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बरेली, कासगंज, एटा जाने वाले यात्री रहे परेशान
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भाई दूज के पर्व पर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की काफी भीड़ रही। ट्रेन में चढ़ने के लिए आपाधापी की स?
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। भाई दूज पर भाई के घर जाने के लिए बहनों को वाहनों की जमकर कमी खली। इटावा, मैनपुरी के साथ बरेली रुट पर बसों का टोटा रहने के कारण बहनों को डग्गामार वाहनों से भाई के घर जाने के लिए विवश होना पड़ा। जिसके चलते बहनें समय से भाई के घर नहीं पहुंच पाई। वहीं ट्रेनों में भी भीड़ अधिक होने के कारण बहनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
भाई दूज को लेकर परिवहन विभाग ने भले ही पहले से तैयारियां कर ली हो, लेकिन भाई दूज पर बहनों की भीड़ के आगे परिवहन विभाग की सारी व्यवस्थाएं फेल हो गई। बरेली, बदायूं, कासगंज, एटा जाने के लिए सुबह करीब चार बजे ही बहनें बस स्टैंड पर पहुंच गई। क्योंकि सुबह पांच और साढ़े पांच बजे दो बसें एटा, कासगंज और बदायूं होते हुए बरेली जाती है। लेकिन दोनों सुबह चार बजे से ही पहले ही फुल हो गई थी। ऐसे में बहनों को भाई के घर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला।
बस स्टैंड के गेट पर खड़ी प्राइवेट बस चालकों ने बरेली, बदायूं, कासगंज और एटा की आवाज लगाना शुरु कर दिया। तो देखते ही देखते करीब तीन से चार बस फुल हो गईं और बहनें इन बसों में बैठकर भाई के घर जाने के लिए विवश हुई। वहीं सुबह नौ बजे तक बस स्टैंड पर फर्रुखाबाद, मैनपुरी के साथ ही इटावा, कानपुर जाने के लिए एक भी बस नहीं थी। काफी संख्या में बहनें बसों का इंतजार करती दिखाई दी। लेकिन बहनों को बस नहीं मिली। तब बहनें डग्गामार वाहनों के साथ प्राइवेट बसों से यात्रा करने के लिए विवश हो रही थी।
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जीआरपी ने की बहनों की मदद
फिरोजाबाद। टूंडला से कानपुर जाने वाली पैंसेजर ट्रेन को फिरोजाबाद स्टेशन पर सुबह तीन बार रोका गया। जब कहीं जाकर बहनें ट्रेन में चढ़ सकी। इसके बाद भी कई बहनें तो ट्रेन में चढने से रह गई। टूंडला से कानपुर जाने वाले पैंसेजर ट्रेन सुबह करीब सात बजे फिरोजाबाद स्टेशन पर पहुंची है। इस ट्रेन का स्टेशन पर दो मिनट का स्टॉप है। ट्रेन के समय से पहले काफी संख्या में स्टेशन पर बहनों की भीड़ थी। जैसे ही ट्रेन के आने का संकेत हुआ तो कुछ बहनें जान जोखिम में डालकर अप और डाउन लाइन के बीच खड़ी हो गई काफी संख्या में बहनें प्लेटफार्म पर मौजूद रही। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर आकर रुकी तो ट्रेन में जल्दी चढने के लिए बहनों की मारामारी मच गई। भीड़ को देखते हुए कुछ बहनें तो आपात कालीन खिड़की से कोच के अंदर प्रवेश करने लगी तो कुछ गेट से अंदर जाने के लिए प्रवेश करने लगी।
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भाई दूज को लेकर परिवहन विभाग ने भले ही पहले से तैयारियां कर ली हो, लेकिन भाई दूज पर बहनों की भीड़ के आगे परिवहन विभाग की सारी व्यवस्थाएं फेल हो गई। बरेली, बदायूं, कासगंज, एटा जाने के लिए सुबह करीब चार बजे ही बहनें बस स्टैंड पर पहुंच गई। क्योंकि सुबह पांच और साढ़े पांच बजे दो बसें एटा, कासगंज और बदायूं होते हुए बरेली जाती है। लेकिन दोनों सुबह चार बजे से ही पहले ही फुल हो गई थी। ऐसे में बहनों को भाई के घर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला।
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बस स्टैंड के गेट पर खड़ी प्राइवेट बस चालकों ने बरेली, बदायूं, कासगंज और एटा की आवाज लगाना शुरु कर दिया। तो देखते ही देखते करीब तीन से चार बस फुल हो गईं और बहनें इन बसों में बैठकर भाई के घर जाने के लिए विवश हुई। वहीं सुबह नौ बजे तक बस स्टैंड पर फर्रुखाबाद, मैनपुरी के साथ ही इटावा, कानपुर जाने के लिए एक भी बस नहीं थी। काफी संख्या में बहनें बसों का इंतजार करती दिखाई दी। लेकिन बहनों को बस नहीं मिली। तब बहनें डग्गामार वाहनों के साथ प्राइवेट बसों से यात्रा करने के लिए विवश हो रही थी।
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जीआरपी ने की बहनों की मदद
फिरोजाबाद। टूंडला से कानपुर जाने वाली पैंसेजर ट्रेन को फिरोजाबाद स्टेशन पर सुबह तीन बार रोका गया। जब कहीं जाकर बहनें ट्रेन में चढ़ सकी। इसके बाद भी कई बहनें तो ट्रेन में चढने से रह गई। टूंडला से कानपुर जाने वाले पैंसेजर ट्रेन सुबह करीब सात बजे फिरोजाबाद स्टेशन पर पहुंची है। इस ट्रेन का स्टेशन पर दो मिनट का स्टॉप है। ट्रेन के समय से पहले काफी संख्या में स्टेशन पर बहनों की भीड़ थी। जैसे ही ट्रेन के आने का संकेत हुआ तो कुछ बहनें जान जोखिम में डालकर अप और डाउन लाइन के बीच खड़ी हो गई काफी संख्या में बहनें प्लेटफार्म पर मौजूद रही। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर आकर रुकी तो ट्रेन में जल्दी चढने के लिए बहनों की मारामारी मच गई। भीड़ को देखते हुए कुछ बहनें तो आपात कालीन खिड़की से कोच के अंदर प्रवेश करने लगी तो कुछ गेट से अंदर जाने के लिए प्रवेश करने लगी।