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बच्चों का हाल जानने कटोरी गांव पहुचे सीएमओ
Amar Ujala
Updated Fri, 19 Aug 2016 12:31 AM IST
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Most kids know the village reached bowl CMO
- फोटो : Amar Ujala
जसराना के गांव कटोरी में फैली वायरल मप्स नामक बीमारी का स्वास्थ्य विभाग के पास कोई इलाज नहीं है। दिल्ली में उपचार के दौरान एक बालिका की मौत ने विभाग को भी हिला दिया है। दिल्ली के डाक्टरों ने भी बीमारी को स्पष्ट नहीं किया है। गुरुवार को सीएमओ डा. पुष्कर आनंद बीमारी से प्रभावित गांव कटोरी पहुंचे और बीमार बच्चों को देखा और बीमारी से मरे बच्चों के उपचार से संबंधित दस्तावेज लिए। उन्होंने कहा कि गांव में फैले रोग के कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहे हैं। दिल्ली में मृत बच्ची के उपचार के दस्तावेजों में भी डाक्टरों ने बीमारी को स्पष्ट रुप से नहीं लिखा है। जांच की जा रही है।
जसराना के गांव कटोरी एवं एवं नगला मंदा में रक्षाबंधन का त्यौहार पारंपरिक तरीके से नहीं मनाया गया। न तो कोई बहन गांव में आई और न ही कोई बहु अपने मायके जा पाई। किसी और बच्चे को वायरल मप्स रोग न हो जाए इसलिए न तो भाई गए और न बहनें आईं। वहीं बीमारी के चलते तीन मासूमों की मौत के गम में पूरा गांव त्यौहार भूल गया है। अभी भी दो दर्जन से अधिक बच्चों का उपचार दिल्ली, आगरा में चल रहा है। मृत बच्चों के परिजनों के घर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी हुई है। गांव में त्यौहार की केवल रस्म अदा की गई। सीएमओ ने कहा कि वहीं ग्रामीणों ने कहा कि अगर स्वास्थ्य विभाग संजीदा होता तो गांव में बीमारी से मौतें नहीं होतीं।
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जसराना के गांव कटोरी एवं एवं नगला मंदा में रक्षाबंधन का त्यौहार पारंपरिक तरीके से नहीं मनाया गया। न तो कोई बहन गांव में आई और न ही कोई बहु अपने मायके जा पाई। किसी और बच्चे को वायरल मप्स रोग न हो जाए इसलिए न तो भाई गए और न बहनें आईं। वहीं बीमारी के चलते तीन मासूमों की मौत के गम में पूरा गांव त्यौहार भूल गया है। अभी भी दो दर्जन से अधिक बच्चों का उपचार दिल्ली, आगरा में चल रहा है। मृत बच्चों के परिजनों के घर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी हुई है। गांव में त्यौहार की केवल रस्म अदा की गई। सीएमओ ने कहा कि वहीं ग्रामीणों ने कहा कि अगर स्वास्थ्य विभाग संजीदा होता तो गांव में बीमारी से मौतें नहीं होतीं।
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