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Firozabad News: हादसों से सबक नहीं...ट्रैक्टर-ट्रॉली में ढो रहे सवारी, जिम्मेदारों के दावे फेल

Mon, 25 Aug 2025 11:52 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Mon, 25 Aug 2025 11:52 PM IST
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No lessons from accidents... Passengers being carried in tractor-trolley, claims of responsible persons fail
ट्रैक्टर में जाते मजदूर। संवाद।
फिरोजाबाद। कानपुर और कासगंज के बाद अब बुलंदशहर में तीसरा बड़ा हादसा हुआ है। जिसमें ट्रैक्टर-ट्रॉली से हुए हादसे में 10 लोगों ने जान गंवा दी। फिर भी परिवहन विभाग के जिम्मेदार अफसरों नींद नहीं टूट पाई है। जिले में धड़ल्ले से ट्रैक्टर-ट्रॉली और मालवाहन वाहनों में सवारियां ढोई जा रही हैं। अफसर महज ओवरलोड और ओवर स्पीड़ वाले वाहनों की ही निगरानी करते हैं।
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कानपुर में 2 अक्तूबर 2022 को यात्रियों को लेकर जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से भीषण हादसा हुआ था। जिसमें 27 लोगों की जान गई थी। इस हादसे की गूंज से सरकार भी हिल गई और ट्रैक्टर-ट्रॉली में यात्रा को प्रतिबंधित कर दिया गया। वहीं दूसरा हादसा फरवरी 2024 में कासगंज के कादरगंज में ट्रैक्टर-ट्रॉली से गंगा स्नान को जा रहे श्रद्धालुओं के साथ हुआ है। ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से करीब 12 लोगों की मौत हो गई। वहीं अब बुलंदशहर के खुर्जा हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार 10 लोगों ने हादसे में जान गवां दी। हादसों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी सतर्कता नहीं बरत रहे। शहर के अलावा देहात में ट्रैक्टर-ट्रॉली के अलावा अन्य मालवाहक वाहनों में सवारियों को ढोया जा रहा है। अब हाल ये है कि जिले के हर मार्ग पर माल वाहक वाहनों में यात्रियों को ढोया जा रहा है। देहात क्षेत्रों में हाल इससे भी ज्यादा बुरा है। अनधिकृत रूप से यात्रियों को हर मार्ग पर ले जाया जा रहा है। सोमवार शाम को शहर के स्टेशन रोड, सुभाष चौराहा, जाटवपुरी, आसफाबाद, सुहागनगर, नगला भाऊ पर कहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली तो कहीं मालवाहक वाहन में लोग सफर करते नजर आए।
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कृषि में पंजीकरण, ढो रहे सवारी

ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग कृषि कार्य अथवा सामान ढोने के लिए किया जाता है। लोगों ने इसका प्रयोग यात्रियों को ढोने में शुरू कर दिया। एआरटीओ कार्यालय के आंकड़ों पर नजर डाले तो व्यवसायिक कार्य के लिए महज 121 पंजीकरण हैं, जबकि कृषि कार्य के लिए 19,500 ट्रैक्टर-ट्रॉली का पंजीकरण लोगों ने कराया है। पुलिस या एआरटीओ की ढील से हौसले बुलंद हैं।
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जिले में किसी भी हालत में ट्रैक्टर-ट्रॉली और मालवाहक वाहनों में सवारियां ढोने नहीं दी जाएंगी। सोमवार से इसके लिए अभियान चलाया जाएगा। शहर के कारखानों में लेबर आने और जाने के समय पर निगरानी कर ट्रैक्टर से लाने और ले जाने पर रोक लगवाई जाएगी।
- सुरेशचंद्र यादव, एआरटीओ
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