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मंगलामुखियों की मनमानी पर रोक लगाने को नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
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शिकोहाबाद। मंगलामुखी समुदाय की मनमानी के चलते एक व्यक्ति ने सभासद सुशील जैन के साथ एसडीएम को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। इसके माध्यम से मंगलामुखियों की फीस निर्धारित करने तथा बख्शीश देने वालो को उनके द्वारा धनराशि प्राप्त की रसीद देने की मांग की है।
मंगलामुखी शादी समारोह अथवा घर में नये मेहमान के आगमन के बाद बधाई देने आते हैं। यह लोग बधाई गाते हैं और फिर नेग के रूप में मुंहमागी रकम मांगते हैं। यह नहीं देखते हैं कि सामने वाला उनकी मांग पूरी करने में सक्षम है अथवा नहीं। अगर कोई इनकी मांग पूरी नहीं करता है तो वह नंगनाच करने से भी बाज नहीं आते। ऐसे में परिवार की महिलाएं, बेटियों को शर्मशार होना पड़ता है। इस संबंध में स्वामी नगर निवासी शिक्षक पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने उप जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अवनीश कुमार को सौंपा।
जिसमें कहा है कि उनके भाई की पत्नी ने 11 अगस्त को बेटे को अस्पताल में जन्म दिया। 24 अगस्त को मंगलामुखी उनके घर पहुंचे और बधाई गाना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद ही उन्होंने 31 हजार रुपये की मांग की। उनकी मां ने इतने रुपये देने में असमर्थता जताई और 21 सौ रुपये देने के लिए कहा।
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लेकिन मंगलामुखी इस पर विफर गए और हंगामा करने लगे। बाद में उनकी मां ने मंगलामुखियों का नंगनाच रोकने के लिए पड़ोसन से उधार लेकर 11 हजार रुपये दिए। शिक्षक का कहना है कि उनका भाई लॉक डाउन के समय से घर पर बेरोजगार है। एसी स्थित में इनका इस तरह से जबरन वसूली करना न्याय संगत नहीं है। उन्होंने उप जिलाधिकारी से लोगों को मंगलामुखियों की मनमानी से बचाने की अपील की है।
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मंगलामुखी शादी समारोह अथवा घर में नये मेहमान के आगमन के बाद बधाई देने आते हैं। यह लोग बधाई गाते हैं और फिर नेग के रूप में मुंहमागी रकम मांगते हैं। यह नहीं देखते हैं कि सामने वाला उनकी मांग पूरी करने में सक्षम है अथवा नहीं। अगर कोई इनकी मांग पूरी नहीं करता है तो वह नंगनाच करने से भी बाज नहीं आते। ऐसे में परिवार की महिलाएं, बेटियों को शर्मशार होना पड़ता है। इस संबंध में स्वामी नगर निवासी शिक्षक पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने उप जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अवनीश कुमार को सौंपा।
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जिसमें कहा है कि उनके भाई की पत्नी ने 11 अगस्त को बेटे को अस्पताल में जन्म दिया। 24 अगस्त को मंगलामुखी उनके घर पहुंचे और बधाई गाना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद ही उन्होंने 31 हजार रुपये की मांग की। उनकी मां ने इतने रुपये देने में असमर्थता जताई और 21 सौ रुपये देने के लिए कहा।
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लेकिन मंगलामुखी इस पर विफर गए और हंगामा करने लगे। बाद में उनकी मां ने मंगलामुखियों का नंगनाच रोकने के लिए पड़ोसन से उधार लेकर 11 हजार रुपये दिए। शिक्षक का कहना है कि उनका भाई लॉक डाउन के समय से घर पर बेरोजगार है। एसी स्थित में इनका इस तरह से जबरन वसूली करना न्याय संगत नहीं है। उन्होंने उप जिलाधिकारी से लोगों को मंगलामुखियों की मनमानी से बचाने की अपील की है।