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हत्यारोपी बैंक प्रबंधक पुत्र समेत मैनपुरी चौराहे से गिरफ्तार
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शिकोहाबाद- हत्यारोपी पिता-पुत्र से पूछताछ करते हुए सीओ बल्देव सिंह।
- फोटो : FIROZABAD
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शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। रमेश नगर (बैंक कॉलोनी) में पांच दिसंबर की रात को हुई महिला विनीता (45) की हत्या के आरोपी बैंक प्रबंधक और मृतका के सौतेले बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी पिता-पुत्र को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया।
घटना का खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी बल्देव सिंह ने बताया कि रमेश नगर स्थित बैंक कॉलोनी निवासी विनीता (45) पत्नी आशाराम की पांच दिसंबर की रात गोली मार कर हत्या कर दी थी। मृतका के बेटे अंकित ने पिता और सौतेले भाई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। एसएसपी अजय कुमार और एसपी ग्रामीण राजेश कुमार के नेतृत्व में घटना के शीघ्र खुलासे के लिए सीओ बल्देव सिंह और प्रभारी निरीक्षक सुनील तोमर को निर्देश दिए। शुक्रवार रात प्रभारी निरीक्षक उप निरीक्षक नरेंद्र नागर, कांस्टेबल मुकेश कुमार, हरवेंद्र और सत्यपाल तथा सत्यम के साथ मैनपुरी चौराहे पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर ने सूचना दी कि हत्यारोपी बैंक प्रबंधक अपने पुत्र सुमित के साथ कहीं जाने की फिराक में चौराहे के समीप मैनपुरी रोड पर खड़ा है। इस पर एसएचओ ने टीम के साथ घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम आशाराम पुत्र मोहरमन सिंह और सुमित पुत्र आशाराम बताया। पुलिस ने आरोपी सुमित के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया। सीओ ने बताया दोनों आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
घटना को अंजाम देने के बाद आठ दिन तक करते रहे सफर
शिकोहाबाद। अपनी सौतेली मां की हत्या के बाद आरोपी पकड़े जाने के डर से आठ दिन तक रोडवेज बस में सफर करते रहे। दोनों पिता-पुत्र शिकोहाबाद से रोडवेज बस द्वारा पहले मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कानपुर और लखनऊ पहुंचे। इसके बाद लखनऊ से बस द्वारा दिल्ली पहुंचे। यहां भी दो दिन रुके और फिर आगरा आ गए। आगरा में एक अधिवक्ता से सांठगांठ की और न्यायालय में सरेंडर का प्रयास किया। बैंक प्रबंधक आशाराम अपने बेटा सुमित के साथ 18 दिसंबर को शिकोहाबाद आए और रात साढ़े नौ बजे कहीं जाने की फिराक में मैनपुरी चौराहे पर वाहन का इंतजार कर रहे थे। सीओ ने बताया कि पारिवारिक कलह के चलते सुमित और अंकित के बीच विवाद हुआ था जिसमें सुमित ने अंकित को मारने के लिए तमंचे से फायर किया, लेकिन गोली उसकी मां के लग गई। घटना के बाद पकड़े जाने के डर दोनों फरार हो गये।
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घटना का खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी बल्देव सिंह ने बताया कि रमेश नगर स्थित बैंक कॉलोनी निवासी विनीता (45) पत्नी आशाराम की पांच दिसंबर की रात गोली मार कर हत्या कर दी थी। मृतका के बेटे अंकित ने पिता और सौतेले भाई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। एसएसपी अजय कुमार और एसपी ग्रामीण राजेश कुमार के नेतृत्व में घटना के शीघ्र खुलासे के लिए सीओ बल्देव सिंह और प्रभारी निरीक्षक सुनील तोमर को निर्देश दिए। शुक्रवार रात प्रभारी निरीक्षक उप निरीक्षक नरेंद्र नागर, कांस्टेबल मुकेश कुमार, हरवेंद्र और सत्यपाल तथा सत्यम के साथ मैनपुरी चौराहे पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर ने सूचना दी कि हत्यारोपी बैंक प्रबंधक अपने पुत्र सुमित के साथ कहीं जाने की फिराक में चौराहे के समीप मैनपुरी रोड पर खड़ा है। इस पर एसएचओ ने टीम के साथ घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम आशाराम पुत्र मोहरमन सिंह और सुमित पुत्र आशाराम बताया। पुलिस ने आरोपी सुमित के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया। सीओ ने बताया दोनों आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
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घटना को अंजाम देने के बाद आठ दिन तक करते रहे सफर
शिकोहाबाद। अपनी सौतेली मां की हत्या के बाद आरोपी पकड़े जाने के डर से आठ दिन तक रोडवेज बस में सफर करते रहे। दोनों पिता-पुत्र शिकोहाबाद से रोडवेज बस द्वारा पहले मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कानपुर और लखनऊ पहुंचे। इसके बाद लखनऊ से बस द्वारा दिल्ली पहुंचे। यहां भी दो दिन रुके और फिर आगरा आ गए। आगरा में एक अधिवक्ता से सांठगांठ की और न्यायालय में सरेंडर का प्रयास किया। बैंक प्रबंधक आशाराम अपने बेटा सुमित के साथ 18 दिसंबर को शिकोहाबाद आए और रात साढ़े नौ बजे कहीं जाने की फिराक में मैनपुरी चौराहे पर वाहन का इंतजार कर रहे थे। सीओ ने बताया कि पारिवारिक कलह के चलते सुमित और अंकित के बीच विवाद हुआ था जिसमें सुमित ने अंकित को मारने के लिए तमंचे से फायर किया, लेकिन गोली उसकी मां के लग गई। घटना के बाद पकड़े जाने के डर दोनों फरार हो गये।
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