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Firozabad News: सात ऑटो मोबाइल कंपनियां पीसीबी के रडार पर, दिए नोटिस
Sat, 16 May 2026 11:22 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 16 May 2026 11:22 PM IST
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बगैर एनओसी संचालित हो रही हैं कंपनियां, प्रदूषित जल और जहरीली गैस निस्तारण के नहीं मिले इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। शहर में पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाकर संचालित हो रही सात बड़ी ऑटो मोबाइल कंपनियों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का चाबुक चला है। मनमाने ढंग से जलदोहन करने और वाहनों की सर्विस के दौरान निकलने वाली जहरीली गैसों व प्रदूषित जल के निस्तारण की समुचित व्यवस्था न होने पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड ने इन सभी इकाइयों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर एनओसी हासिल करने की मोहलत दी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर की नामचीन ऑटो मोबाइल कंपनियों को निशाने पर लिया है, जिनमें राजेंद्र हुंडई (मीरा चौराहा), कमलेश महिंद्रा (आगरा गेट), देव मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (यूनिट एक और दो), एमराल्ड मोटर्स, मां सरस्वती टीवीएस, सुनील होंडा शामिल हैं। पीसीबी के अनुसार, ये कंपनियां बिना विभागीय अनापत्ति प्रमाणपत्र के संचालित हो रही हैं। वाहनों की धुलाई और सर्विसिंग के दौरान निकलने वाला केमिकल युक्त पानी और उत्सर्जित गैसें पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर निवेश मित्र पोर्टल के जरिए एनओसी प्राप्त नहीं की गई और प्रदूषण रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं हुए, तो इन पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी अभियोजन (एफआईआर) की कार्रवाई भी होगी।
इन सात ऑटो मोबाइल कंपनियों को पहले भी एनओसी लेने के लिए सूचित किया गया था, लेकिन इन्होंने निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया। अब इन्हें तीन दिन का अंतिम समय दिया गया है। जल और वायु प्रदूषण रोकने के उपाय न करने पर इनके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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- भुवन चंद, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। शहर में पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाकर संचालित हो रही सात बड़ी ऑटो मोबाइल कंपनियों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का चाबुक चला है। मनमाने ढंग से जलदोहन करने और वाहनों की सर्विस के दौरान निकलने वाली जहरीली गैसों व प्रदूषित जल के निस्तारण की समुचित व्यवस्था न होने पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड ने इन सभी इकाइयों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर एनओसी हासिल करने की मोहलत दी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर की नामचीन ऑटो मोबाइल कंपनियों को निशाने पर लिया है, जिनमें राजेंद्र हुंडई (मीरा चौराहा), कमलेश महिंद्रा (आगरा गेट), देव मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (यूनिट एक और दो), एमराल्ड मोटर्स, मां सरस्वती टीवीएस, सुनील होंडा शामिल हैं। पीसीबी के अनुसार, ये कंपनियां बिना विभागीय अनापत्ति प्रमाणपत्र के संचालित हो रही हैं। वाहनों की धुलाई और सर्विसिंग के दौरान निकलने वाला केमिकल युक्त पानी और उत्सर्जित गैसें पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर निवेश मित्र पोर्टल के जरिए एनओसी प्राप्त नहीं की गई और प्रदूषण रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं हुए, तो इन पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी अभियोजन (एफआईआर) की कार्रवाई भी होगी।
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इन सात ऑटो मोबाइल कंपनियों को पहले भी एनओसी लेने के लिए सूचित किया गया था, लेकिन इन्होंने निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया। अब इन्हें तीन दिन का अंतिम समय दिया गया है। जल और वायु प्रदूषण रोकने के उपाय न करने पर इनके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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- भुवन चंद, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड