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नेजा और ताजिए न टकरा जाएं जर्जर तारों से
Amar Ujala
Updated Wed, 05 Oct 2016 12:28 AM IST
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नेजा और ताजिए न टकरा जाए जर्जर तारों से
- फोटो : Amar Ujala
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- मोहर्रम माह में शहर में अलग-अलग स्थानों से निकलेंगे जुलूस
- जर्जर और नीचे झूलते तार ठीक कराने की विभाग ने नहीं ली सुध
शहर से कस्बों तक जर्जर तारों से कभी भी हादसा हो सकता है। सोमवार रात को फरिहा में भी बड़ा हादसा होते-होते बच गया। नव दुर्गा पर गांवों से शहर तक लोग नेजा आदि लेकर आएंगे। ऐसे में नीचे लटक रहे तार हादसे का कारण बन सकते हैं। मोहर्रम माह भी शुरू हो गया है। अलम और ताजिए जिन रास्तों से निकलेंगे वहां बिजली की केबल काफी नीचे लटक रही हैं।
कस्बे से फरिहा सरकारी अस्पताल, मेन बाजार में जगह-जगह नीचे तार लटके हुए हैं, जो आए दिन वाहनों से टकराते हैं। इससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं। फरिहा से टूंडला मार्ग तथा कोटला मार्ग पर भी कई स्थानों पर जर्जर तार नजर आते हैं। नारखी से लेकर जलेसर रोड मार्ग पर भी कई ऐसे स्थान हैं, जहां काफी नीचे तार होने के कारण हादसे की संभावना बनी रहती है। नगला डूमर, नगला रुधऊ से गढ़ी एबरन मार्ग पर स्थिति बेहद खराब है। जाटऊ, ग्राम हसन, साहपर, ब्रह्मदेवी चौकी, पचवान, कांशीराम आवासों के निकट लाइन क्रास होने से अक्सर हादसे की संभावना रहती है।
उधर मोहर्रम माह के अंतर्गत नौ अक्टूबर को नई बस्ती, कोटला मोहल्ला, नालबंद चौराहा, 10 अक्टूबर को नई बस्ती व नालबंद, 12 अक्टूबर को शहर में नई बस्ती, कोटला मोहल्ला, नालबंद चौराहा तथा नई आबादी से विभिन्न मार्गों से होकर जुलूस निकाले जाएंगे।
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शहर के छोटा चौराहा, शाही इमामबाड़ा, कोटला मोहल्ला, नई बस्ती, शीतल खां, कश्मीरी गेट, कटरा मोहल्ला में कई ऐसे स्थान हैं, जहां काफी नीचे तक विद्युत केबल झूल रही हैं। विद्युत विभाग ने केबल नहीं बदली है।
क्या कहते हैं समाज के लोग
सिया यूथ कन्वेंशन के अजहर नकवी का कहना है कि कोटला मोहल्ले से करबला तक निकलने वाले जुलूस मार्ग में जगह-जगह केबल नीचे तक लटकी हुई हैं। मोहर्रम कमेटी के दक्षिणी क्षेत्र के अध्यक्ष इकबाल हुसैन वारसी का कहना है कि कोई हादसा होता है प्रशासन जिम्मेदार होगा। इंतजामियां कमेटी के पूर्व अध्यक्ष दिलशाद अली का कहना है कि मोहर्रम माह में नई आबादी से बड़ा जुलूस निकाला जाता है, परंतु जुलूस मार्ग पर सड़कों पर गड्ढे हो रहे हैं। बिजली के तार नीचे तक लटक रहे हैं। काजी शाहनियाज अली का कहना है कि शाही इमामबाड़ा में तमाम जायरीन एकत्रित होंगे। मोहर्रम के जुलूस से पहले नीचे लटक रहे तारों को ठीक कराना चाहिए।
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- जर्जर और नीचे झूलते तार ठीक कराने की विभाग ने नहीं ली सुध
शहर से कस्बों तक जर्जर तारों से कभी भी हादसा हो सकता है। सोमवार रात को फरिहा में भी बड़ा हादसा होते-होते बच गया। नव दुर्गा पर गांवों से शहर तक लोग नेजा आदि लेकर आएंगे। ऐसे में नीचे लटक रहे तार हादसे का कारण बन सकते हैं। मोहर्रम माह भी शुरू हो गया है। अलम और ताजिए जिन रास्तों से निकलेंगे वहां बिजली की केबल काफी नीचे लटक रही हैं।
कस्बे से फरिहा सरकारी अस्पताल, मेन बाजार में जगह-जगह नीचे तार लटके हुए हैं, जो आए दिन वाहनों से टकराते हैं। इससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं। फरिहा से टूंडला मार्ग तथा कोटला मार्ग पर भी कई स्थानों पर जर्जर तार नजर आते हैं। नारखी से लेकर जलेसर रोड मार्ग पर भी कई ऐसे स्थान हैं, जहां काफी नीचे तार होने के कारण हादसे की संभावना बनी रहती है। नगला डूमर, नगला रुधऊ से गढ़ी एबरन मार्ग पर स्थिति बेहद खराब है। जाटऊ, ग्राम हसन, साहपर, ब्रह्मदेवी चौकी, पचवान, कांशीराम आवासों के निकट लाइन क्रास होने से अक्सर हादसे की संभावना रहती है।
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उधर मोहर्रम माह के अंतर्गत नौ अक्टूबर को नई बस्ती, कोटला मोहल्ला, नालबंद चौराहा, 10 अक्टूबर को नई बस्ती व नालबंद, 12 अक्टूबर को शहर में नई बस्ती, कोटला मोहल्ला, नालबंद चौराहा तथा नई आबादी से विभिन्न मार्गों से होकर जुलूस निकाले जाएंगे।
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शहर के छोटा चौराहा, शाही इमामबाड़ा, कोटला मोहल्ला, नई बस्ती, शीतल खां, कश्मीरी गेट, कटरा मोहल्ला में कई ऐसे स्थान हैं, जहां काफी नीचे तक विद्युत केबल झूल रही हैं। विद्युत विभाग ने केबल नहीं बदली है।
क्या कहते हैं समाज के लोग
सिया यूथ कन्वेंशन के अजहर नकवी का कहना है कि कोटला मोहल्ले से करबला तक निकलने वाले जुलूस मार्ग में जगह-जगह केबल नीचे तक लटकी हुई हैं। मोहर्रम कमेटी के दक्षिणी क्षेत्र के अध्यक्ष इकबाल हुसैन वारसी का कहना है कि कोई हादसा होता है प्रशासन जिम्मेदार होगा। इंतजामियां कमेटी के पूर्व अध्यक्ष दिलशाद अली का कहना है कि मोहर्रम माह में नई आबादी से बड़ा जुलूस निकाला जाता है, परंतु जुलूस मार्ग पर सड़कों पर गड्ढे हो रहे हैं। बिजली के तार नीचे तक लटक रहे हैं। काजी शाहनियाज अली का कहना है कि शाही इमामबाड़ा में तमाम जायरीन एकत्रित होंगे। मोहर्रम के जुलूस से पहले नीचे लटक रहे तारों को ठीक कराना चाहिए।