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बुजुर्ग दे रहे संदेश, आज भी नहीं हैं हम किसी से कम...
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लालजी बाबू श्रीवास्तव सीनियर सिटीजन दिवस पर विशेष
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। बुजुर्ग आज भी समाज के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। जो कार्य लोग जिम्मेदार होने पर भी नहीं करते हैं, उसे बुजुर्ग कर आज भी समाज को नया रास्ता दिखा रहे हैं। संदेश दे रहे हैं कि आज भी हम किसी से कम नहीं हैं। किसी की शिक्षा तो किसी की चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा जारी है। समाज के लिए कोई न कोई जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। ताकि समाज पूरी तरह सुरक्षित, शिक्षित बना रहे।
सेवानिवृत्त होने के बाद भी विद्याराम दे रहे निशुल्क शिक्षा
शिकोहाबाद में रहने वाले शिक्षक विद्याराम व्यास महाराजा अग्रसेन उमावि शिकोहाबाद से 31 मार्च 2017 को सेवानिवृत्त हुए थे। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद स्कूल में एक प्रधानाचार्य और एक सहायक ही अध्यापक शेष रह गए थे। इसलिए शिक्षक विद्याराम व्यास ने एक अप्रैल 2017 से स्कूल जाना शुरू कर दिया। वह विद्यालय में अंग्रेजी अध्यापक के रूप में अपनी निशुल्क सेवा लगातार देते आ रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए हम स्कूल में बिना स्वार्थ के पढ़ाने जा रहे हैं। जब तक शिक्षकों की कमी पूरी नहीं होगी और मेरे हाथ-पैर काम करते रहेंगे, हम तब तक विद्यालय जाते रहेंगे।
पहले की केशवदेव ने नौकरी, अब कर रहे शिक्षादान
शिकोहाबाद के ही केशवदेव वर्मा वर्ष 2016 में सेवानिवृत्त हो गए थे। किंतु विद्यालय में शिक्षकों की कमी को देखते हुए एक दिन भी घर पर आराम करना जरूरी नहीं समझा। वह नियमित विद्यालय में जाकर पढ़ाते हैं। कहते हैं कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। अगर हम बैठ जाएंगे तो पढ़ाई प्रभावित होगी। इसलिए निशुल्क शिक्षा पूरी जिम्मेदारी से दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले नौकरी की। अब शिक्षा का दान कर रहे हैं। नौकरी 100 रुपये वेतन से शुरू की थी। अब उससे कई ज्यादा पेंशन ही है। इसी विद्यालय की बदौलत ही हम पेंशन पा रहे हैं तो क्यों हम शिक्षादान करने से पीछे रहें।
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स्वस्थ्य समाज रहे, इसलिए जयवीर दे रहे सेवा
फिरोजाबाद। जसराना स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक जयवीर सिंह सेवानिवृत्त होने के बाद भी सेवा दे रहे हैं। वह परिवार नियोजन कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाते हैं। जहां चिकित्सक कोरोना संक्रमण के डर से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं, लॉकडाउन के दौरान कोरोना योद्धा के रूप में इमरजेंसी सेवा दी। उस समय के सबसे संक्रमित क्षेत्र नगला बरी इलाके में नियमित ड्यूटी करने जाते थे। उन्होंने बताया कि बड़ी मेहनत के बाद एक डॉक्टर बनता है। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की कमी पहले से ही है। लोगों को इलाज मिलता रहे और हम भी स्वस्थ्य रहें, यह भाव रखते हुए आगे भी सेवा देंगे।
कैंसर रोगियों को लालजी बाबू निशुल्क दिला रहे इलाज
