घर पहुंचा पार्थिव शरीर तो चीख पड़ा गांव: फौजी ने पत्नी को किया फोन, बोला-शादी में शामिल होने आ रहा हूं, और...
फिरोजाबाद में फौजी का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो पूरा गांव चीख पड़ा। इससे कुछ ही घंटों पहले उसने पत्नी से फोन पर बात की ती। कहा कि परिवार में होने वाले शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर आ रहा हूं।
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में छुट्टी लेकर घर आ रहे फौजी का सोमवार को सड़क हादसे में निधन हो गया। वह परिवार में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए आ रहा था। घर पहुंचने से पहले ही वह इस संसार से विदा हो गया। खबर मिली तो घर में कोहराम मच गया।
मूलरूप से आगरा के बाह थाना क्षेत्र के बिजौली गांव निवासी लाखन सिंह का परिवार शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के मेलावाला बाग मोहल्ला में मकान बनाकर रह रहा है। उनका बेटा मनीष कुमार (40) दीमापुर, नागालैंड में फौज में तैनात थे। परिवार में शादी समारोह में भाग लेने के लिए छुट्टी लेकर घर आ रहा था।
मौके पर ही तोड़ दिया दम
मनीष सोमवार को लखनऊ एक्सप्रेवे पर नसीरपुर कट पर उतरे। वहीं रिश्तेदार की बाइक लेकर शिकोहाबाद आ रहे थे। छटनपुरा के पास अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की जानकारी होने पर कोतवाल हरवेंद्र मिश्रा और नसीरपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में मॉर्चरी के लिए भेजा। हादसे की जानकारी होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिवार की महिलाएं करुण क्रंदन करते हुए अस्पताल पहुंच गई। मृतक की पत्नी रोशनी और परिजन का रो-रो कर बुरा हाल है। मनीष को दो बेटे अंश (10) और वंश (8) हैं। हादसे के बाद शादी समारोह वाले परिवार में सन्नाटा पसर गया।
परिवार आने की मना रहा था खुशी
छुट्टी मिलने के बाद मनीष ने फोन कर पत्नी को घर आने की बात कही थी। इसके बाद सोमवार को उसके घर आने की सभी लोग प्रतीक्षा कर रहे थे। नसीरपुर कट पर उतरने के बाद उन्होंने फोन किया था कि कुछ ही देर में घर पहुंच जाएंगे। बच्चे और पत्नी सभी उनके स्वागत की तैयारियों में जुटे थे।
इसी बीच शाम पांच बजे के करीब थाने से पुलिस का फोन आया। जो खबर मिली उसे सुनने के बाद परिवार में चीख पुकार मच गई। शादी समारोह वाले परिवार में करुण क्रंदन शुरू हो गया। परिवार के सभी लोग अस्पताल पहुंच गये। पांच भाइयों में सबसे छोटा था। परिजन ने बताया कि मनीष के अलावा उसके दो भाई और फौज में हैं। जबकि, दो खेती करके परिवार चला रहे हैं।