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वाहन न मिलने से सैकड़ों किलोमीटर दूर से पैदल चलकर आ रहे लोग
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टूंडला सुभाष चौराहे से पैदल गुजरते लोग
- फोटो : TUNDLA
टूंडला। लॉक डाउन के बाद वाहनों के अभाव में लोग पैदल ही अपने घरों की ओर चल दिए हैं। रास्ते में न तो कोई वाहन मिल रहा है और न ही कोई अन्य साधन। फिर भी महामारी से बैखोफ होकर लोग पैदल सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं। इनसे खतरा बढ़ने की संभावनाएं भी अधिक हैं।
सड़कों पर चारों ओर सन्नाटा पसरा है। एक भी वाहन नहीं चल रहा। बाइक सवार भी बहुत ही ज्यादा इमरजेंसी में घर से निकल रहे हैं। ऐसे में टूंडला हाईवे पर काफी संख्या में लोग सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके अपने घरों की ओर पैदल जाते दिख रहे हैं। कोई इंदौर से एटा तो कोई रेवाड़ी से अलीगंज तक पैदल जा रहा है। लोगों ने बताया कि जहां हम नौकरी कर रहे थे। वहां भी खाने के लिए कुछ नहीं है।
नौकरी अब रही नहीं। सब फैक्टरियां और कंपनी बंद हो गई हैं। मालिकों ने भी काम न चलने के कारण रुपये देने से मना कर दिया है। ऐसे में वहां रहकर भी क्या करेंगे। वाहन नहीं चल रहे हैं तो फिर पैदल ही घर जाना पड़ेगा। वहां कम से कम भोजन तो मिल जाएगा। परिवार के साथ तो समय बिता लेंगे।
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हालांकि उपजिलाधिकारी टूंडला केपी सिंह तोमर ने लोगों की संख्या को देखते हुए रोडवेज बसों का इंतजाम कराया है। ऐसा ही नजारा पचोखरा थाने के गांव नगला दल में देखने को मिला। जहां काफी संख्या में लोग ऊंट बुग्गी, बाइक के अलावा पैदल चलकर घर जाने को मजबूर दिखाई दिए।
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सड़कों पर चारों ओर सन्नाटा पसरा है। एक भी वाहन नहीं चल रहा। बाइक सवार भी बहुत ही ज्यादा इमरजेंसी में घर से निकल रहे हैं। ऐसे में टूंडला हाईवे पर काफी संख्या में लोग सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके अपने घरों की ओर पैदल जाते दिख रहे हैं। कोई इंदौर से एटा तो कोई रेवाड़ी से अलीगंज तक पैदल जा रहा है। लोगों ने बताया कि जहां हम नौकरी कर रहे थे। वहां भी खाने के लिए कुछ नहीं है।
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नौकरी अब रही नहीं। सब फैक्टरियां और कंपनी बंद हो गई हैं। मालिकों ने भी काम न चलने के कारण रुपये देने से मना कर दिया है। ऐसे में वहां रहकर भी क्या करेंगे। वाहन नहीं चल रहे हैं तो फिर पैदल ही घर जाना पड़ेगा। वहां कम से कम भोजन तो मिल जाएगा। परिवार के साथ तो समय बिता लेंगे।
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हालांकि उपजिलाधिकारी टूंडला केपी सिंह तोमर ने लोगों की संख्या को देखते हुए रोडवेज बसों का इंतजाम कराया है। ऐसा ही नजारा पचोखरा थाने के गांव नगला दल में देखने को मिला। जहां काफी संख्या में लोग ऊंट बुग्गी, बाइक के अलावा पैदल चलकर घर जाने को मजबूर दिखाई दिए।