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मनुष्य अपने अंदर छिपी आत्मशक्ति को पहचाने
Amar Ujala
Updated Wed, 21 Sep 2016 01:20 AM IST
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man identify his atmsakti hidden inside
- फोटो : Amar Ujala
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पीडी जैन कालेज में लगे तनाव शिविर में बहन पूनम ने दी जानकारी
तनाव से मुक्ति पाने के लिए सैकड़ों लोग तनाव शिविर में भाग ले रहे है। शिविर में पूनम बहन ने सकारात्मक ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने आत्मशक्ति की पहचान कर ही मानसिक चिंताएं एवं समस्याओं का समाधान बताया।
मंगलवार को पूनम बहन ने कहा कि आज हम सागर की गहराई तक जाना चाहते है, आकाश की ऊंचाई को छूना चाहते है, चंद्रमा पर भी पहुंच गए है। लेकिन स्वयं के बारे में नहीं जान पाए कि मैं कौन हूं ? उन्होंने कहा कि जिस दिन हम स्वयं को पहचान लेंगे तो हमारे भीतर छिपी हुई शक्तियां जागृत हो जाएगी और हर बात खेल लगेगी। मनुष्य के भीतर ही असीम शक्तियों का भंडार छुपा हुआ है। इतिहास गवाह है कि जिन-जिन ने भी अपनी इस आत्मशक्ति को पहचाना और कार्य में लगाया वह महान बन गए। एडवांस कोर्स के प्रथम दिन उन्होंने मेडीटेशन के द्वारा यह अनुभव कराया कि वास्तव में मैं शरीर नहीं हूं। मैं सिर्फ एक अजर, अमर, अविनाशी आत्मा हूं। साधकों को घर पर करने के लिए होमवर्क के रूप में अभ्यास दिया कि आज वह मीठे बोले ही बोले व उसका चमत्कार देखें।
आज मनेगा परिवर्तन महोत्सव
केंद्र संचालिका सरिता दीदी ने बताया कि आज परिवर्तन महोत्सव मनाया जाएगा। जिसके द्वारा यह बताया जायेगा कि वर्षों पुराने स्वभाव, संस्कार, भावनाएं, जो व्यक्ति के मार्ग में बाधा बनकर खड़े है। उनका प्रैक्टिकल परिवर्तन कैसे करें।
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तनाव से मुक्ति पाने के लिए सैकड़ों लोग तनाव शिविर में भाग ले रहे है। शिविर में पूनम बहन ने सकारात्मक ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने आत्मशक्ति की पहचान कर ही मानसिक चिंताएं एवं समस्याओं का समाधान बताया।
मंगलवार को पूनम बहन ने कहा कि आज हम सागर की गहराई तक जाना चाहते है, आकाश की ऊंचाई को छूना चाहते है, चंद्रमा पर भी पहुंच गए है। लेकिन स्वयं के बारे में नहीं जान पाए कि मैं कौन हूं ? उन्होंने कहा कि जिस दिन हम स्वयं को पहचान लेंगे तो हमारे भीतर छिपी हुई शक्तियां जागृत हो जाएगी और हर बात खेल लगेगी। मनुष्य के भीतर ही असीम शक्तियों का भंडार छुपा हुआ है। इतिहास गवाह है कि जिन-जिन ने भी अपनी इस आत्मशक्ति को पहचाना और कार्य में लगाया वह महान बन गए। एडवांस कोर्स के प्रथम दिन उन्होंने मेडीटेशन के द्वारा यह अनुभव कराया कि वास्तव में मैं शरीर नहीं हूं। मैं सिर्फ एक अजर, अमर, अविनाशी आत्मा हूं। साधकों को घर पर करने के लिए होमवर्क के रूप में अभ्यास दिया कि आज वह मीठे बोले ही बोले व उसका चमत्कार देखें।
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आज मनेगा परिवर्तन महोत्सव
केंद्र संचालिका सरिता दीदी ने बताया कि आज परिवर्तन महोत्सव मनाया जाएगा। जिसके द्वारा यह बताया जायेगा कि वर्षों पुराने स्वभाव, संस्कार, भावनाएं, जो व्यक्ति के मार्ग में बाधा बनकर खड़े है। उनका प्रैक्टिकल परिवर्तन कैसे करें।
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