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बच्चे नहीं खा सके एमडीएम के बांटे गए कच्चे केले

Tue, 04 Oct 2016 01:02 AM IST
Amar Ujala
Amar Ujala Updated Tue, 04 Oct 2016 01:02 AM IST
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The child could not eat unripe bananas were distributed to MDM
बच्चे नहीं खा सके एमडीएम के बांटे गए कच्चे केले - फोटो : Amar Ujala
फल एवं दूध वितरण के नाम पर बनाया जा रहा है बजट
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नगर क्षेत्र में एमडीएम गुणवत्ता की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। सरकार की योजना के तहत वितरण के लिए स्कूलों में फल तो आए। मगर सरकार की बच्चों को प्रोटीन देने की योजना फेल हो गई। यानी फल सिर्फ बजट बनाने के लिए वितरित किए। जबकि बच्चों से भी वितरित फल खाया नहीं जा सका। बच्चों को इधर-उधर फेंकना पड़ा। वहीं, कई जगह फल वितरण नहीं हुआ।

नगर क्षेत्र में एनजीओ करीब 90 स्कूलों में फल का वितरण करती है। इसके लिए सोमवार को एमडीएम में मौसमी फलों के नाम पर कच्चा केला बांटा गया। यह केला हरे रंग का साफ दिख रहा था। मगर बजट बनाने के लिए एनजीओ ने एक या दो स्कूलों में नहीं बल्कि सभी स्कूलों इसी तरह के केले बांटे। यह केला बच्चों के हाथों में तो पहुंच गए। मगर बच्चों से यह कच्चा केला खाया नहीं जा सका। शिक्षकों ने पूर्व में लिखित व मौखिक रूप से एनजीओ के खिलाफ शिक्षा विभाग से शिकायत की है। मगर शिक्षा विभाग के अधिकारी शिक्षकों की शिकायत को दबाकर लगातार बच्चों को खराब गुणवत्ता का भोजन खाने पर मजबूर कर रहे हैं। बीएसए सच्चिदानंद यादव का कहना है कि हमारे संज्ञान में नहीं है कि एमडीएम में कच्चे केले बंाटे गए।
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सिर्फ एमडीएम दिया, फल की छुट्टी
प्राइमरी विद्यालय करबला में एनजीओ ने सिर्फ एमडीएम में रोटी सब्जी दी। मगर फल वितरण नहीं किया। एनजीओ कई स्कूलों में फल वितरण नहीं करती है।
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