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Firozabad News: पंचकल्याणक महोत्सव में गूंजे भगवान महावीर के उपदेश
Tue, 30 May 2023 12:03 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 30 May 2023 12:03 AM IST
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पंचकल्याणक महोत्सव में गूंजे भगवान महावीर के उपदेश
हिरनगांव में जैन आचार्यों के सानिध्य में हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। हिरनगांव में भगवान महावीर स्वामी के पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन सोमवार को मुनिश्री महावीर का इंद्रों द्वारा भव्य एवं समवशरण बनाया गया। जहां तीर्थंकर महावीर ने उपदेश दिया। यह दृश्य को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। जयकारों से परिसर गूंज उठा।
सुबह भगवान के जिनाभिषेक पूजन किया गया। संजीव जैन एवं राजेंद्र जैन ने भगवान के चित्र का अनावरण किया। आचार्य सौभाग्य सागर, आचार्य सुरत्न सागर एवं आचार्य आदित्य सागर महाराज के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य आशीष जैन एवं कृष्णनेंद्र जैन को मिला। महावीर स्वामी की विधि मिलने पर जिन भक्तों द्वारा आहारचर्या कराई गई। दोपहर को मंच पर बने तीर्थंकर महावीर के विशाल समवशरण की रचना की गई।
आचार्य सौभाग्य सागर ने केवलज्ञान का महत्व को बताते हुए कहा कि भगवान महावीर को भी अपने जीवन की स्मृतियां के कारण केवलज्ञान प्राप्त करने में ज्यादा समय नहीं लगा । उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने अपने तप के बल पर केवलज्ञान प्राप्त किया। आचार्य ने हिरनगांव में नवनिर्मित विशालकाय भगवान महावीर की मूर्ति को मंत्र दिया। इस दौरान अरुण जैन, अतुल जैन, राजीव जैन, अंशुल जैन, आशीष जैन, संभव जैन उपस्थित रहे।
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हिरनगांव में जैन आचार्यों के सानिध्य में हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। हिरनगांव में भगवान महावीर स्वामी के पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन सोमवार को मुनिश्री महावीर का इंद्रों द्वारा भव्य एवं समवशरण बनाया गया। जहां तीर्थंकर महावीर ने उपदेश दिया। यह दृश्य को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। जयकारों से परिसर गूंज उठा।
सुबह भगवान के जिनाभिषेक पूजन किया गया। संजीव जैन एवं राजेंद्र जैन ने भगवान के चित्र का अनावरण किया। आचार्य सौभाग्य सागर, आचार्य सुरत्न सागर एवं आचार्य आदित्य सागर महाराज के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य आशीष जैन एवं कृष्णनेंद्र जैन को मिला। महावीर स्वामी की विधि मिलने पर जिन भक्तों द्वारा आहारचर्या कराई गई। दोपहर को मंच पर बने तीर्थंकर महावीर के विशाल समवशरण की रचना की गई।
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आचार्य सौभाग्य सागर ने केवलज्ञान का महत्व को बताते हुए कहा कि भगवान महावीर को भी अपने जीवन की स्मृतियां के कारण केवलज्ञान प्राप्त करने में ज्यादा समय नहीं लगा । उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने अपने तप के बल पर केवलज्ञान प्राप्त किया। आचार्य ने हिरनगांव में नवनिर्मित विशालकाय भगवान महावीर की मूर्ति को मंत्र दिया। इस दौरान अरुण जैन, अतुल जैन, राजीव जैन, अंशुल जैन, आशीष जैन, संभव जैन उपस्थित रहे।
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