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UP News: जांच के दायरे में 60 कांच इकाइयां, संचालक लेंगे सुप्रीम कोर्ट की शरण; कानूनविदों से कर रहे रायशुमारी
Sun, 20 Oct 2024 08:59 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sun, 20 Oct 2024 08:59 PM IST
सार
फिरोजाबाद की 60 कांच इकाइयां जांच के दायरे में हैं। संचालक सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाएंगे। इसके लिए वह कानूनविदों से रायशुमारी कर रहे हैं। ये इकाइयां क्षमता विस्तार के चलते जांच के दायरे में आईं हैं।
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फिरोजाबाद की एक फैक्ट्री में रखी छोटी कांच की शीशियां।
- फोटो : संवाद
विस्तार
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में क्षमता विस्तार के चलते जांच के दायरे में आईं 60 कांच इकाइयों के संचालक परेशान हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर टीटीजेड क्षेत्र में संचालित सभी इकाइयों के क्षमता विस्तार से जुड़े प्रकरणों की व्यापक जांच होगी। वहीं जांच के दायरे में आईं इकाइयों के संचालक सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए रायशुमारी में जुट गए हैं।
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ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड)स्थित फिरोजाबाद में संचालित 60 इकाइयां रोक के बावजूद क्षमता विस्तार किये जाने के चलते जांच के दायरे में हैं। इन इकाइयों की जांच को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। वर्ष 1996 तक कोयले से संचालित हो रहीं इन इकाइयों पर विभागीय सांठगांठ के बलबूते क्षमता विस्तार कर वृहद आकार लेने की बात कही जा रही है।
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वहीं सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद जांच के दायरे में आईं इकाइयों के संचालकों की चिंता बढ़ गईं हैं। औद्योगिक संगठन उत्तर प्रदेश ग्लास मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन (यूपीजीएमएस) ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने की मंशा जाहिर की है। संगठन एवं अन्य प्रमुख उद्योगपति इस प्रकरण में कानूनविदों से रायशुमारी कर रहे हैं। उम्मीद है कि दीपोत्सव बाद शहर के उद्यमी सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।
यूपीजीएमएस अध्यक्ष राजकुमार मित्तल ने कहा कि जिन इकाइयों में क्षमता विस्तार की बात कही गई है। वे सभी नियमानुसार संचालित हैं। संभवत: कुछ तकनीकी गड़बडी के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई हो। हम कानूनविदों से रायशुमारी के बाद आवश्यकता अनुसार अपना पक्ष प्रभावी ढंग से सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष रखेंगे।