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अस्पतालों में नहीं मिले जैव चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम
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शिकोहाबाद क्षेत्र में सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटलो को चेक करती प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने मंगलवार को शिकोहाबाद क्षेत्र में संचालित सरकारी और निजी अस्पतालों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन की जांच की। निरीक्षण के दौरान कई निजी अस्पताल में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन में अनियमितताएं मिलीं। पीसीबी के अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के लिए आख्या भेजी है।
टीटीजेड में शामिल फिरोजाबाद में जल,वायु एवं ध्वनि प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) का रुख सख्त है। टीटीजेड में प्रदूषण की रोकथाम और बचाव के लिए जिला पर्यावरण समिति द्वारा निर्धारित मानकों की पूर्ति के लिए कई विभागों को जिम्मा दिया गया है।
मेडिकल वेस्ट अर्थात जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के मामले में निजी अस्पताल संचालकों की लापरवाही और शिकायतें मिलने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मंगलवार को शिकोहाबाद क्षेत्र के अस्पतालों की जांच की। क्षेत्रीय अधिकारी पीसीबी डॉ मनोज चौरसिया के निर्देशन में करीब एक दर्जन निजी व सरकारी अस्पतालों की चेकिंग की गई। इस दौरान कई अस्पतालों में जैव चिकित्सा प्रबंधन के इंतजाम अधूरे अथवा उपलब्ध नहीं मिले।
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इन अस्पतालों में हुई चेकिंग
जांच के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों ने जिला संयुक्त चिकित्सालय, भगवती हॉस्पिटल, शुभ हॉस्पिटल, एमडी हॉस्पिटल, मां वैष्णो हॉस्पिटल, लाइफ केयर हॉस्पिटल, श्याम हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, कीर्ति हॉस्पिटल, बालाजी हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल, मां माया देवी, राधाकृष्ण हॉस्पिटल और शिवा हॉस्पिटल।
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टीटीजेड में जल,वायु एवं ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम को तय मानकों की पूर्ति प्राथमिकता से कराई जाएगी। निजी और सरकारी अस्पतालों में जैव चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन में कुछ अस्पताल कोताही कर रहे हैं। शिकोहाबाद में कुछ अस्पतालों में खामी मिली हैं। रिपोर्ट संकलित की जा रही हैं। डीएम को रिपोर्ट देने के साथ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ मनोज कुमार चौरसिया क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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ई-कचरा प्रबंधन में भी झोल
जिले में इलेक्ट्रॉनिक कचरा प्रबंधन के मामले में भी झोल की आशंका है। जिला पर्यावरण समिति की बैठक में डीएम ने नाराजगी जताई है। डीएम ने इलेक्ट्रोनिक उत्पादों से निकलने वाले ई-कचरा की तहसीलवार रिपोर्ट मांगी है।
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टीटीजेड में शामिल फिरोजाबाद में जल,वायु एवं ध्वनि प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) का रुख सख्त है। टीटीजेड में प्रदूषण की रोकथाम और बचाव के लिए जिला पर्यावरण समिति द्वारा निर्धारित मानकों की पूर्ति के लिए कई विभागों को जिम्मा दिया गया है।
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मेडिकल वेस्ट अर्थात जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के मामले में निजी अस्पताल संचालकों की लापरवाही और शिकायतें मिलने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मंगलवार को शिकोहाबाद क्षेत्र के अस्पतालों की जांच की। क्षेत्रीय अधिकारी पीसीबी डॉ मनोज चौरसिया के निर्देशन में करीब एक दर्जन निजी व सरकारी अस्पतालों की चेकिंग की गई। इस दौरान कई अस्पतालों में जैव चिकित्सा प्रबंधन के इंतजाम अधूरे अथवा उपलब्ध नहीं मिले।
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इन अस्पतालों में हुई चेकिंग
जांच के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों ने जिला संयुक्त चिकित्सालय, भगवती हॉस्पिटल, शुभ हॉस्पिटल, एमडी हॉस्पिटल, मां वैष्णो हॉस्पिटल, लाइफ केयर हॉस्पिटल, श्याम हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, कीर्ति हॉस्पिटल, बालाजी हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल, मां माया देवी, राधाकृष्ण हॉस्पिटल और शिवा हॉस्पिटल।
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टीटीजेड में जल,वायु एवं ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम को तय मानकों की पूर्ति प्राथमिकता से कराई जाएगी। निजी और सरकारी अस्पतालों में जैव चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन में कुछ अस्पताल कोताही कर रहे हैं। शिकोहाबाद में कुछ अस्पतालों में खामी मिली हैं। रिपोर्ट संकलित की जा रही हैं। डीएम को रिपोर्ट देने के साथ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ मनोज कुमार चौरसिया क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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ई-कचरा प्रबंधन में भी झोल
जिले में इलेक्ट्रॉनिक कचरा प्रबंधन के मामले में भी झोल की आशंका है। जिला पर्यावरण समिति की बैठक में डीएम ने नाराजगी जताई है। डीएम ने इलेक्ट्रोनिक उत्पादों से निकलने वाले ई-कचरा की तहसीलवार रिपोर्ट मांगी है।