{"_id":"5d5c38188ebc3e6c9e07658d","slug":"light-problem-firozabad-news-agr401805911","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसफाबाद पर टूटा बिजली का तार, 12 मोहल्लों की बत्ती गुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आसफाबाद पर टूटा बिजली का तार, 12 मोहल्लों की बत्ती गुल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। आसफाबाद 220 बिजली घर के बाहर बिजली का तार टूटने से दो दर्जन मोहल्लों की बिजली गायब हो गई। जल्द सुबह बिजली नहीं आने से रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हुए। बिजली न आने से पानी का संकट भी गहरा गया। करीब 10 बजे के बाद विद्युत सप्लाई को सुचारु की जा सकी।
आसफाबाद बिजली घर पर गांधी पार्क बिजली घर को जाने वाला 33 केवीए का तार टूट गया। सुबह 5:30 बजे विद्युत सप्लाई बंद हो गई। नई बस्ती, बोहरान गली, स्टेशन रोड, करबला, सेलई, बर्फखाना, घंटाघर सहित अन्य क्षेत्रों में विद्युत संकट गहरा गया।
सुहाग नगरी बिजली घर पर भी सप्लाई बंद हो गई। हालांकि उसे उसायनी बिजली घर से जोड़ दिया गया। टीमें आसफाबाद बिजली घर पर तार को तोड़ने के लिए पहुंची। इसलिए एसएन फीडर एवं रैपुरा फीडर की विद्युत सप्लाई को भी बंद किया गया। इन क्षेत्रों में भी बिजली संकट गहरा गया। सुबह-सुबह बिजली जाने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। अधिकांश घरों में सुबह के समय पानी भरा जाता है, मगर बिजली न होने के कारण पेयजल संकट गहरा गया। दफ्तर एवं स्कूल जाने वाले लोगों को देरी हो गई। सुबह 10 बजे के बाद विद्युत सप्लाई को सुचारु किया जा सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
आसफाबाद बिजली घर पर गांधी पार्क बिजली घर को जाने वाला 33 केवीए का तार टूट गया। सुबह 5:30 बजे विद्युत सप्लाई बंद हो गई। नई बस्ती, बोहरान गली, स्टेशन रोड, करबला, सेलई, बर्फखाना, घंटाघर सहित अन्य क्षेत्रों में विद्युत संकट गहरा गया।
विज्ञापन
सुहाग नगरी बिजली घर पर भी सप्लाई बंद हो गई। हालांकि उसे उसायनी बिजली घर से जोड़ दिया गया। टीमें आसफाबाद बिजली घर पर तार को तोड़ने के लिए पहुंची। इसलिए एसएन फीडर एवं रैपुरा फीडर की विद्युत सप्लाई को भी बंद किया गया। इन क्षेत्रों में भी बिजली संकट गहरा गया। सुबह-सुबह बिजली जाने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। अधिकांश घरों में सुबह के समय पानी भरा जाता है, मगर बिजली न होने के कारण पेयजल संकट गहरा गया। दफ्तर एवं स्कूल जाने वाले लोगों को देरी हो गई। सुबह 10 बजे के बाद विद्युत सप्लाई को सुचारु किया जा सका।
विज्ञापन