Firozabad: लीकेज ठीक करने को खोद डालीं एक साल पहले ढाई करोड़ से बनीं 6 सड़कें, अब जर्जर रास्तों से लोग परेशान
फिरोजाबाद में नगर निगम ने महज एक साल पहले बनीं छह सड़कों को खोद डाला। इसके बाद उसे ठीक कराना भूल गया। इससे लोगों को निकलने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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फिरोजाबाद में करोड़ों रुपये की लागत से बनीं सड़कों को नगर निगम के अधिकारी एक वर्ष भी सुरक्षित नहीं रख सके। जेड़ाझाल परियोजना के तहत डाली गई लाइन लीकेज होना इन सड़कों के लिए मुसीबत बन गई है। इन सड़कों को कई स्थानों पर खोद दिया। लिहाजा सड़कों से निकलने वाले राहगीरों के साथ-साथ वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसमें छह सड़कों पर निगम ने करीब ढाई करोड़ रुपया खर्च किया था।
नगर निगम द्वारा कोटला रोड रामद्वार से राजेंद्र विश्राम गृह होते हुए दुली चौराहा तक सड़क का निर्माण करीब 50 लाख रुपये से कराया गया था। सड़क निर्माण से पूर्व जलनिगम द्वारा पाइप लाइन डाली गई, जो पानी का प्रेशर नहीं झेल सकी। इसके चलते अक्सर लाइन फटने के साथ लीकेज होते रहे। जिनको ठीक करने को जल निगम और जलकल विभाग ने एक साल पहले बनी सड़क को कई स्थानों पर खोद दिया। भले ही पेचवर्क कराकर सड़क को ठीक करने का प्रयास किया हो। लेकिन समय से पहले सड़क के खराब होने का खतरा बना हुआ है।
एसपी सिटी आफिस के सामने से मथुरा नगर को जाने वाले मार्ग का निर्माण नगर निगम द्वारा करीब आठ माह पहले कराया गया। यह मार्ग काफी खराब था। मार्ग निर्माण के तीन माह बाद ही पाइप लाइन को ठीक करने को खोद दिया। मार्ग को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि इस मार्ग का निर्माण आठ माह पहले हुआ है। जबकि इस मार्ग से स्कूली बच्चें भी गुजरते है।
पांच माह नहीं चल सका मार्ग
नगला बरी चौराहा से सैलई को जाने वाले 60 फुटा मार्ग का निर्माण नगर निगम द्वारा करीब 46 लाख रुपये से कराया था। यह मार्ग शहर का प्रमुख मार्ग है। जेडाझाल परियोजना की लाइन के कारण यह मार्ग पांच माह भी ठीक नहीं रहा। दो बार लाइन डालने के लिए जल निगम ने नई सड़क को खोद दिया। भले ही सड़क निर्माण के लिए जल निगम ने नगर निगम को भुगतान कर दिया हो। लेकिन आज सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे होने के साथ ही सड़क जर्जर है।
अग्रवाल धर्मशाला के लिए जाने वाला मार्ग भी बदहाल
रेलवे रोड पुलिस चौकी के पास तिकोनिया से अग्रवाल धर्मशाला तक जाने वाले मार्ग का निर्माण नगर निगम द्वारा करीब 60 लाख रुपये से कराया था। सड़क निर्माण के साथ साइड पटरी भी बनी थी। क्षेत्रीय लोगों द्वारा लंबे अर्से से मांग करने के बाद यह मार्ग दो साल पहले लॉकडाउन में बना था। लाइन लीकेज को ठीक करने के लिए इस मार्ग को खोद दिया गया।
महाप्रबंधक नगर निगम जलकल रामबाबू राजपूत ने बताया कि जिन स्थानों पर लीकेज और लाइन को ठीक करने के लिए सड़क को खोदा जाता है। वहां पर पेचवर्क कराने के साथ मरम्मत भी करा दी जाती है। कुछ स्थानों पर यदि सड़क खुदी है तो उसको ठीक कराया जाएगा। ताकि शहर के नागरिकों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े।