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Firozabad News: सुरक्षित प्रसव की योजनाएं हारीं, घरों में गूंजी 10208 बच्चों की किलकारी

Wed, 17 Jul 2024 12:05 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Wed, 17 Jul 2024 12:05 AM IST
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Plans for safe delivery failed, cries of 10208 children echoed in homes
फिरोजाबाद। रहे सुरक्षित जच्चा-बच्चा, यही वचन है सबसे सच्चा... स्वास्थ्य विभाग की यह लाइन अमल में नहीं दिख रही है। बीते साल के रिकार्ड पर देखें तो फिरोजाबाद जनपद में 73090 बच्चों ने जन्म लिया। इसमें से 10208 बच्चों ने अस्पताल के बजाय घर में जन्म लिया। हैरानी की बात तो यह है कि 946 दाई ने कराई, शेष डिलीवरी ऐसी महिलाओं ने कराई, जो प्रशिक्षित तक नहीं थीं। यह स्थिति तब है जब जनपद में करीब 1660 आशा कार्यकर्ता गर्भवती के सेहत की निगरानी को लेकर तैनात हैं। जनपद में 2023 में 73090 कुल डिलीवरी हुई थी। सीआरएस पोर्टल के मुताबिक, 35495 डिलीवरी सरकारी अस्पतालों में हुई। 26436 डिलीवरी प्राइवेट अस्पतालों में हुई। 10208 प्रसव ऐसे लोगों ने कराया, जो प्रसव को लेकर प्रशिक्षित तक नहीं है।
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अवैध अस्पताल का तो आंकड़ा ही नहीं
जिले में 200 से ज्यादा अवैध अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। इन अस्पतालों में अप्रशिक्षित स्टाफ से प्रसूताओं की जान जोखिम में डालकर प्रसव कराए जाते हैं। आए दिन प्रसूताओं की मौत के आंकड़े भी सामने आते हैं। सीआरएस पोर्टल पर तो अवैध अस्पतालों में डिलीवरी के आंकड़े ही शामिल नहीं है।
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मातृ सुरक्षा को लेकर संचालित योजनाएं
-जननी सुरक्षा योजना : योजना के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली गर्भवती को 1400 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
-जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम : योजना के तहत सरकारी अस्पताल में गर्भवती को जांच से लेकर दवा तक की निशुल्क व्यवस्था है। साथ ही खाने का भी प्रबंध किया जाएगा।
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-प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान : माह में चार बार अभियान के तहत शिविर का आयोजन स्वास्थ्य इकाइयों पर किया जाता है। वहां पर गर्भवती के सेहत की जांच के साथ ही टीकाकरण किया जाता है।

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यह है कारण
-प्रसव इकाइयों की संख्या कम है। प्रसव कराने में प्रशिक्षित कर्मियों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है।
-अशिक्षा व अज्ञानता भी इसकी काफी हद तक जिम्मेदार है।
-संसाधनों का अभाव भी संस्थागत प्रसव की राह में किसी रोडा से कम नहीं है।
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-संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। प्रसव इकाइयों को लगातार बढ़ाया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि लोगाें के घर के नजदीक प्रसव की सुविधा मिले। शासन ने स्टाफ की नियुक्ति भी लगातार की जा रही है।
-डाॅ. पवन कुमार, एसीएमओ
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स्वास्थ्य सेवाएं एक नजर में
कुल आबादी- 30.60 लाख
कुल ब्लॉक-नौ
मेडिकल कॉलेज-एक
जिला संयुक्त अस्पताल- एक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र- नौ
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