एसआरके कॉलेज से प्रधानाचार्य पद पर सेवानिवृत्त होने के बाद लालजी बाबू श्रीवास्तव ने भी जन सेवा क्षेत्र में एक कदम उठाया। उन्होंने वर्ष 2017 ने गुरुजी सेवा संस्था की बनाई। यह समिति कैंसर रोगियों को निशुल्क इलाज मुहैया कराती है। उन्होंने बताया कि अभी तक 20 लोगों को निशुल्क कैंसर का इलाज दिलाया गया है। अपने घर पर होम्योपैथी चिकित्सा कैंप लगवाते हैं। यह शिविर मरीजों के लिए निशुल्क रहता है, वह अपनी जेब से ही चिकित्सक की फीस जमा करते हैं। विधवाओं के सम्मान दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। स्कूलों में जाकर शिक्षकों को भी प्रेरित करते हैं।
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सेवानिवृत्त होने के बाद भी विद्याराम दे रहे निशुल्क शिक्षा
शिकोहाबाद में रहने वाले शिक्षक विद्याराम व्यास महाराजा अग्रसेन उमावि शिकोहाबाद से 31 मार्च 2017 को सेवानिवृत्त हुए थे। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद स्कूल में एक प्रधानाचार्य और एक सहायक ही अध्यापक शेष रह गए थे। इसलिए शिक्षक विद्याराम व्यास ने एक अप्रैल 2017 से स्कूल जाना शुरू कर दिया। वह विद्यालय में अंग्रेजी अध्यापक के रूप में अपनी निशुल्क सेवा लगातार देते आ रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए हम स्कूल में बिना स्वार्थ के पढ़ाने जा रहे हैं। जब तक शिक्षकों की कमी पूरी नहीं होगी और मेरे हाथ-पैर काम करते रहेंगे, हम तब तक विद्यालय जाते रहेंगे।
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पहले की केशवदेव ने नौकरी, अब कर रहे शिक्षादान
शिकोहाबाद के ही केशवदेव वर्मा वर्ष 2016 में सेवानिवृत्त हो गए थे। किंतु विद्यालय में शिक्षकों की कमी को देखते हुए एक दिन भी घर पर आराम करना जरूरी नहीं समझा। वह नियमित विद्यालय में जाकर पढ़ाते हैं। कहते हैं कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। अगर हम बैठ जाएंगे तो पढ़ाई प्रभावित होगी। इसलिए निशुल्क शिक्षा पूरी जिम्मेदारी से दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले नौकरी की। अब शिक्षा का दान कर रहे हैं। नौकरी 100 रुपये वेतन से शुरू की थी। अब उससे कई ज्यादा पेंशन ही है। इसी विद्यालय की बदौलत ही हम पेंशन पा रहे हैं तो क्यों हम शिक्षादान करने से पीछे रहें।
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स्वस्थ्य समाज रहे, इसलिए जयवीर दे रहे सेवा
फिरोजाबाद। जसराना स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक जयवीर सिंह सेवानिवृत्त होने के बाद भी सेवा दे रहे हैं। वह परिवार नियोजन कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाते हैं। जहां चिकित्सक कोरोना संक्रमण के डर से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं, लॉकडाउन के दौरान कोरोना योद्धा के रूप में इमरजेंसी सेवा दी। उस समय के सबसे संक्रमित क्षेत्र नगला बरी इलाके में नियमित ड्यूटी करने जाते थे। उन्होंने बताया कि बड़ी मेहनत के बाद एक डॉक्टर बनता है। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की कमी पहले से ही है। लोगों को इलाज मिलता रहे और हम भी स्वस्थ्य रहें, यह भाव रखते हुए आगे भी सेवा देंगे।
कैंसर रोगियों को लालजी बाबू निशुल्क दिला रहे इलाज
एसआरके कॉलेज से प्रधानाचार्य पद पर सेवानिवृत्त होने के बाद लालजी बाबू श्रीवास्तव ने भी जन सेवा क्षेत्र में एक कदम उठाया। उन्होंने वर्ष 2017 ने गुरुजी सेवा संस्था की बनाई। यह समिति कैंसर रोगियों को निशुल्क इलाज मुहैया कराती है। उन्होंने बताया कि अभी तक 20 लोगों को निशुल्क कैंसर का इलाज दिलाया गया है। अपने घर पर होम्योपैथी चिकित्सा कैंप लगवाते हैं। यह शिविर मरीजों के लिए निशुल्क रहता है, वह अपनी जेब से ही चिकित्सक की फीस जमा करते हैं। विधवाओं के सम्मान दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। स्कूलों में जाकर शिक्षकों को भी प्रेरित करते हैं।