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Firozabad News: लुबना को नवाचार से मिली पहचान, अब मिलेगा सम्मान

Fri, 01 Sep 2023 01:02 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Fri, 01 Sep 2023 01:02 AM IST
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Lubna got recognition from innovation, will now get respect
फिरोजाबाद। अपने खास नवाचार से जानी जाने वालीं सदर ब्लाॅक के अंग्रेजी माध्यम कंपोजित विद्यालय सिविल लाइन की शिक्षिका लुबना वसीम को पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर राज्य पुरस्कार से दिया जाएगा। लुबना को यह पुरस्कार स्कूल के कायाकल्प में विशेष योगदान देने के लिए मिला है। बीएसए सहित अधिकारियों और शिक्षकों ने उन्हें बधाई दी है।बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा नए शिक्षक सत्र अप्रैल में ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। अंग्रेजी माध्यम कंपोजिट विद्यालय सिविल लाइन की सहायक अध्यापिका लुबना वसीम, प्राथमिक स्कूल मटसेना की रश्मि गुप्ता, छितरई की नेहा तुलस्यान, दबियाई की अर्चना वर्मा, नगला चित्तर के अरविंद कुशवाहा, दिनौली गोरवा के अखिलेश कुमार, अकबरपुर की सीमा रानी, आनंदपुर के प्रेमपाल, कंपोजिट स्कूल मथुरा नगर की रक्षा कुलश्रेष्ठ, संविलिनयन स्कूल जरौली कला की मनीषा रानी ने बच्चों को पढ़ाने के तरीके और अपनी उपलब्धियों का विवरण के साथ आवेदन किया था।
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बीएसए ने जांच करने के बाद शासन को सूची भेज दी थी। इसके बाद डीएम द्वारा गठित कमेटी ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र पर सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का साक्षात्कार लिया था। कमेटी ने लुबना वसीम, अर्चना वर्मा और मनीषा रानी के नाम शासन को भेज थे। इसमें लुबना वसीम का चयन होने पर बीएसए आशीष कुमार पांडेय, नगर शिक्षाधिकारी उपेंद्र सिंह और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उन्हें बधाई दी है।
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इस प्रकार कराती हैं पढ़ाई
-सहायक अध्यापिका लुबना ने बताया कि वह बच्चों को सूचना एवं तकनीकी मोबाइल, प्रोजेक्टर आदि के माध्यम से पढ़ाती हैं। इसके साथ ही चार्ट विधि द्वारा सरल अंग्रेजी एवं संस्कृत अधिगम शिक्षण का सहयोग भी लेती हैं। क्योंकि बच्चे देखकर और गतिविधि से जल्दी सीखते हैं।
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पुरस्कार से बच्चों के प्रति और बढ़ी जिम्मेदारी



लुबना वसीम ने बताया कि यह पुरस्कार पाकर उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। इससे उनकी बच्चों के प्रति जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि परिषदीय और जूनियर स्कूलों में सरकार काफी पैसा खर्च कर रही है, हम लोगों का भी दायित्व हैं, कि अपनी जिम्मेदारी को सही ढंग से निभाएं। हम सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों से मुकाबला कर सकते हैं।
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