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Firozabad News: 16 वर्ष मे फर्जी अंकतालिका पर नौकरी करने वाला शिक्षामित्र गिरफ्तार
Thu, 05 Jun 2025 12:22 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 05 Jun 2025 12:22 AM IST
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एका पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया आरोपी गुड्डू खान।
एका (फिरोजाबाद)। फर्जी अंकतालिका के सहारे 16 साल तक शिक्षा विभाग में शिक्षामित्र के पद पर कार्य करने वाले आरोपी को एका पुलिस ने चार साल बाद आगरा से गिरफ्तार कर जेल भेजा है। आरोपी के खिलाफ 2019 में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी भ्रष्टाचार के मामले में पहले भी जेल जा चुका है।
थाना एका के रामपुर गांव निवासी फर्जी शिक्षामित्र गुड्डू खान को पुलिस ने चार वर्ष तक फरार रहने के बाद आगरा से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। गुड्डू खान पर इंटरमीडिएट की फर्जी अंकतालिका के आधार पर वर्ष 2001 से 2016 तक प्राथमिक विद्यालय रामपुर में शिक्षामित्र के रूप में नौकरी करने का आरोप है। थाना प्रभारी ने बताया कि गुड्डू खान ने माध्यमिक शिक्षा परिषद, मेरठ के रिकॉर्ड में इंटरमीडिएट परीक्षा में केवल 136 अंक प्राप्त किए थे और वह अनुत्तीर्ण था। लेकिन उसने फर्जीवाड़ा कर एक नई अंकतालिका तैयार की, जिसमें उसे सर्वाधिक अंक प्राप्त होते हुए दर्शाया गया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर उसका चयन शिक्षामित्र के पद पर हुआ और वह 16 वर्षों तक सेवा में बना रहा। इस प्रकरण की शिकायत वर्ष 2019 में जितेंद्र प्रताप द्वारा की गई थी। भ्रष्टाचार निवारण इकाई, आगरा ने जांच करते हुए मार्च 2021 में थाना एका पर प्राथमिकी दर्ज कराई। जांच में कुल छह लोगों को दोषी पाया गया, जिनमें से दत्त सिंह यादव और अहिवरन सिंह की मौत हो चुकी है। अन्य आरोपियों में तत्कालीन ग्राम प्रधान सुरेश चंद यादव, बीएसए कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ लिपिक नारायण सिंह और अध्यापक राधेश्याम शामिल हैं। राधेश्याम को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य दो आरोपी हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत पर हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि शिक्षामित्र चयन के दौरान अंकतालिका का सत्यापन नहीं कराया गया था। आरोप है कि सभी आरोपियों ने मिलकर जानबूझकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गुड्डू खान को चयनित कराया। शिकायत के बाद आरोपी की फाइल बीआरसी से लेकर बीएसए कार्यालय तक से गायब कर दी गई थी। आरोपी गुड्डू खान पहले भी एक फर्जी मदरसे में तीन लाख 28 हजार रुपये के गबन के मामले में जेल जा चुका है। इस बार पुलिस ने उसे गुप्त सूचना के आधार पर दबोच लिया और आवश्यक कार्रवाई के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया।
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थाना एका के रामपुर गांव निवासी फर्जी शिक्षामित्र गुड्डू खान को पुलिस ने चार वर्ष तक फरार रहने के बाद आगरा से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। गुड्डू खान पर इंटरमीडिएट की फर्जी अंकतालिका के आधार पर वर्ष 2001 से 2016 तक प्राथमिक विद्यालय रामपुर में शिक्षामित्र के रूप में नौकरी करने का आरोप है। थाना प्रभारी ने बताया कि गुड्डू खान ने माध्यमिक शिक्षा परिषद, मेरठ के रिकॉर्ड में इंटरमीडिएट परीक्षा में केवल 136 अंक प्राप्त किए थे और वह अनुत्तीर्ण था। लेकिन उसने फर्जीवाड़ा कर एक नई अंकतालिका तैयार की, जिसमें उसे सर्वाधिक अंक प्राप्त होते हुए दर्शाया गया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर उसका चयन शिक्षामित्र के पद पर हुआ और वह 16 वर्षों तक सेवा में बना रहा। इस प्रकरण की शिकायत वर्ष 2019 में जितेंद्र प्रताप द्वारा की गई थी। भ्रष्टाचार निवारण इकाई, आगरा ने जांच करते हुए मार्च 2021 में थाना एका पर प्राथमिकी दर्ज कराई। जांच में कुल छह लोगों को दोषी पाया गया, जिनमें से दत्त सिंह यादव और अहिवरन सिंह की मौत हो चुकी है। अन्य आरोपियों में तत्कालीन ग्राम प्रधान सुरेश चंद यादव, बीएसए कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ लिपिक नारायण सिंह और अध्यापक राधेश्याम शामिल हैं। राधेश्याम को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य दो आरोपी हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत पर हैं।
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पुलिस जांच में सामने आया कि शिक्षामित्र चयन के दौरान अंकतालिका का सत्यापन नहीं कराया गया था। आरोप है कि सभी आरोपियों ने मिलकर जानबूझकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गुड्डू खान को चयनित कराया। शिकायत के बाद आरोपी की फाइल बीआरसी से लेकर बीएसए कार्यालय तक से गायब कर दी गई थी। आरोपी गुड्डू खान पहले भी एक फर्जी मदरसे में तीन लाख 28 हजार रुपये के गबन के मामले में जेल जा चुका है। इस बार पुलिस ने उसे गुप्त सूचना के आधार पर दबोच लिया और आवश्यक कार्रवाई के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया।
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