{"_id":"e7ab2aaf34fc7c5390795fa40e6ffbac","slug":"rohit-s-body-came-home-from-malaysia-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मलेशिया से घर आया रोहित का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मलेशिया से घर आया रोहित का शव
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 29 Jun 2015 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
19 दिन बाद रोहित के शव को देख परिवारीजनों में कोहराम मच गया। मलेशिया की एक कंपनी की शिप पर तैनात रोहित की मृत्यु क्रेन से टकराकर हो गई थी। शव का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव मैनपुरी के बिचौली में किया गया।
जसराना के एलआर इंटर कालेज में प्रवक्ता वीरेंद्रपति भारतीय का छोटा पुत्र रोहित मर्चेंट नेवी में मलेशिया की एक कंपनी की शिप पर कार्यरत था। 11 जून को वह शिप पर कार्य कर रहा था तभी पैर फिसलने से पीछे से आ रही क्रेन से टकरा गया। क्रेन से टकराने पर रोहित गंभीर रुप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए ले जाते तब तक उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी परिवारीजनों को हुई तो उनमें कोहराम मच गया। पिता ने सभी सक्षम मंत्रालयों के साथ अधिकारियों से गुहार लगाई। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद से भी मलेशिया से शव लाने को कहा। 19 दिन बाद सोमवार को रोहित का शव मोहल्ला जाटवान में आया तो परिवारीजनों में चीखपुकार मच गई। शव को पैतृक गांव ले जाया गया वहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
कई बार बेहोश हुई मां
जसराना(ब्यूरो)। 19 दिन से अपने बेटे के शव का इंतजार कर रही मां उर्मिला भारती का रो-रोकर बुरा हाल था। मां कई बार बेहोश हुई। महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाने के साथ खुद को रोने से नहीं रोक पा रही थीं। अध्यापक पिता का भी हाल बेहाल था।
विज्ञापन
कार्रवाई न करने की शर्त पर मिला शव
जसराना(ब्यूरो)। मलेशिया में रोहित के पीएम को लेकर कानूनी दिक्कतें आ रही थीं। परिवारीजनों की माने तो कंपनी ने दो दिन बाद रोहित के शव का पीएम कराने का प्रयास किया लेकिन नहीं हो पाया। बाद में कंपनी ने परिवार के लोगों को इस शर्त पर शव सौंपा कि कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। भाई ने बताया कि कंपनी ने लिखित में लेकर ही शव दिया है।
नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
19 दिन बाद जसराना के युवक का शव आया लेकिन न तो पुलिस को और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी पहुंचा।
विज्ञापन
जसराना के एलआर इंटर कालेज में प्रवक्ता वीरेंद्रपति भारतीय का छोटा पुत्र रोहित मर्चेंट नेवी में मलेशिया की एक कंपनी की शिप पर कार्यरत था। 11 जून को वह शिप पर कार्य कर रहा था तभी पैर फिसलने से पीछे से आ रही क्रेन से टकरा गया। क्रेन से टकराने पर रोहित गंभीर रुप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए ले जाते तब तक उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी परिवारीजनों को हुई तो उनमें कोहराम मच गया। पिता ने सभी सक्षम मंत्रालयों के साथ अधिकारियों से गुहार लगाई। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद से भी मलेशिया से शव लाने को कहा। 19 दिन बाद सोमवार को रोहित का शव मोहल्ला जाटवान में आया तो परिवारीजनों में चीखपुकार मच गई। शव को पैतृक गांव ले जाया गया वहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन
कई बार बेहोश हुई मां
जसराना(ब्यूरो)। 19 दिन से अपने बेटे के शव का इंतजार कर रही मां उर्मिला भारती का रो-रोकर बुरा हाल था। मां कई बार बेहोश हुई। महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाने के साथ खुद को रोने से नहीं रोक पा रही थीं। अध्यापक पिता का भी हाल बेहाल था।
विज्ञापन
कार्रवाई न करने की शर्त पर मिला शव
जसराना(ब्यूरो)। मलेशिया में रोहित के पीएम को लेकर कानूनी दिक्कतें आ रही थीं। परिवारीजनों की माने तो कंपनी ने दो दिन बाद रोहित के शव का पीएम कराने का प्रयास किया लेकिन नहीं हो पाया। बाद में कंपनी ने परिवार के लोगों को इस शर्त पर शव सौंपा कि कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। भाई ने बताया कि कंपनी ने लिखित में लेकर ही शव दिया है।
नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
19 दिन बाद जसराना के युवक का शव आया लेकिन न तो पुलिस को और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी पहुंचा।