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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Public voice raised against assessment system together

स्वकर के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाए जनता

Sun, 19 Apr 2015 10:27 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Sun, 19 Apr 2015 10:27 PM IST
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 लायर्स क्लब फीरोजाबाद की बैठक सुधीर महेश्वरी एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई, जिसमें नगर निगम द्वारा संशोधित दरों पर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने शहर में व्याप्त समस्याओं के मद्देनजर अधिक से अधिक आपत्तियां दर्ज कराने की अपील की।
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प्रभात कुमार नगीना एडवोकेट ने आमजन से कहा वह स्वकर के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं। प्रवीन भटनागर ने कहा नगर निगम द्वारा स्वकर निर्धारण की दरें मनमाने तौर पर लगाई गई हैं, जबकि इतनी दरें तो कानपुर, आगरा, लखनऊ, अलीगढ़ व बनारस जैसे महानगरों में भी नहीं है। धर्मसिंह यादव एडवोकेट ने कहा कि फीरोजाबाद के मोहल्लों की गलियों की चौड़ाई तीन-चार मीटर से अधिक नहीं हैं, जबकि स्वकर निर्धारण में जो वर्गीकरण किया गया है, उसमें 12 मीटर से कम सड़कों को एक समान मान लिया गया है, जो अनुचित है। प्रदीप अग्रवाल ने स्वकर निर्धारण गलत एवं अनुचित मापदंडों के आधार पर किया गया है। संजय जैन शषि पाराषर सुशील कौशिक प्रमिल जैन, पंकज अग्रवाल, राजेंद्र यादव, मुकेष सक्सेना थे ।
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तो भवन स्वामी को झेलना होगा नुकसान
फीरोजाबाद में अधिकांश भवन पुराने बने हुए हैं। यही नहीं अधिकांश मकानों में किराएदार भी रह रहे हैं। वर्तमान में रेट कंट्रोल एक्ट लागू होने के कारण उनका किराया बढ़ाने व खाली कराने पर प्रतिबंध है। ऐसी स्थिति में स्वकर लागू किया जाना अनुचित होगा। क्योंकि टैक्स की दरें किराए की दरों से ज्यादा होंगी। भवन स्वामी को अत्यधिक हानि का सामना करना पड़ेगा ।
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भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएगी गरीब जनता
अधिवक्ताओं का कहना है कि फीरोजाबाद में 95 फीसदी लेबर क्लास आबादी है, जो शहर की छोटी गलियों व छोटे मकानों में रहती है। स्वकर से गरीब जनता का जीना मुश्किल हो जाएगा। वह भुखमरी के कगार पर पर पहुंच जाएंगे।


स्वकर : अब 27 तक दर्ज कराई जाएंगी आपत्तियां
फीरोजाबाद। नगर निगम द्वारा स्वकर की संशोधित दरों के संबंध में अब जनता 27 अप्रैल तक आपत्तियां दर्ज करा सकती है। 13 से 20 अप्रैल तक कई दिनों का अवकाश के कारण नगर निगम ने तिथि बढ़ाई है। इस संबंध में नगर विधायक मनीष असीजा ने शासन को भी पत्र भेजा था।
शासन द्वारा चार अगस्त को नगर निगम का दर्जा दिए जाने के बाद भारी भरकम टैक्स की मार झेलनी पड़ रही थी। नगर निगम द्वारा स्वकर लागू किए जाने को लेकर जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, बुद्धिजीवियों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा था। नगर विधायक की पहल के बाद नगर निगम द्वारा स्वकर की 50 प्रतिशत तक दरें कम करते हुए जनता से 13 से 20 अप्रैल तक आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। इस बीच लगातार कई अवकाश के चलते जनता आपत्तियां एवं सुझाव दर्ज नहीं करा पा रही थी। इस संबंध में 17 अप्रैल को नगर विधायक मनीष असीजा ने नगर आयुक्त को भेजे पत्र भेजकर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने के लिए समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि शासन के निर्देश पर जनता से स्वकर की संशोधित दरों के संबंध में 20 तक आपत्ति मांगी गई थी। हालांकि 14 अप्रैल को डा. भीमराव अंबेडकर जयंती, 17 को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जयंती, 18 को शनिवार, 19 को रविवार और 20 को परशुराम जयंती के अवकाश के कारण कार्यालय बंद रहेंगे। ऐसी स्थिति में आपत्ति दर्ज कराने के लिए 15 दिन का समय बढ़ाया जाए। नगर विधायक की मांग पर नगर निगम द्वारा स्वकर के संबंध में आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित करने को 27 अप्रैल तक समय बढ़ा दिया गया है।


आपत्तियां गायब करने का आरोप
नगर निगम द्वारा स्वकर के संबंध में प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण की जहमत से बचने को बड़ा खेल किया जा रहा है। नगर निगम में दर्ज कराई गई आपत्तियों के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिल रहा है। सूत्रों की मानें तो स्वकर के संबंध में बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इसके बावजूद नगर निगम द्वारा उन आपत्तियों को गायब कर दिया गया है।


नगर निगम द्वारा स्वकर निर्धारण की प्रस्तावित दरों के संबंध में 13 से 20 अप्रैल तक आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए गए है। हालांकि अधिक अवकाश के कारण समय बढ़ा दिया गया है। अब शहर की जनता द्वारा 27 अप्रैल तक आपत्तियां व सुझाव दिए जा सकेंगे। समय से आपत्तियां प्राप्त न होने पर यह समझा जाएगा कि नगर निगम द्वारा प्रस्तावित मासिक दरों पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है। अत: नगर निगम द्वारा गृहकर, जलकर स्वकर निर्धारण व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर एक अप्रैल 2013 से प्रस्तावित करते हुए प्रभावी कर दिया जाएगा। शेष नियम व शर्तें पूर्ववत रहेंगी।


स्वकर के विरोध में निगम का पुतला दहन
फीरोजाबाद। उत्तर प्रदेश प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने स्वकर प्रणाली के विरोध में गांधीपार्क चौराहे पर तीखी नारेबाजी करते हुए नगर निगम का पुतला दहन किया। महानगर अध्यक्ष महेश पूरन ने कहा कि नगर निगम में समस्याओं का अंबार लगा है। श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र में कोई सुविधाएं नहीं है। इसके बावजूद लखनऊ, आगरा की तर्ज पर स्वकर लगा दिया गया है। यह नगर निगम की खुली मनमानी है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश मंत्री पवन दीक्षित ने कहा कि नगर निगम अफसरों द्वारा तानाशाही रूप से स्वकर प्रणाली जनता पर थोपी जा रही है, जबकि जनता को कोई सुविधा नहीं मिल रही है। प्रदेश संगठन मंत्री मुनव्वर खान ने कहा कि व्यापार मंडल ने नगर निगम को आपत्ति दर्ज करा दी है। नगर निगम को कोई कर लगाने का अधिकार नहीं है। चुनाव के बाद ही कर निर्धारण किया जाए, अन्यथा व्यापार मंडल स्वकर के खिलाफ आंदोलन जारी रखेगा। पुतला दहन के समय जिलाध्यक्ष बीएस गुप्ता, नदीम अब्बासी, मुनव्वर खान, पवन दीक्षित, शाह आलम, अनिल मैनेजर, विनोद गुप्ता, अमित गुप्ता, विजय टाइगर, मनोज गुप्ता, आरिफ, गुडडू, शैलेष झा, इमरान आदि उपस्थित रहे।


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