर भी बघेल के प्रभाव का पार्टी ने आंकलन किया। बघेल को पहले चरण में मंत्रिमंडल में स्थान देकर उन्हें मेहनत का तोहफा दिया गया है।
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केबिनेट मंत्री बने प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल का परिचय एक नजर में
नाम - प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल
पिता का नाम- स्वर्गीय राम भरोसे सिंह
जन्म तिथि-  21/06/1960
जन्मस्थान-भट्टपुरा, जिला औरैया (उत्तर प्रदेश), वर्तमान में आगरा में ही स्थाई निवास है
विवाह- 30 नवंबर 1989 मधु सिंह बघेल से विवाह, एक बेटी एक बेटा है
स्थायी पता-  44, एमआईजी, नया शाहगंज, आगरा
शिक्षा- एमएससी, एलएलबी, पीएच.डी.जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर (मध्य प्रदेश), मेरठ विश्वविद्यालय और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ (उत्तर प्रदेश) में शिक्षित
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व्यवसाय- कृषक, राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षक और शिक्षाविद
राजनीतिक सफर
- 1998-99 में जलेसर से बारहवीं लोकसभा सदस्य (समाजवादी पार्टी से रहे)
- जलेसर लोकसभा क्षेत्र से 1999-2004 सांसद, तेरहवीं लोक सभा (दूसरी अवधि)
- 2004- 2009 जलेसर लोकसभा क्षेत्र से ही 14 वीं लोकसभा (तृतीय कार्यकाल) सदस्य
- जुलाई 2010 राज्य सभा (बहुजन समाज पार्टी से ) से  जुलाई 2010 को बनाया गया, लेकिन 2014 में बसपा से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए।
- वर्ष 2009 में बसपा से फ़िरोज़ाबाद लोकसभा से का चुनाव लड़ा अखलेश यादव से हार गए
-वर्ष 2010 में उपचुनाव ( अखलेश यादव के इस्तीफे के बाद) फ़िरोज़ाबाद लोकसभा क्षेत्र से दोबारा चुनाव (बसपा से ) लड़ा लेकिन राजबब्बर ने हरा दिया
वर्ष 2014 में बीजेपी में शामिल हुए और बीजेपी की टिकट पर फ़िरोज़ाबाद से चुनाव लड़ा लेकिन सपा के अक्षय यादव से हार गए
- वर्ष 2017 में बीजेपी से ही फिरोजाबाद जनपद की टुंडला (सुरक्षित) विधान सभा से चुनाव लड़ा और 56 हजार वोट से जीत गए।
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