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सेहत की बात: मौसम बदलने से दमा रोगियों की बढ़ी दिक्कत; फूल रही सांस, बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे रोगी

Mon, 14 Oct 2024 05:34 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 14 Oct 2024 05:34 PM IST
सार

मौसम बदलने के साथ दमा रोगियों की भी दिक्कत बढ़ गई है। उनकी सांस फूल रही है। रोजाना बड़ी संख्या में रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं। 

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problem of asthma patients has increased due to change in weather patients reaching hospital in large numbers
दमा रोग - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में मौसम में बदलता और दिवाली का त्योहार पास आते ही घरों में हो रही सफाई के चलते उड़ती धूल दमा रोगियों की सांसें फुला रही है। मेडिकल कॉलेज में ही रोजाना ऐसे 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। जिन्हें भर्ती करके ऑक्सीजन देकर राहत दी जा रही है। चिकित्सकों के मुताबिक, दमा रोगियों की सांस नलियों में सिकुड़न और सूजन आने से परेशानी बढ़ गई है।

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मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रह है। एक्यूआई भी दिनों दिन बिगड़ता जा रहा है। घरों में हो रही सफाई से धूल के कण हवा में घूल रहे हैं। इससे मौसम सांस के मरीजों के लिए समस्या बढ़ गई है। टीबी वार्ड में मरीज फुल हो गए हैं। 

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इधर, दमा रोगियों की संख्या भी अस्पताल में बढ़ गई है। पहले पांच से छह ही मरीज आते थे। अब 20 से 25 मरीज सांस से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। बाल रोगियों को नेबुलाइजर देने की जरूरत पड़ रही है।
 
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मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभागध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि दिवाली पर घरों में साफ-सफाई होती है। वहीं, सुबह-शाम की ठंड और दोपहर में धूप खिलने से गर्मी हो जाती है। साफ-सफाई या रंगाई-पुताई की वजह से धूल के कण सांस के जरिए फेफड़े तक पहुंच जाते हैं। चूंकि, सांस मरीजों की सांस की नलियां संवेदनशील होती हैं। यह परेशानी अधिक होने पर दमा रोगियों का ऑक्सीजन लेवल कम होने लगता है।
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इन बातों का रखें ख्याल

  • अस्थमा का अटैक आए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
  • सांस रोगी दवा की पर्याप्त खुराक लें।
  • इनहेलर साथ रखें, नियमित उपयोग करें।
  • धूल आदि होने पर मास्क लगाएं।

ऐसे करें बचाव

  • पैदल चलें, नियमित योग करें।
  • शरीरिक रूप से सक्रिय रहें।
  • मौसमी फलों का सेवन करें।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि जिन बच्चों की बार-बार सांस फूलती है, उनकी इस सीजन में सांस तेज चल रही है। सुबह मौसम में नमी होने की वजह से वायरल रोगी भी बढ़ गए हैं। इन मरीजों की भी सांस तेज चलने लगती है। प्रतिदिन आठ से 10 मरीज भर्ती हो रहे हैं।
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