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जान न ले लें जर्जर इमारतें
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
Updated Wed, 20 Apr 2016 11:41 PM IST
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शहर में भीड़ भाड़ भरे मार्गों पर हैं एक दर्जन से अधिक जर्जर भवन
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा की तरह शहर में भी वर्षों पुरानी जर्जर इमारतें गंभीर हादसे का कारण बन सकती हैं। मुख्य मार्ग, भीड़ भरे बाजारों में एक दर्जन से अधिक ऐसी इमारतें हैं जो तेज आंधी और बरसात भी न झेल पाएं। ऐसे में आम लोगों की जान खतरे में है लेकिन नगर निगम प्रशासन इसके लिए गंभीर नहीं है।
बता दें कि मथुरा के कुशक गली में मंगलवार देर रात वर्षों पुराना मकान धराशायी होने से तीन लोगों की मौत हो गई। दो गंभीर घायल हुए। शहर में भी नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले जर्जर भवनों को धराशायी करवाने के लिए कई बार आवाज उठाई गई। जिला और नगर निगम प्रशासन को भवन स्वामियों के खिलाफ नोटिस जारी करने के संबंध में पत्र भी दिए गए। सदर विधायक मनीष असीजा ने भी यह मामला कई बार सदन में उठाया। सरकार ने इस पर जवाब भी दिया लेकिन निगम ने आजतक जर्जर भवनों की तरफ मुड़कर नहीं देखा है।
शहर के कोटला रोड, जलेसर रोड, बर्फखाना चौराहा, शिवाजी मार्ग, गंज मोहल्ला, सदर बाजार, घंटाघर, बजरिया, इमामबाड़ा, रसूलपुर डाकबंगला सहित मुस्लिम क्षेत्रों में करीब दो दर्जन से अधिक जर्जर इमारतें हैं। रामलीला महोत्सव के दौरान नगर निगम के सर्वे में एक दर्जन जर्जर इमारतें चिन्हित की गई थीं। इसमें कुछ भवनों के मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।
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नगर निगम सीमा के अंतर्गत जितने भी जर्जर भवन हैं, उनके सर्वे के लिए सभी अवर अभियंताओं को नए सिरे से सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस भेजने के साथ जर्जर भवन गिराने की कार्रवाई की जाएगी।
एसपी मिश्रा
एक्सईएन-निर्माण
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बता दें कि मथुरा के कुशक गली में मंगलवार देर रात वर्षों पुराना मकान धराशायी होने से तीन लोगों की मौत हो गई। दो गंभीर घायल हुए। शहर में भी नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले जर्जर भवनों को धराशायी करवाने के लिए कई बार आवाज उठाई गई। जिला और नगर निगम प्रशासन को भवन स्वामियों के खिलाफ नोटिस जारी करने के संबंध में पत्र भी दिए गए। सदर विधायक मनीष असीजा ने भी यह मामला कई बार सदन में उठाया। सरकार ने इस पर जवाब भी दिया लेकिन निगम ने आजतक जर्जर भवनों की तरफ मुड़कर नहीं देखा है।
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शहर के कोटला रोड, जलेसर रोड, बर्फखाना चौराहा, शिवाजी मार्ग, गंज मोहल्ला, सदर बाजार, घंटाघर, बजरिया, इमामबाड़ा, रसूलपुर डाकबंगला सहित मुस्लिम क्षेत्रों में करीब दो दर्जन से अधिक जर्जर इमारतें हैं। रामलीला महोत्सव के दौरान नगर निगम के सर्वे में एक दर्जन जर्जर इमारतें चिन्हित की गई थीं। इसमें कुछ भवनों के मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।
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नगर निगम सीमा के अंतर्गत जितने भी जर्जर भवन हैं, उनके सर्वे के लिए सभी अवर अभियंताओं को नए सिरे से सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस भेजने के साथ जर्जर भवन गिराने की कार्रवाई की जाएगी।
एसपी मिश्रा
एक्सईएन-निर्माण