{"_id":"61d1ae886702da3e746c69f0","slug":"last-farewell-to-crpf-jawan-firozabad-news-agr5199013167","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीआरपीएफ जवान को दी अंतिम विदाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीआरपीएफ जवान को दी अंतिम विदाई
विज्ञापन
सीआरपीएफ जवान को दी अंतिम विदाई
शिकोहाबाद। झारखंड में सीआरपीएफ तैनात नगर के युवक का शव शनिवार देर रात गांव पहुंचा। जवान ने खुद को गोली मार ली थी। शव पहुंचते ही परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं रातभर ग्रामीण जमा रहे। उन्होंने जांच की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। पुलिस के समझाने पर सब शांत हुए। सुबह गंगा श्मशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
नगर के गंगा नगर निवासी युवक दिलीप नक्सल प्रभावित लोहरदगा झारखंड के पेशरार थाना क्षेत्र के चैनपुर पिकेट पर तैनात था। शनिवार रात किन्हीं कारणों से उसने अपनी इंसास राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। शनिवार देर रात दिलीप का शव गांव पहुंचा। मृतका की पत्नी और परिवार के लोगों का कहना था कि दिलीप आत्महत्या नहीं कर सकता। उसके साथ कोई घटना घटित हुई है। ग्रामीणों ने जांच की मांग को लेकर हंगामा किया और दिलीप को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग की। पुलिस ने उन्हें समझा बुझाकर शांत किया। सुबह सीआरपीएफ के जवानों ने दिलीप को अंतिम विदाई दी। मुखाग्नि मृतक के दस वर्षीय बेटे तन्मय ने दी। यह देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन
शिकोहाबाद। झारखंड में सीआरपीएफ तैनात नगर के युवक का शव शनिवार देर रात गांव पहुंचा। जवान ने खुद को गोली मार ली थी। शव पहुंचते ही परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं रातभर ग्रामीण जमा रहे। उन्होंने जांच की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। पुलिस के समझाने पर सब शांत हुए। सुबह गंगा श्मशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
नगर के गंगा नगर निवासी युवक दिलीप नक्सल प्रभावित लोहरदगा झारखंड के पेशरार थाना क्षेत्र के चैनपुर पिकेट पर तैनात था। शनिवार रात किन्हीं कारणों से उसने अपनी इंसास राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। शनिवार देर रात दिलीप का शव गांव पहुंचा। मृतका की पत्नी और परिवार के लोगों का कहना था कि दिलीप आत्महत्या नहीं कर सकता। उसके साथ कोई घटना घटित हुई है। ग्रामीणों ने जांच की मांग को लेकर हंगामा किया और दिलीप को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग की। पुलिस ने उन्हें समझा बुझाकर शांत किया। सुबह सीआरपीएफ के जवानों ने दिलीप को अंतिम विदाई दी। मुखाग्नि मृतक के दस वर्षीय बेटे तन्मय ने दी। यह देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन