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छह अस्पतालों में पीकू वार्ड तैयार, बाल रोग चिकित्सक की दरकार
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छह अस्पतालों में पीकू वार्ड तैयार, बाल रोग चिकित्सक की दरकार
फिरोजाबाद। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की शुरुआत विदेशों के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों में होने लगी है। शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने पीकू वार्ड (बाल सघन चिकित्सा इकाई) बना दिए। आधुनिक उपकरण भी मेडिकल कॉलेज सहित सीएचसी पर लगा दिए, लेकिन इनके संचालन के लिए पर्याप्त चिकित्सक जिले में नहीं हैं। अगस्त, सितंबर माह में डेंगू जब फैला था तो प्रदेश के कई जिलों से बाल रोग चिकित्सक बुलाए गए थे। यदि कोरोना की लहर शुरू होती है तो बाल रोग चिकित्सकों की कमी सुहागनगरी को जरूर खलेगी।
कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने की तैयारी कर रही सुहागनगरी में इंतजाम नाकाफी हैं। कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों के प्रभावित होने की आशंका है। फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेज में भी पीकू वार्ड तैयार कराया गया है, लेकिन चिकित्सकों के बिना वार्ड भी किसी काम के नहीं हैं। जिलेभर में 0-15 वर्ष तक की उम्र के करीब 7 लाख बच्चे हैं। इनकी देखरेख के लिए जिले में मात्र चार चिकित्सक ही हैं। इस हिसाब से एक लाख 75 हजार बच्चों पर मात्र एक चिकित्सक की तैनाती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग कैसे कोरोना की तीसरी लहर से लड़ पाए
तीसरी लहर के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर से लड़ने के लिए अन्य विभाग के चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा चुका है। सीएमओ डॉ. दिनेश प्रेमी का कहना है कि अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञों की कमी है। सीएमओ कार्यालय में मात्र एक बाल रोग विशेषज्ञ है, जबकि मेडिकल कॉलेज में तीन डॉक्टर हैं। जिलेभर में तीसरी लहर को लेकर मेडिकल कॉलेज में 100, शिकोहाबाद में 40, सीएचसी सिरसागंज, जाटऊ, एका और जसराना में 10-10 बेड के पीकू वार्ड तैयार किए गए हैं।
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फिरोजाबाद। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की शुरुआत विदेशों के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों में होने लगी है। शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने पीकू वार्ड (बाल सघन चिकित्सा इकाई) बना दिए। आधुनिक उपकरण भी मेडिकल कॉलेज सहित सीएचसी पर लगा दिए, लेकिन इनके संचालन के लिए पर्याप्त चिकित्सक जिले में नहीं हैं। अगस्त, सितंबर माह में डेंगू जब फैला था तो प्रदेश के कई जिलों से बाल रोग चिकित्सक बुलाए गए थे। यदि कोरोना की लहर शुरू होती है तो बाल रोग चिकित्सकों की कमी सुहागनगरी को जरूर खलेगी।
कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने की तैयारी कर रही सुहागनगरी में इंतजाम नाकाफी हैं। कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों के प्रभावित होने की आशंका है। फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेज में भी पीकू वार्ड तैयार कराया गया है, लेकिन चिकित्सकों के बिना वार्ड भी किसी काम के नहीं हैं। जिलेभर में 0-15 वर्ष तक की उम्र के करीब 7 लाख बच्चे हैं। इनकी देखरेख के लिए जिले में मात्र चार चिकित्सक ही हैं। इस हिसाब से एक लाख 75 हजार बच्चों पर मात्र एक चिकित्सक की तैनाती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग कैसे कोरोना की तीसरी लहर से लड़ पाए
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तीसरी लहर के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर से लड़ने के लिए अन्य विभाग के चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा चुका है। सीएमओ डॉ. दिनेश प्रेमी का कहना है कि अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञों की कमी है। सीएमओ कार्यालय में मात्र एक बाल रोग विशेषज्ञ है, जबकि मेडिकल कॉलेज में तीन डॉक्टर हैं। जिलेभर में तीसरी लहर को लेकर मेडिकल कॉलेज में 100, शिकोहाबाद में 40, सीएचसी सिरसागंज, जाटऊ, एका और जसराना में 10-10 बेड के पीकू वार्ड तैयार किए गए हैं।
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