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लाखों एमएलडी बारिश का पानी नाले नालियों से बहकर हो रहा बर्बाद

Thu, 22 Jul 2021 11:22 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 11:22 PM IST
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Millions of MLD rain water is being wasted by flowing through drains
रफ़रोजाबाद ! विकास भवन में बना रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। जिले में तेजी से गिरता भूगर्भजल का स्तर चिंता का कारण है। पानी दोहन की क्षमता दिन प्रतिदिन बढ़ रही है लेकिन भूगर्भ जल को संरक्षित करने की दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। यही कारण है कि लाखों एमएलडी बारिश का पानी नाले एवं नालियों से बहकर यमुना सहित अन्य नदियों में पहुंच रहा है। यदि इस पानी के सहेजने का संकल्प लें तो भूगर्भ जलस्तर अपने आप ऊपर हो जाएगा।
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पांच फरवरी 1989 को फिरोजाबाद जिला अस्तित्व में आया। उस समय नारखी ब्लॉक के कुछ गांव में खारे पानी की शिकायत थी लेकिन जिले के शेष हिस्से में पानी का स्तर ठीक था। समय बदला और अत्यधिक जल दोहन का परिणाम रहा कि 2008 में भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट आई तो फिरोजाबाद जिले में नारखी एवं हाथवंत ब्लॉक डार्क जोन श्रेणी में थे। इसके बाद फिरोजाबाद ब्लॉक सेमी क्रिटिकल श्रेणी में आया और आखिर बाद में जिले में डार्क ब्लाकों की संख्या तीन हो गई।
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यमुना की तलहटी क्षेत्र में आने वाले दो ब्लॉक टूंडला, शिकोहाबाद भी भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट में डार्क जोनश्रेणी में आ गए। यमुना में पानी कम होने के साथ ही यहां जलस्तर घटता चला गया। इधर, अरांव ब्लॉक डार्कश्रेणी में आ गया। वर्तमान में यदि देखा जाए तो जिले में एका, जसराना एवं मदनपुर ब्लाक ही सुरक्षित श्रेणी में हैं। बारिश की शुरूआत हो चुकी है लेकिन बारिश के पानी सहेजने की कोई कवायद नहीं की जा रही है। कई लाख एमएलडी पानी नाले एवं नालियों के सहारे से सीधे नदियों में बर्बाद होकर बह रहा है। यदि जिले में रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएं तो बारिश के पानी के सहेजा जा सकेगा और पानी की किल्लत नहीं होगी।
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एका ब्लॉक डार्क से सुरक्षित श्रेणी में पहुंचा
फिरोजाबाद। भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट में पहले जिले का एका ब्लाक डार्क श्रेणी में आया था। सपा सरकार में रिपोर्ट आने के बाद जसराना के पूर्व विधायक रामवीर यादव ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे। उनका तर्क था कि एका ब्लॉक में अधिकांश नहरें, धान का क्षेत्रफल होने के बाद डार्क श्रेणी में कैसे आया? बाद में यह ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में आ गया।
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