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Firozabad News: वायरल बुखार से घट रहीं प्लेटलेट्स
Sun, 11 Aug 2024 01:09 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 11 Aug 2024 01:09 AM IST
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फिरोजाबाद। बारिश के बीच उमस से हर कोई परेशान है। बदलता मौसम बच्चाें से लेकर बुजुर्गों की सेहत बिगाड़ रहा है। सर्दी, जुकाम, सांस, वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इन मरीजों की खून जांच में कम प्लेटलेट्स की शिकायतें आ रही हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 300 से ज्यादा सीबीसी की जांच हो रही है। वहीं, निजी पैथोलॉजी पर भी जांचों की संख्या कई गुना अधिक हो गई है।
शनिवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी से लेकर दवा काउंटर तक भीड़ लगी रही। ओपीडी में 1783 मरीज इलाज कराने पहुंचे, करीब 300 पुराने मरीज शामिल रहे। इसमें 40 प्रतिशत वायरल बुखार वाले रहे। तीन बाद बुखार न छोड़ने वाले मरीजों को डेंगू लक्षण की आशंका से चिकित्सक खून जांच की सलाह दिया। फिजीशियन डाॅ. मनोज कुमार ने बताया की वायरल बुखार की चपेट में आन वाले मरीजों में प्लेटलेट्स गिरने के ज्यादा मामले आ रहे हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक प्लेटलेट्स 70 हजार के भी नीचे पहुंच जा रहा है। लक्षण डेंगू जैसे हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही। मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
अस्पताल के पैथाेलॉजी में रोज 300 सौ से ऊपर मरीजों की खून जांच हो रही है। वहीं, 10 से 20 डेंगू के लिए एलाइजा की जांच हो रही है, लेकिन उसमें पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आ रही है। बालरोग विशेषज्ञ डाॅ. एलके गुप्ता ने बताया की मौसम बदलने से बच्चों में वायरल बुखार व उल्टी दस्त की शिकायत आम हो गई हैं। खानपान में संयम बरत कर इस बीमारी से बचा जा सकता है। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दे। लापरवाही घातक हो सकती है।
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इन लक्षणों पर हो जाएं सतर्क
104 डिग्री तक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों में दर्द, उल्टी, जी मिचलाना, चक्कर आना, हाथ-पैर व जोड़ों में दर्द ये लक्षण वायरल बुखार के हैं। ये लक्षण होने पर सतर्क हो जाएं। बिना देरी किए चिकित्सक को दिखाएं।
वायरल बुखार के कारण व बचाव
बरसात का मौसम है, गंदगी और जलभराव की समस्या है। मच्छरों का प्रकोप है। दूषित भोजन और दूषित पानी पीने से वायरल बुखार आ सकता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क मेंं आने से भी वायरल बुखार अपनी चपेट में ले सकता है।
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शनिवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी से लेकर दवा काउंटर तक भीड़ लगी रही। ओपीडी में 1783 मरीज इलाज कराने पहुंचे, करीब 300 पुराने मरीज शामिल रहे। इसमें 40 प्रतिशत वायरल बुखार वाले रहे। तीन बाद बुखार न छोड़ने वाले मरीजों को डेंगू लक्षण की आशंका से चिकित्सक खून जांच की सलाह दिया। फिजीशियन डाॅ. मनोज कुमार ने बताया की वायरल बुखार की चपेट में आन वाले मरीजों में प्लेटलेट्स गिरने के ज्यादा मामले आ रहे हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक प्लेटलेट्स 70 हजार के भी नीचे पहुंच जा रहा है। लक्षण डेंगू जैसे हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही। मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
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अस्पताल के पैथाेलॉजी में रोज 300 सौ से ऊपर मरीजों की खून जांच हो रही है। वहीं, 10 से 20 डेंगू के लिए एलाइजा की जांच हो रही है, लेकिन उसमें पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आ रही है। बालरोग विशेषज्ञ डाॅ. एलके गुप्ता ने बताया की मौसम बदलने से बच्चों में वायरल बुखार व उल्टी दस्त की शिकायत आम हो गई हैं। खानपान में संयम बरत कर इस बीमारी से बचा जा सकता है। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दे। लापरवाही घातक हो सकती है।
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इन लक्षणों पर हो जाएं सतर्क
104 डिग्री तक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों में दर्द, उल्टी, जी मिचलाना, चक्कर आना, हाथ-पैर व जोड़ों में दर्द ये लक्षण वायरल बुखार के हैं। ये लक्षण होने पर सतर्क हो जाएं। बिना देरी किए चिकित्सक को दिखाएं।
वायरल बुखार के कारण व बचाव
बरसात का मौसम है, गंदगी और जलभराव की समस्या है। मच्छरों का प्रकोप है। दूषित भोजन और दूषित पानी पीने से वायरल बुखार आ सकता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क मेंं आने से भी वायरल बुखार अपनी चपेट में ले सकता है।