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सरसों का तेल और रिफाइंड के दाम चरम पर
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फिरोजाबाद। इस बार सरसों का तेल व रिफाइंड के दाम चरम पर हैं। दिवाली पर सरसों के तेल की खपत भी तीन से चार गुना बढ़ जाती है। त्योहार पर खपत बढ़ने के साथ मिलावटी तेल भी बाजार में आ गया है।
इस बार सरसों तेल व रिफाइंड आयल पर रिकार्ड महंगाई है। कारोबारी भी मानते हैं कि सरसों तेल इससे पहले इतना महंगा कभी नहीं बिका। विभिन्न कंपनियों के ब्रांडेड पैक्ड सरसों तेल के दाम लगभग 200 सौ रुपये प्रति किग्रा तक पहुंच गए हैं।
इसके कारण तमाम लोग सरसों के तेल में पाम ऑयल, राइस ब्रान, सोया ऑयल मिला रहे हैं। पाम ऑयल बाजार में 70 रुपये प्रति लीटर मिलता है। इसी तरह सोया आयल बाजार में 60 से 65 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। इन तेलों की विशेषता यह है कि इनमें किसी भी तरह की खुशबू नहीं होती है। पहचान नहीं होने से मिलावटखोर इसका फायदा उठा रहे हैं।
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इस तरह करें पहचान
- तेल में मिलावट की पहचान करने के लिए तेल को अपने हाथ पर रखें। फिर इसे रगड़ें। अगर इस तेल से रंग छूटे तो इसका मतलब यह है कि इसमें मिलावट की गई है और अगर यह सिर्फ चिकनाहट छोड़ दे तो इससे इसके शुद्ध होने का पता चलता है।
- सरसों की सुगंध से भी इसकी शुद्धता की पहचान करना आसान है। इसकी वजह यह है कि सरसों की गंध बहुत तेज होती है। अगर यह गंध हल्की हो तो समझ लीजिए कि तेल में मिलावट है।
- सरसों के तेल को किसी बर्तन में करके फ्रिज में रख दें। फिर इसे कुछ समय बाद निकाल लें। अगर तेल जम जाए तो इससे इसके मिलावटी होने का पता चलता है। क्योंकि शुद्ध सरसों का तेल कभी जमता नहीं।
- सरसों के तेल काफी गहरे रंग का होता है। अगर इसका रंग हल्का पीला नजर आए तो इससे इसके मिलावटी होने का पता चलता है।
मिलावटी तेल का इस्तेमाल सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। त्योहार को देखते हुए छापेमारी अभियान चला रहे हैं।
ड़ॉ. सुधीर कुमार, जिला अभिहित अधिकारी
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इस बार सरसों तेल व रिफाइंड आयल पर रिकार्ड महंगाई है। कारोबारी भी मानते हैं कि सरसों तेल इससे पहले इतना महंगा कभी नहीं बिका। विभिन्न कंपनियों के ब्रांडेड पैक्ड सरसों तेल के दाम लगभग 200 सौ रुपये प्रति किग्रा तक पहुंच गए हैं।
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इसके कारण तमाम लोग सरसों के तेल में पाम ऑयल, राइस ब्रान, सोया ऑयल मिला रहे हैं। पाम ऑयल बाजार में 70 रुपये प्रति लीटर मिलता है। इसी तरह सोया आयल बाजार में 60 से 65 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। इन तेलों की विशेषता यह है कि इनमें किसी भी तरह की खुशबू नहीं होती है। पहचान नहीं होने से मिलावटखोर इसका फायदा उठा रहे हैं।
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इस तरह करें पहचान
- तेल में मिलावट की पहचान करने के लिए तेल को अपने हाथ पर रखें। फिर इसे रगड़ें। अगर इस तेल से रंग छूटे तो इसका मतलब यह है कि इसमें मिलावट की गई है और अगर यह सिर्फ चिकनाहट छोड़ दे तो इससे इसके शुद्ध होने का पता चलता है।
- सरसों की सुगंध से भी इसकी शुद्धता की पहचान करना आसान है। इसकी वजह यह है कि सरसों की गंध बहुत तेज होती है। अगर यह गंध हल्की हो तो समझ लीजिए कि तेल में मिलावट है।
- सरसों के तेल को किसी बर्तन में करके फ्रिज में रख दें। फिर इसे कुछ समय बाद निकाल लें। अगर तेल जम जाए तो इससे इसके मिलावटी होने का पता चलता है। क्योंकि शुद्ध सरसों का तेल कभी जमता नहीं।
- सरसों के तेल काफी गहरे रंग का होता है। अगर इसका रंग हल्का पीला नजर आए तो इससे इसके मिलावटी होने का पता चलता है।
मिलावटी तेल का इस्तेमाल सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। त्योहार को देखते हुए छापेमारी अभियान चला रहे हैं।
ड़ॉ. सुधीर कुमार, जिला अभिहित अधिकारी