फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Old memories were on the tongue, the latest date

जुबां पर आईं पुरानी यादें, ताजा तारीख 

Wed, 26 Oct 2016 12:25 AM IST
दीपक जैन
दीपक जैन Updated Wed, 26 Oct 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
Old memories were on the tongue, the latest date
sp family
 मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को लखनऊ की बैठक में कार्यकर्ताओं को संघर्ष के दिन याद दिलाए तो यहां भी हाशिए पर पडे़ कार्यकर्ता पुरानी यादों में खो गए। विपक्ष में रहते हुए सपा यहां हमेशा आंदोलित रही। उन आंदोलनों के दौरान सपाइयों पर लगे मुकदमे अब भी उनका पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। 
विज्ञापन

फीरोजाबाद जिला लंबे समय से सपा का गढ़ है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की यहां करीबी रिश्तेदारी हैं। सपा जब विपक्ष में थी तब सपा कार्यकर्ताओं ने समस्याओं को लेकर खूब आंदोलन किए। पूर्व विधायक अजीम भाई बसपा की सरकार के दौरान सपा जिलाध्यक्ष थे। उनके नेतृत्व में सड़क से लेकर रेल मार्ग तक बाधित किया गया। उन पर कई मुकदमे लगे। लोकसभा चुनाव 2016 में जिस दिन अक्षय यादव का नतीजा आया उसी दिन उन्हें जेल भेज दिया गया। पूर्व सांसद रामजीलाल सुमन, मुकेश यादव, सयुस के पूर्व अध्यक्ष संजय यादव, योगेश गर्ग, आदर्श यादव धन्नू, ग्या प्रसाद सोमेश, मुकेश वाल्मीकि सहित तमाम सपा नेता और कार्यकर्ताओं ने आंदोलनों से सपा का लोहा मनवाया। बसपा सरकार के दौरान सपा के जेल भरो आंदोलन की यादें सपा कार्यकर्ता भूले नहीं हैं। डीएम के दफ्तर पर युवा कार्यकर्ता कुंवर विवेक जैन ने ताला डाल दिया था। डीएम दफ्तर के सामने पुलिस ने विवेक जैन और रोहित यादव (झपारा) को लाठियों से पीटा और जेल में डाल दिया। सपा कार्यकर्ता नितेश अग्रवाल, सुशील गुरुजी, गुलाम साबिर, जेपी यादव, गुलाब सिंह प्रधान, राजकुमार राठौर सहित कई कार्यकर्ता जेल गए। आंदोलनों में इंजीनियर राजीव यादव और विधायक रामवीर यादव ने भी समर्थकों के साथ ताकत दिखाई तो प्रतिस्पर्धा में हरिओम यादव भी आंदोलन की जमीन पर साइकिल दौड़ाते रहे। जेल भरो आंदोलन के साथ-साथ किशनदासपुरा आंदोलन और गुर्जर आंदोलन सपा के बड़े आंदोलनों में गिने जाते हैं। सड़क जाम, रेल मार्ग जाम, पुतला दहन, तोड़फोड़ और आगजनी के तमाम मुकदमे बसपा सरकार में सपा नेताओं पर लगे। सपा के एक नेता ने कहा कि नेताजी ने लखनऊ में संघर्ष के दिनों को याद किया लेकिन यह भूल गए कि विपक्ष में पुलिस की लाठी खाने के लिए हम जैसे कार्यकर्ताओं की फौज सामने आती है वो इसलिए क्योंकि हम नेताजी के दीवाने हैं। वहीं जब सत्ता आती है को पुरस्कार नए चेहरों को मिलता है। एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा हमने पुलिस की लाठी खाई है, मुकदमे अब भी झेल रहे हैं लेकिन पद और सम्मान उन्हें मिला जो चंद दिन पहले पार्टी में आए और नेताजी की आंखों का तारा बन गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed