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लोकतांत्रिक असमानताओं से अर्थव्यवस्था कमजोर: प्रो. जुयाल
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 13 Dec 2015 06:54 PM IST
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स्वाधीनता के बाद भारत में जनतांत्रिक दबावों के कारण निर्धनता के सरोकारों में कमी आई, लेकिन यह लोकतांत्रिक व्यवस्था असमानताओं को दूर नहीं कर सकी। यदि असमानताएं बढ़ी और सतत बनी रहीं तो देश की अर्थव्यवस्था कमजोर होगी। इससे गरीबी उन्मूलन की दर पर बुरा असर पड़ेगा। यह बात दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में मेरठ के प्रो. आरपी जुयाल ने व्यक्त किए।
यूजीसी के तत्वावधान में एसआरके महाविद्यालय में आयोजित सेमिनार में कई प्रदेशों के शोधार्थियों ने भाग लिया। आगरा के प्रो. वेद त्रिपाठी ने कहा कि गरीबी उन्मूलन योजनाओं से ज्यादा जरूरी है कि देश की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाए। पूर्व कुलपति डॉ. जीके अग्रवाल ने कहा कि समेकित विकास अवसर और चुनौतियां विषय सेमिनार शोध वक्ताओं के लिए विचारणीय है। ऐसे अधिकाधिक सेमीनार हों और विचार-विमर्श हों। अध्यक्षता करते हुए डॉ. विपिन मल्होत्रा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश उपाध्याय मौजूद रहे। संचालन डॉ. रवि माहेश्वरी ने किया। आयोजन मंडल में डॉ. एसके वर्मा, डॉ. एसएम शर्मा, डॉ. प्रशांत अग्रवाल ने विचार व्यक्त किया। समापन सत्र में 20 शोधपत्र पढ़े गए। इस अवसर पर डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. एसवी सिंह, डॉ. रश्मि जैन, डॉ. एबी चौबे, डॉ. अमर प्रकाश, डॉ. कविता, डॉ. यूएस पांडेय आदि मौजूद रहे।
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यूजीसी के तत्वावधान में एसआरके महाविद्यालय में आयोजित सेमिनार में कई प्रदेशों के शोधार्थियों ने भाग लिया। आगरा के प्रो. वेद त्रिपाठी ने कहा कि गरीबी उन्मूलन योजनाओं से ज्यादा जरूरी है कि देश की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाए। पूर्व कुलपति डॉ. जीके अग्रवाल ने कहा कि समेकित विकास अवसर और चुनौतियां विषय सेमिनार शोध वक्ताओं के लिए विचारणीय है। ऐसे अधिकाधिक सेमीनार हों और विचार-विमर्श हों। अध्यक्षता करते हुए डॉ. विपिन मल्होत्रा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश उपाध्याय मौजूद रहे। संचालन डॉ. रवि माहेश्वरी ने किया। आयोजन मंडल में डॉ. एसके वर्मा, डॉ. एसएम शर्मा, डॉ. प्रशांत अग्रवाल ने विचार व्यक्त किया। समापन सत्र में 20 शोधपत्र पढ़े गए। इस अवसर पर डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. एसवी सिंह, डॉ. रश्मि जैन, डॉ. एबी चौबे, डॉ. अमर प्रकाश, डॉ. कविता, डॉ. यूएस पांडेय आदि मौजूद रहे।
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