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किसानों पर दर्ज मुकदमे लिए जाएं वापस
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किसानों पर दर्ज मुकदमे लिए जाएं वापस
फिरोजाबाद। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचा। राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्री मांगपत्र एसडीएम मुख्यालय को सौंपा। इसके माध्यम से किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लिए जाने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष प्रेम अतुल यादव के नेतृत्व में किसान एकत्रित होकर सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। किसानों ने मुख्यालय के गेट पर नारेबाजी करते हुए कहा कि किसानों की एमएसपी तय करने के लिए कमेटी का गठन किए जाने का वादा किया था। लेकिन कमेटी का आज तक गठन नहीं किया है। सरकार ने किसानों से समझौते के दौरान दर्ज मुकदमा वापस लिए जाने का भरोसा दिया था लेकिन आज तक मुकदमे वापस नहीं लिए हैं। किसान नेताओं के पास लगातार नोटिस आ रहे हैं यह गलत है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का निदान करने के बजाय उनके जले पर नमक छिड़कने का काम किया जा रहा है। लखीमपुर खीरी प्रकरण के प्रमुख षणयंत्रकारी अजय मिश्रा टैनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। आस्ट्रेलिया के साथ मुक्त व्यापार समझौते से डेयरी किसानों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। सरकार के इस रवैये से किसानों में रोष व्याप्त है। ज्ञापन देने वालों में शिशुपाल सिंह, शाकिर अली, रामवीर सिंह, ऊषा देवी, बिट्टू, राजेंद्र सिंह, अतुल कुमार, शिवम, श्रीदेवी, मोरल ठाकुर, अजीत यादव, शम्मी, चरन सिंह किसान शामिल थे।
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फिरोजाबाद। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचा। राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्री मांगपत्र एसडीएम मुख्यालय को सौंपा। इसके माध्यम से किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लिए जाने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष प्रेम अतुल यादव के नेतृत्व में किसान एकत्रित होकर सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। किसानों ने मुख्यालय के गेट पर नारेबाजी करते हुए कहा कि किसानों की एमएसपी तय करने के लिए कमेटी का गठन किए जाने का वादा किया था। लेकिन कमेटी का आज तक गठन नहीं किया है। सरकार ने किसानों से समझौते के दौरान दर्ज मुकदमा वापस लिए जाने का भरोसा दिया था लेकिन आज तक मुकदमे वापस नहीं लिए हैं। किसान नेताओं के पास लगातार नोटिस आ रहे हैं यह गलत है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का निदान करने के बजाय उनके जले पर नमक छिड़कने का काम किया जा रहा है। लखीमपुर खीरी प्रकरण के प्रमुख षणयंत्रकारी अजय मिश्रा टैनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। आस्ट्रेलिया के साथ मुक्त व्यापार समझौते से डेयरी किसानों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। सरकार के इस रवैये से किसानों में रोष व्याप्त है। ज्ञापन देने वालों में शिशुपाल सिंह, शाकिर अली, रामवीर सिंह, ऊषा देवी, बिट्टू, राजेंद्र सिंह, अतुल कुमार, शिवम, श्रीदेवी, मोरल ठाकुर, अजीत यादव, शम्मी, चरन सिंह किसान शामिल थे।
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