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सोशल मीडिया के जरिए युवाओं में पैठ बढ़ा रहा संघ
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 22 Oct 2015 09:02 PM IST
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दादरी कांड, आरक्षण पर मोहन भागवत के बयान,भगवा एजेंडे, बीफ विवाद, हिंदुत्व आदि मुद्दों पर संघ विरोधियों के निशाने पर है। इससे बेपरवाह संघ तेजी के साथ अपनी विचारधारा और शाखाओं के विस्तार में जुटा है। विरोधियों के दुष्प्रचार का जवाब देने और अपनी पैठ बढ़ाने के लिए संघ संचार माध्यमों और सोशल मीडिया का सहारा ले रहा है। स्वयं सेवकों को भी इनके इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जा रहा है। केंद्र में सरकार बनने के बाद सपा के गढ़ मैनपुरी-फीरोजाबाद विभाग में संघ की शाखाओं और स्वयं सेवकों की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही हैं।
संघ का मानना है कि 90 फीसदी युवा एंड्रायड फोन का उपयोग कर रहे हैं और युवाओं का रुझान संघ के प्रति बढ़ाने के लिए आरएसएस के नाम से हाल ही में एक एप लांच किया गया है। इस एप को 80 हजार से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है। संघ के फेसबुक पेज को करीब 18 लाख लोगों ने लाइक किया है। ट्विटर पर भी संगठन के 1.5 लाख फॉलोवर्स हैं। संघ के विभाग प्रचारक आर्येंद्र कुमार ने बताया कि मैनपुरी-फीरोजाबाद विभाग क्षेत्र में 2014-15 में संघ की शाखाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। दैनिक शाखाओं में 29 फीसदी, साप्ताहिक शाखाओं में 61 और मासिक शाखाओं में 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। शिकोहाबाद, टूंडला, फीरोजाबाद समेत अन्य कई स्थानों पर संघ के प्रशिक्षण वर्ग चल रहे हैं। ओटीसी (आउट डोर ट्रेनिंग कैंप) में प्रशिक्षण लेने वालों की संख्या भी तीन सौ से अधिक हैं, इनमें अधिकांश युवा है जिनकी आयु 15 से 40 के बीच है। 90 साल पहले 1925 में विजयादशमी के दिन शुरू हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में 80 से ज्यादा समविचारी व आनुषांगिक संगठन हैं। युवाओं के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाने के लिए संघ युवाओं को संस्कारों की पाठशाला से भी जोड़ रहा है।
संघ नेताओं के पास भी अब स्मार्ट फोन
संगठन के केंद्र से लेकर प्रांत स्तर तक के हर नेता के पास स्मार्ट फोन है। संघ के एक प्रांत प्रचारक ने बताया कि एक मौखिक आदेश के तहत प्रांत स्तर के नेताओं को व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों और संगठन से हर पल जुड़े रहने का कहा गया था। इसके अनुपालन में सभी प्रांत स्तरीय पदाधिकारियों ने पुराने मोबाइल त्यागकर स्मार्ट फोन ले लिए हैं।
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संघ की बुनियाद शाखा
शाखा यानी सार्वजनिक स्थानों पर स्वयंसेवकों का सुबह या शाम एक घंटे का परस्पर मिलन होना है। शाखा में बौद्घिक और शारीरिक क्रियाओं से स्वयंसेवकों का पूर्ण विकास किया जाता है। शाखा की सामान्य गतिविधियों में खेल, योग, वंदना और सांस्कृतिक पहलुओं पर बौद्घिक चर्चा-परिचर्चा शामिल है।
संघ का मानना है कि 90 फीसदी युवा एंड्रायड फोन का उपयोग कर रहे हैं और युवाओं का रुझान संघ के प्रति बढ़ाने के लिए आरएसएस के नाम से हाल ही में एक एप लांच किया गया है। इस एप को 80 हजार से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है। संघ के फेसबुक पेज को करीब 18 लाख लोगों ने लाइक किया है। ट्विटर पर भी संगठन के 1.5 लाख फॉलोवर्स हैं। संघ के विभाग प्रचारक आर्येंद्र कुमार ने बताया कि मैनपुरी-फीरोजाबाद विभाग क्षेत्र में 2014-15 में संघ की शाखाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। दैनिक शाखाओं में 29 फीसदी, साप्ताहिक शाखाओं में 61 और मासिक शाखाओं में 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। शिकोहाबाद, टूंडला, फीरोजाबाद समेत अन्य कई स्थानों पर संघ के प्रशिक्षण वर्ग चल रहे हैं। ओटीसी (आउट डोर ट्रेनिंग कैंप) में प्रशिक्षण लेने वालों की संख्या भी तीन सौ से अधिक हैं, इनमें अधिकांश युवा है जिनकी आयु 15 से 40 के बीच है। 90 साल पहले 1925 में विजयादशमी के दिन शुरू हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में 80 से ज्यादा समविचारी व आनुषांगिक संगठन हैं। युवाओं के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाने के लिए संघ युवाओं को संस्कारों की पाठशाला से भी जोड़ रहा है।
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संघ नेताओं के पास भी अब स्मार्ट फोन
संगठन के केंद्र से लेकर प्रांत स्तर तक के हर नेता के पास स्मार्ट फोन है। संघ के एक प्रांत प्रचारक ने बताया कि एक मौखिक आदेश के तहत प्रांत स्तर के नेताओं को व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों और संगठन से हर पल जुड़े रहने का कहा गया था। इसके अनुपालन में सभी प्रांत स्तरीय पदाधिकारियों ने पुराने मोबाइल त्यागकर स्मार्ट फोन ले लिए हैं।
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संघ की बुनियाद शाखा
शाखा यानी सार्वजनिक स्थानों पर स्वयंसेवकों का सुबह या शाम एक घंटे का परस्पर मिलन होना है। शाखा में बौद्घिक और शारीरिक क्रियाओं से स्वयंसेवकों का पूर्ण विकास किया जाता है। शाखा की सामान्य गतिविधियों में खेल, योग, वंदना और सांस्कृतिक पहलुओं पर बौद्घिक चर्चा-परिचर्चा शामिल है।