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वकीलों की हड़ताल, तहसील-कचहरी में कामकाज ठप

Mon, 04 Jul 2016 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद Updated Mon, 04 Jul 2016 11:15 PM IST
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Lawyers' strike, sub-court stopped functioning
वकीलों की हड़ताल, तहसील-कचहरी में कामकाज ठप - फोटो : अमर उजाला
तहसील सदर में एसडीएम रवींद्र मादंड़ के साथ अभद्रता के आरोप में तहसील बार के पूर्व अध्यक्ष विजय प्रकाश यादव एवं उनके दो पुत्रों को जेल भेजने के विरोध में जिले भर के अधिवक्ताओं ने सोमवार को कामकाज ठप रखा। तहसीलों में मुकदमों की पैरवी से लेकर रजिस्ट्री का काम तक नहीं हुआ। बैनामा कराने वालेे बैरंग लौटने को मजबूर हो गए। जनपद न्यायालय से भी मुवक्किल बैरंग लौट गए। उन्होंने अधिवक्ता के साथ मारपीट करने वाले एसडीएम, होमगार्ड व स्टाफ के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने, निष्पक्ष जांच और स्थानांतरण की मांग की है।
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सोमवार को सुबह से अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायालय, सदर तहसील, शिकोहाबाद, टूंडला, जसराना एवं सिरसागंज में कामकाज ठप रखा। बैठक करके एसडीएम की कार्यप्रणाली की निंदा की। अधिवक्ताओं ने किसी मुकदमे की पैरवी तो दूर बल्कि बैनामा तक नहीं होने दिया।
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बार एसोसिएशन अध्यक्ष धर्म सिंह यादव एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसडीएम सदर रवींद्र मादंड़ के रवैये पर रोष व्यक्ति किया। उन्होंने कहा शिवप्रकाश जादौन के मामले में भी एसडीएम ने अधिवक्ताओं के साथ अशोभनीय व्यवहार किया था। सदर तहसील में धारा 143 आबादी घोषित करने में दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव के साथ एसडीएम, हमराही होमगार्ड ने अभद्रता की। एसडीएम ने विजय को चैंबर में डालकर पिटाई करते हुए गालीगलौज की। दबाव में मेडिकल तक नहीं होने दिया। उन्हें हवालात में बंद कराया। निहत्थे लोगों पर राइफल को लूटने का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले एसडीएम का स्थानांतरण होना चाहिए। एसडीएम के संरक्षण में सदर तहसील क्षेत्र के मटसेना, लाइनपार में अवैध खनन हो रहा है। यहां कभी भी हत्याएं हो सकती हैं। अधिवक्ता की तहरीर पर एसडीएम, स्टाफ के खिलाफ अभियोग दर्ज किए जाने, घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की। वकीलों ने ज्ञापन प्रशासन को देने के बजाय सीधे राज्यपाल को भेजा। महासचिव पंचम सिंह गुर्जर एडवोकेट, शीलेंद्र प्रताप सिंह, संजय पाठक, चंद्रवीर सिंह, राजेंद्र प्रसाद यादव, संजय प्रताप सिंह, धर्मेद्र यादव, अवनीश कुमार राठौर, रमेशचंद्र कुशवाह, शिवनारायण यादव के साथ अन्य अधिवक्ता शामिल थे।
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उधर सदर तहसील में तहसील बार, रेवैन्यू बार एसोसिएशन की भीकमपाल गौतम की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्व अध्यक्ष विजय प्रकाश यादव व उनके पुत्र ललितेश, पंकज को जेल भेजने की निंदा की। अधिवक्ताओं ने टूंडला विधायक राकेश बाबू एडवोकेट के बयान की निंदा की। तहसील प्रांगण में धारा 144 लागू किए जाने का विरोध किया। बैठक का संचालन शिवमोहन शर्मा एडवोकेट ने किया। तहसील बार के अध्यक्ष रामवीर सिंह यादव, मुनेशपाल सिंह अध्यक्ष रेवेन्यू बार, राजेंद्र बघेल, अतिवीर सिंह, अशोक शर्मा, श्रीकृष्ण यादव थे।
जसराना में अधिवक्ता कलमबंद हड़ताल पर रहे। बार एसोसिएशन अध्यक्ष नीलकमल यादव ने चेतावनी दी जब तक मांगों को नहीं माना जाएगा तब तक हड़ताल रहेगी। भुवनेश यादव, विद्याबागीश उपाध्याय, रमेशचंद्र यादव, अजब सिंह, कृपाल सिंह, ओमकार सिंह यादव थे।



न्यायालय के बाहर तैनात रहा फोर्स
अधिवक्ताओं के आंदोलन को देख जिला न्यायालय के बाहर पुलिस व पीएसी तैनात रही। न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के मध्य चल रहे मंथन पर भी एलआईयू की टीम निगरानी कर रही थी।
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