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चौहरा हत्याकांड: 11 साल बाद भी नहीं हो सकी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी
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फिरोजाबाद ! न्याय की उम्मीद में 11 वर्ष बाद भी प्रतीक्षा में पीड़ित महिला
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। थाना उत्तर क्षेत्र के देवकीनगर (झील की पुलिया) के निकट विगत 11 वर्ष पूर्व हुए चौहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुकेश बघेल एवं उसकी पत्नी प्रीती निवासी नरौरा, थाना अवागढ़ एटा को पुलिस 11 वर्ष बाद भी नहीं खोज सकी। पुलिस ने आरोपी एवं उसकी पत्नी पर इनाम घोषित कराने के साथ संपत्ति कुर्की की लेकिन गिरफ्तारी नहीं होने के कारण पीड़िता मधु अपनी बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पीड़िता मधु ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की मांग की है।
थाना उत्तर क्षेत्र के मोहल्ला देवकी नगर निवासी बाबूराम सविता अपनी पत्नी मधु एवं चार बच्चों के साथ रहता था। विगत 12 अगस्त 2010 को किराएदार मुकेश बघेल ने अपने साथियों के साथ मिलकर बाबूराम व उसके चार बच्चों एवं पत्नी को धारदार हथियारों से काट दिया था। हमले में पति बाबूलाल, बेटा छोटू, बेटी शैली, प्राची की मौत हो गई थी। पत्नी मधु एवं बेटा आगम उपचार के दौरान बच गए थे। हत्याकांड में शामिल रामरतन एवं मुकेश के पिता गंगा सिंह को अपर जिला जज एफटीसी कोर्ट द्वितीय यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
हालांकि पुलिस 11 साल बाद भी मुख्य आरोपी मुकेश बघेल एवं उसकी पत्नी प्रीती को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो मुकेश बघेल, प्रीती की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने संपत्ति कुर्की के साथ गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया। हालांकि दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पीड़िता मधु सविता ने मुख्यमंत्री, डीजीपी एवं तत्कालीन एसएसपी को पत्र भेजा। पीड़िता ने शिकायत में कहा कि मामले में वह एवं उसका बेटा गवाह हैं। ऐसे में उन्हें हमेशा जान को खतरा बना रहता है। पीड़िता ने दोनों की गिरफ्तारी की मांग की है।
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छह लाख में बेच दिया 12 लाख का मकान
बाबूराम सहित तीन बच्चों की हत्या करने वाले मुकेश बघेल के परिजनों के भय के कारण एक बेटे के साथ जीवित मधु ने बताया कि पुलिस ने मुकेश की गिरफ्तारी नहीं की। वहीं आरोपी पक्ष ने रामरतन व गंगा सिंह के अतिरिक्त अन्य आरोपियों को नाबालिग दिखाकर मामला किशोर न्यायालय में स्थानांतरित करा लिया। विपक्षियों के भय के कारण उन्होंने अपना 12 लाख रुपये का मकान छह लाख में बेच दिया। अब वह अपने बेटे के साथ अपनी ससुराल बिक्री करके ससुराल जाने को मजबूर हो गई।
पति को बेवजह फंसाया गया: गुड्डी
चौहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद रामरतन की पत्नी गुड्डी देवी ने कहा कि मेरे पति (रामरतन) ने मुकेश बघेल को किराये पर कमरा नहीं दिलाया था अपितु वह दुकान के पास खड़ा था। उसी समय बाबूराम सविता से कमरे को लेकर बात होनी लगी। इस घटना के बाद मेरे पति को बिना वजह फंसा दिया गया।
मामला दस वर्ष पुराना है। यदि पीड़िता मेरे पास गिरफ्तारी के संबंध में कोई शिकायतीपत्र लाती है तो पूरे मामले की जांच करा आरोपियों की गिरफ्तारी कराई जाएगी। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
अशोक कुमार शुक्ला, एसएसपी, फिरोजाबाद
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थाना उत्तर क्षेत्र के मोहल्ला देवकी नगर निवासी बाबूराम सविता अपनी पत्नी मधु एवं चार बच्चों के साथ रहता था। विगत 12 अगस्त 2010 को किराएदार मुकेश बघेल ने अपने साथियों के साथ मिलकर बाबूराम व उसके चार बच्चों एवं पत्नी को धारदार हथियारों से काट दिया था। हमले में पति बाबूलाल, बेटा छोटू, बेटी शैली, प्राची की मौत हो गई थी। पत्नी मधु एवं बेटा आगम उपचार के दौरान बच गए थे। हत्याकांड में शामिल रामरतन एवं मुकेश के पिता गंगा सिंह को अपर जिला जज एफटीसी कोर्ट द्वितीय यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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हालांकि पुलिस 11 साल बाद भी मुख्य आरोपी मुकेश बघेल एवं उसकी पत्नी प्रीती को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो मुकेश बघेल, प्रीती की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने संपत्ति कुर्की के साथ गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया। हालांकि दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पीड़िता मधु सविता ने मुख्यमंत्री, डीजीपी एवं तत्कालीन एसएसपी को पत्र भेजा। पीड़िता ने शिकायत में कहा कि मामले में वह एवं उसका बेटा गवाह हैं। ऐसे में उन्हें हमेशा जान को खतरा बना रहता है। पीड़िता ने दोनों की गिरफ्तारी की मांग की है।
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छह लाख में बेच दिया 12 लाख का मकान
बाबूराम सहित तीन बच्चों की हत्या करने वाले मुकेश बघेल के परिजनों के भय के कारण एक बेटे के साथ जीवित मधु ने बताया कि पुलिस ने मुकेश की गिरफ्तारी नहीं की। वहीं आरोपी पक्ष ने रामरतन व गंगा सिंह के अतिरिक्त अन्य आरोपियों को नाबालिग दिखाकर मामला किशोर न्यायालय में स्थानांतरित करा लिया। विपक्षियों के भय के कारण उन्होंने अपना 12 लाख रुपये का मकान छह लाख में बेच दिया। अब वह अपने बेटे के साथ अपनी ससुराल बिक्री करके ससुराल जाने को मजबूर हो गई।
पति को बेवजह फंसाया गया: गुड्डी
चौहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद रामरतन की पत्नी गुड्डी देवी ने कहा कि मेरे पति (रामरतन) ने मुकेश बघेल को किराये पर कमरा नहीं दिलाया था अपितु वह दुकान के पास खड़ा था। उसी समय बाबूराम सविता से कमरे को लेकर बात होनी लगी। इस घटना के बाद मेरे पति को बिना वजह फंसा दिया गया।
मामला दस वर्ष पुराना है। यदि पीड़िता मेरे पास गिरफ्तारी के संबंध में कोई शिकायतीपत्र लाती है तो पूरे मामले की जांच करा आरोपियों की गिरफ्तारी कराई जाएगी। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
अशोक कुमार शुक्ला, एसएसपी, फिरोजाबाद