{"_id":"60f46c5b8ebc3e79af44531a","slug":"silk-bangle-manufacturers-will-incur-a-loss-of-15-crores-firozabad-news-agr500356933","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेशम चूड़ी निर्माता कारखानेदारों को लगेगी 15 करोड़ की चपत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेशम चूड़ी निर्माता कारखानेदारों को लगेगी 15 करोड़ की चपत
विज्ञापन
फिरोजाबाद। हड़ताल के कारण चूड़ी जुड़ाई का काम ठप होने के कारण कारखानों में रखी करोड़ों रुपये की रेशम चूड़ी बर्बाद हो रही है। उठान नहीं होने से रेशम चूड़ी पर बरसात के कारण दाग-धब्बे आ रहे हैं। इससे चूड़ी कारखानेदारों को लगभग 15 करोड की चपत लगने की आशंका है।
वर्तमान हालात में फिरोजाबाद का परंपरागत चूड़ी उद्योग चरमराया हुआ है। कोरोना संक्रमण के कारण करीब एक वर्ष से कामबंदी, मंदी की मार से जूझ हे कांच चूड़ी उद्योग जगत पर अब जुड़ाई श्रमिकों की हड़ताल की भारी पड़ रही है। कामबंदी के कारण चूड़ी कारखानों में प्रतिदिन लाखों की गैस फुंक रही है। श्रमिकों की हड़ताल के कारण करीब 13 दिन से कारखानों में उत्पादित सादा, लस्टर और रेशम चूड़ी का उठान पूरी तरह से ठप है।
जुड़ाई के लिए चूड़ी का उठान नहीं होने से कारखानों में रखी करोड़ों की लागत वाली रेशम चूड़ी पर बारिश के कारण दाग-धब्बे आ रहे हैं। ऐसे में करीब 160 रुपये प्रति तोड़ा के भाव वाली सादा रेशम चूड़ी दो रुपये प्रति किलोग्राम की भंगार के रूप में बदल रही है। वहीं रेशम चूडी में नमी के कारण आ रही खराबी से 100 से अधिक कारखानेदारों को लगभग 15 करोड़ रुपये का नुकसान होने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक, चूड़ी कारखानों में लगभग लाखों तोड़ा रेशम चूड़ी का स्टॉक जमा है।
विज्ञापन
-----
- चूड़ी कारखानों में प्रतिदिन औसतन 10500 रेशम चूड़ी के तोड़ा तैयार होते हैं। लगभग 160 रुपये प्रति तोड़े लागत वाली रेशम चूड़ी के लिए बारिश व नमी बेहद हानिकारक है। ऐसे में चमकदार रेशम चूड़ी पर सफेद और गहरे काले धब्बे आ जाते हैं। दाग-धब्बे आाने की स्थिति में चूड़ी बिक्री योग्य नहीं रहती।
नेत्रपाल सिंह चूड़ी निर्माण कारीगर
विज्ञापन
वर्तमान हालात में फिरोजाबाद का परंपरागत चूड़ी उद्योग चरमराया हुआ है। कोरोना संक्रमण के कारण करीब एक वर्ष से कामबंदी, मंदी की मार से जूझ हे कांच चूड़ी उद्योग जगत पर अब जुड़ाई श्रमिकों की हड़ताल की भारी पड़ रही है। कामबंदी के कारण चूड़ी कारखानों में प्रतिदिन लाखों की गैस फुंक रही है। श्रमिकों की हड़ताल के कारण करीब 13 दिन से कारखानों में उत्पादित सादा, लस्टर और रेशम चूड़ी का उठान पूरी तरह से ठप है।
विज्ञापन
जुड़ाई के लिए चूड़ी का उठान नहीं होने से कारखानों में रखी करोड़ों की लागत वाली रेशम चूड़ी पर बारिश के कारण दाग-धब्बे आ रहे हैं। ऐसे में करीब 160 रुपये प्रति तोड़ा के भाव वाली सादा रेशम चूड़ी दो रुपये प्रति किलोग्राम की भंगार के रूप में बदल रही है। वहीं रेशम चूडी में नमी के कारण आ रही खराबी से 100 से अधिक कारखानेदारों को लगभग 15 करोड़ रुपये का नुकसान होने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक, चूड़ी कारखानों में लगभग लाखों तोड़ा रेशम चूड़ी का स्टॉक जमा है।
विज्ञापन
-----
- चूड़ी कारखानों में प्रतिदिन औसतन 10500 रेशम चूड़ी के तोड़ा तैयार होते हैं। लगभग 160 रुपये प्रति तोड़े लागत वाली रेशम चूड़ी के लिए बारिश व नमी बेहद हानिकारक है। ऐसे में चमकदार रेशम चूड़ी पर सफेद और गहरे काले धब्बे आ जाते हैं। दाग-धब्बे आाने की स्थिति में चूड़ी बिक्री योग्य नहीं रहती।
नेत्रपाल सिंह चूड़ी निर्माण कारीगर