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UP News: फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में एक बेड पर भर्ती दो मरीज, उल्टी-दस्त व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी

Tue, 03 Sep 2024 11:30 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 03 Sep 2024 11:30 PM IST
सार

फिरोजाबाद में उल्टी-दस्त व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। नतीजा यह है कि मेडिकल कॉलेज में एक-एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती हैं। 

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number of patients suffering from vomiting, diarrhea and fever increased in Firozabad
मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में एक पलंग पर लेटे दो-दो मरीज - फोटो : संवाद

विस्तार

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में देहात क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाएं कितनी भरोसेमंद हैं, इसका अंदाजा मौजूदा स्थिति से लगाया जा सकता है। इन दिनों मौसमी बीमारी से ग्रसित मरीजों की भरमार है। मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड फुल होने के साथ ही मेडिसिन वार्ड भी मरीजों से भर गया है। एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती हैं। जबकि देहात क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 60 प्रतिशत बेड खाली पड़े हैं। सबसे अहम है कि मेडिकल कॉलेज में उल्टी, दस्त और बुखार के सर्वाधिक मरीज देहात क्षेत्रों से ही आ रहे हैं।

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मेडिकल कॉलेज में मेडिसन और बालरोग विभाग के करीब 180 से ज्यादा बेड भी कम पड़ गए हैं। यहां एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जिसमें मौसमी बीमारी उल्टी-दस्त, जुकाम-खांसी से पीड़ित मरीजों की भरमार है। मौसम परिवर्तन के साथ तेजी से बढ़ी मरीजों की संख्या के चलते मंगलवार को मेडिसिन वार्ड पूरी तरह फुल हो गया और एक बेड पर दो मरीज रखने की नौबत आ गई। वहीं बच्चों के पीआईसीयू वार्ड में एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती कर इलाज करना पड़ा।

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खैरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 30 बेड का वार्ड है, यहां कुल 14 ही मरीज भर्ती थे। शेष बेड खाली थे। इसी तरह एका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 30 बेड का है। मंगलवार को 17 मरीज भर्ती हुए। यही हाल जनपद के अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर था। सीएचसी से ज्यादा मरीज की लंबी लाइन तो झोलाछापों पर नजर आ रही है। मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीज डायरिया, बुखार जैसी सामान्य बीमारियों पर भी सीएचसी की सुविधाओं पर भरोसा नहीं कर रहे हैं।
 

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से मरीज नहीं हैं संतुष्ट

नगला पार गांव से आई मीरादेवी ने बताया कि उनके बेटे को वायरल बुखार है। सीएचसी पर सुविधाएं पूरी नहीं मिलती। चिकित्सक भी पूरे समय नहीं मिलते। इसलिए हम बच्चे को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर आए हैं। इसी तरह नारखी की गुड़िया ने बताया कि सीएचसी पर बच्चों के डॉक्टर ही नहीं हैं। मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ हैं। वहां सुविधाएं भी नहीं हैं। इसलिए उपचार के लिए फिरोजाबाद आए हैं।
 
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बच्चों के सभी वार्ड फुल हैं। एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती करने की आवश्यकता पड़ रही है। जल्द ही मरीजों की सुविधाओं के लिए इंतजाम करेंगे। मेडिसन वार्ड में भी मरीज काफी हैं। -डॉ. नवीन जैन, सीएमएस मेडिकल कॉलेज 

सीएचसी पर पर्याप्त दवाएं और सुविधाएं हैं। हम गांव-गांव में कैंप लगवा रहे हैं, जिससे मरीजों को अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। -डॉ. पवन कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
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