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करोड़ों का राजस्व फिर भी इंडस्ट्रियल एरिया बदहाल

Sun, 16 Aug 2015 10:29 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Sun, 16 Aug 2015 10:29 PM IST
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millions Revenue after then Still Industrial Area impoverished
 टूटी और ऊबड़-खाबड़ सड़कें, गंदगी का अंबार, नालों से तीव्र दुर्गंध। यह नजारा है सुहागनगरी के इंडस्ट्रियल एरिया का। शहर के किनारे नगला भाऊ स्थित इंडस्ट्रियल एरिया दुर्दशा का शिकार है। सरकार को हर माह करोड़ों का राजस्व देने वाले कांच के इस औद्योगिक क्षेत्र के हालात बदले नहीं बल्कि बद से बदतर होते जा रहे हैं। विकास के प्रयास और बड़े-बड़े वादे फिर भी काया नहीं बदली। उद्यमियों की कोशिशों पर बजट मिला लेकिन विकास के नाम पर सिर्फ खानापूरी की गई। सौंदर्यीकरण तो दूर यह क्षेत्र रात को रोशनी के लिए भी मोहताज है।
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सुहागनगरी यानी कांच की कारीगरी का शहर। नाम के साथ मन में कांच की तरह एक बड़े औद्योगिक क्षेत्र की सुंदर तस्वीर उभरती है। इंडस्ट्रियल क्षेत्र नगला भाऊ पर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया की स्थापना 1974-75 के करीब हुई थी। यहां करीब चार दर्जन से अधिक ग्लास एवं चूड़ी की इकाइयां स्थापित हैं। इनमें हजारों की संख्या में श्रमिक दिन रात काम करते हैं। लाखों का कांच के आइटम देश एवं विदेशों में बिक्री को जाते हैं। इंडस्ट्रियल एरिया में प्रवेश करते ही कांच उद्योग का हाल कैसा है इसे मुख्य सड़क बयां करती हैं। गहरे गड्ढे, गंदगी युक्त जलभराव के चलते कोई पैदल निकल भी नहीं सकता। पीने का पानी का कोई इंतजाम नहीं। कोई बाहर से आए तो बैठने तक का स्थान नहीं। कहने को सोलर लाइटें लगीं लेकिन वह जलती नहीं। ट्रांसफार्मरों के करीब गंदगी का अंबार है। शासन एवं प्रशासन को यहां की बदहाली की खबर लेने की फुरसत नहीं होती। उद्यमियों को इसके कायाकल्प का इंतजार है। उद्यमियों की मानें तो इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित आधा सैकड़ा इकाइयों से ही केंद्र व प्रदेश सरकार को हर माह करीब 20 करोड़ का राजस्व मिलता है। आजतक इंडस्ट्रियल एरिया के हालात नहीं बदले। इससे कांच उद्योग की साख को बट्टा लग रहा है।
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फीडर इंडस्ट्रियल एरिया का, दूसरी जगह सप्लाई
नगला भाऊ इंडस्ट्रियल एरिया में कांच उद्योगों को निर्बाध आपूर्ति देने को अलग से इंडस्ट्रियल फीडर की स्थापना कराई गई थी लेकिन विभाग की मनमानी के कारण उद्योगों की बजाए उस फीडर से अन्य क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति की जा रही है।
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उद्योग बंधु की बैठक में कई बार उठा मुद्दा
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हर माह होने वाले उद्योग बंधु की बैठक में इंडस्ट्रियल एरिया की बदहाली का मुद्दा उद्यमियों ने कई बार प्रमुखता से उठाया। डीएम ने व्यवस्थाएं सुधारने को कई बार निर्देश भी दिए, लेकिन उन आदेश का असर आजतक देखने को नहीं मिला।

सुरक्षा का नहीं इंतजाम
नगला भाऊ स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में सुरक्षा तक का कोई इंतजाम नहीं नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हर समय उद्यमी भयभीत रहते हैं। अपराधी प्रवृत्ति के लोग कब धमका जाएं कहा नहीं जा सकता। थाना स्थापित करने की मांग उठी लेकिन वह दबकर रह गई।


इंडस्ट्रियल एरिया में सबसे बड़ी समस्या क्षतिग्रस्त सड़कों की है। यहां सुरक्षा से लेकर सफाई तक कोई इंतजाम नहीं है। उद्योग बंधु की बैठक में कई बार मुद्दा उठाया है, लेकिन आजतक कोई कार्य नहीं कराया गया। इससे कांच उद्योग की छवि पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है।
राजकुमार मित्तल, उद्यमी

नगला भाऊ इंडस्ट्रियल एरिया की स्थापना हुए वर्षों गुजर गए, लेकिन वहां व्याप्त समस्याओं के निदान पर शासन-प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा हर माह करोड़ों रुपये का राजस्व वसूला जाता है, लेकिन किसी स्तर पर हमारी सुनवाई नहीं होती।

पीके झिंदल, उद्यमी

नगला भाऊ स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में सड़क निर्माण को गत वर्ष दो करोड़, छह लाख का प्रस्ताव भेजा था, शासन से स्वीकृति न मिलने के कारण वह प्रस्ताव पुन: भेजा जा रहा है। शासन से स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
सुधीर कुमार श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग
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